{"_id":"6a8c3ed1dfb4de0cd503ddf5","slug":"bhopal-news-robotic-surgery-arrives-at-bmhrc-surgeons-gain-hands-on-experience-with-the-technology-at-a-mobi-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: बीएमएचआरसी में रोबोटिक सर्जरी की दस्तक,मोबाइल सेंटर में सर्जनों ने लिया तकनीक का व्यावहारिक अनुभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: बीएमएचआरसी में रोबोटिक सर्जरी की दस्तक,मोबाइल सेंटर में सर्जनों ने लिया तकनीक का व्यावहारिक अनुभव
Mon, 24 Aug 2026 06:25 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 24 Aug 2026 06:25 PM IST
सार
बीएमएचआरसी में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी को लेकर विशेष जागरूकता एवं अनुभव कार्यक्रम हुआ। इंट्यूटिव के मोबाइल एक्सपीरियंस सेंटर के जरिए चिकित्सकों ने दा विंची सर्जिकल प्रणाली, वास्तविक समय दृश्यांकन, बहु-दिशात्मक पहुंच और उन्नत उपकरणों की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।
विज्ञापन
बीएमएचआरसी में रोबोटिक सर्जरी तकनीक को समझते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी के भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में अब आधुनिक रोबोटिक सर्जरी तकनीक को लेकर चिकित्सकों की समझ बढ़ाने की दिशा में पहल शुरू हुई है। अस्पताल में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी पर जागरूकता और अनुभव कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सर्जनों को अत्याधुनिक तकनीक का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। अमेरिका की कंपनी इंट्यूटिव का मोबाइल एक्सआई एक्सपीरियंस सेंटर बीएमएचआरसी पहुंचा। इस मोबाइल केंद्र के जरिए चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली तकनीक, उपकरणों और संभावित