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Bhopal: गरबा पंडालों में लगे पोस्टर,जिहादियों को आना मना,धीरेन्द्र शास्त्री बोले-प्रवेश द्वार पर रखें गौमूत्र
Mon, 22 Sep 2025 10:23 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 22 Sep 2025 10:23 PM IST
सार
भोपाल में श्रीकृष्ण सेवा समिति ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर चेतावनी जारी की है। वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर कहा कि जैसे हिंदू समुदाय हज यात्रा में भाग नहीं लेता, वैसे ही मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए। इधर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके मुताबिक, बिना आईडी प्रूफ यानी, पहचान पत्र के किसी को भी गरबा पंडाल में एंट्री नहीं दी जाएगी।
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श्रीकृष्ण सेवा समिति ने गरबा पंडाल में पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा उत्सवों को लेकर सनातनी संगठनों का सख्त रुख देखने को मिल रहा है। भोपाल में श्रीकृष्ण सेवा समिति ने गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई गैर-हिंदू गरबा में आता है, तो उसकी 'घर वापसी' कराई जाएगी और उसे गंगाजल पिलाकर गौमूत्र छिड़का जाएगा। इसके अलावा, समिति के कार्यकर्ता हाथों में लठ्ठ लेकर पंडालों पर तैनात रहेंगे और "जिहादियों की उचित व्यवस्था" करने का संदेश दिया गया है। वहीं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर कहा कि जैसे हिंदू समुदाय हज यात्रा में भाग नहीं लेता, वैसे ही मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए। शास्त्री ने गरबा आयोजकों से अपील की है कि वे प्रवेश द्वार पर गौमूत्र रखें, जो हिंदू परंपरा में पवित्र माना जाता है। उनका कहना है कि इससे केवल सच्चे भक्त ही गरबा में प्रवेश कर पाएंगे।
गाइडलाइन जारी
इधर शाम को भोपाल में गरबा को लेकर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके मुताबिक, बिना आईडी प्रूफ यानी, पहचान पत्र के किसी को भी गरबा पंडाल में एंट्री नहीं दी जाएगी। वहीं, सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाया जाना जरूरी है।
गाइडलाइन में यह
-गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र और सत्यापन किए बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नहीं देगी।
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-आयोजन समिति कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरा जरूर लगाएगी।
-गरबा स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था हो।
-प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना भी अनिवार्य होगा।
-किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु/धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग/प्रदर्शन कर सकेगा।
- बिजली लाइन से संबंधित सभी सुरक्षा उपाय भी जरूरी होंगे।
गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए संगठनों के नियम
1- माथे पर तिलक और हाथों में कलावा: गरबा पंडाल में प्रवेश करने वालों को माथे पर तिलक और हाथों में कलावा पहनना अनिवार्य होगा।
2- आधार कार्ड की जांच: प्रवेश करने वालों की पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड की जांच की जाएगी।
3- गंगाजल और गौमूत्र का आचमन: कुछ पंडालों में प्रवेश करने से पहले गंगाजल और गौमूत्र का आचमन करना अनिवार्य होगा।
4- वराह देवता और मां दुर्गा की तस्वीर को नमन: प्रवेश करने वालों को वराह देवता और मां दुर्गा की तस्वीर को नमन करना होगा।
यह भी पढ़ें-एम्स की बड़ी उपलब्धि, मात्र 30 मिनट में स्टेंट से बंद किया दिल का छेद, नहीं लगाना पड़ा बड़ा चीरा
इसलिए लगाए गाए पोस्टर
श्री कृष्ण सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल तोमर ने कहा कि जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं, मां-बहनों का सम्मान करते हैं, देवी को देवी मानते हैं, उनका स्वागत है। परंपराओं का अपमान करने वालों को रोकने के लिए यह नियम बनाए गए हैं। पंडाल के बाहर युवकों को लाठी-डंडों के साथ खड़ा देखा गया। जो हमारी मां बहनों को अपनी मां बहन की तरह पूजे, माने और देवी को देवी माने उसकी यहां एंट्री है। जो गंगाजल पीता है, जो कलावा बांधता है, जो तिलक लगाता है, जो वराह देवता को प्रणाम कर सकता है, उन सभी का सनातन में स्वागत है। ऐसा नहीं होने पर आप अगर पकड़ा जाते हैं तो आपको हम सनातन वापस लाएंगे और नहीं आते हैं तो आप ने यह देखा है जूते चप्पल लठ सबसे उनका स्वागत किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-भोपाल में सजे माता के दरबार, धूमधाम से हो रहा माता स्वागत, रात भर निकले जुलूस, जाने कहां क्या है खास
राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सनातन परंपरा का पवित्र त्योहार है। जबकि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बीजेपी पर धार्मिक ध्रुवीकरण की साजिश का आरोप लगाया और कहा कि गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की मांग गलत है।
गरबा पंडालों में गौ मूत्र रखें- बाबा बागेश्वर
नवदुर्गा में गरबा में मुसलमानों की नो एंट्री के बीच मचे बबाल पर अब बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री हो गई है। उन्होंने छतरपुर के लवकुशनगर में बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि जब हम उनके हज यात्रा में नहीं जाते हैं तो उनको भी हमारे माता की आराधना गरबा में नहीं आना चाहिए, उन्होंने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए गरबा संचालकों से मांग की है कि उन्हे गरबा की एंट्री वाले गेट पर गौमूत्र रखना चाहिए।
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गाइडलाइन जारी
इधर शाम को भोपाल में गरबा को लेकर जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके मुताबिक, बिना आईडी प्रूफ यानी, पहचान पत्र के किसी को भी गरबा पंडाल में एंट्री नहीं दी जाएगी। वहीं, सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाया जाना जरूरी है।
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गाइडलाइन में यह
-गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र और सत्यापन किए बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नहीं देगी।
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-आयोजन समिति कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरा जरूर लगाएगी।
-गरबा स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था हो।
-प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना भी अनिवार्य होगा।
-किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु/धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग/प्रदर्शन कर सकेगा।
- बिजली लाइन से संबंधित सभी सुरक्षा उपाय भी जरूरी होंगे।
गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए संगठनों के नियम
1- माथे पर तिलक और हाथों में कलावा: गरबा पंडाल में प्रवेश करने वालों को माथे पर तिलक और हाथों में कलावा पहनना अनिवार्य होगा।
2- आधार कार्ड की जांच: प्रवेश करने वालों की पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड की जांच की जाएगी।
3- गंगाजल और गौमूत्र का आचमन: कुछ पंडालों में प्रवेश करने से पहले गंगाजल और गौमूत्र का आचमन करना अनिवार्य होगा।
4- वराह देवता और मां दुर्गा की तस्वीर को नमन: प्रवेश करने वालों को वराह देवता और मां दुर्गा की तस्वीर को नमन करना होगा।
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इसलिए लगाए गाए पोस्टर
श्री कृष्ण सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल तोमर ने कहा कि जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं, मां-बहनों का सम्मान करते हैं, देवी को देवी मानते हैं, उनका स्वागत है। परंपराओं का अपमान करने वालों को रोकने के लिए यह नियम बनाए गए हैं। पंडाल के बाहर युवकों को लाठी-डंडों के साथ खड़ा देखा गया। जो हमारी मां बहनों को अपनी मां बहन की तरह पूजे, माने और देवी को देवी माने उसकी यहां एंट्री है। जो गंगाजल पीता है, जो कलावा बांधता है, जो तिलक लगाता है, जो वराह देवता को प्रणाम कर सकता है, उन सभी का सनातन में स्वागत है। ऐसा नहीं होने पर आप अगर पकड़ा जाते हैं तो आपको हम सनातन वापस लाएंगे और नहीं आते हैं तो आप ने यह देखा है जूते चप्पल लठ सबसे उनका स्वागत किया जाएगा।
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राजनीतिक प्रतिक्रिया
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सनातन परंपरा का पवित्र त्योहार है। जबकि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बीजेपी पर धार्मिक ध्रुवीकरण की साजिश का आरोप लगाया और कहा कि गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की मांग गलत है।
गरबा पंडालों में गौ मूत्र रखें- बाबा बागेश्वर
नवदुर्गा में गरबा में मुसलमानों की नो एंट्री के बीच मचे बबाल पर अब बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री हो गई है। उन्होंने छतरपुर के लवकुशनगर में बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि जब हम उनके हज यात्रा में नहीं जाते हैं तो उनको भी हमारे माता की आराधना गरबा में नहीं आना चाहिए, उन्होंने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए गरबा संचालकों से मांग की है कि उन्हे गरबा की एंट्री वाले गेट पर गौमूत्र रखना चाहिए।
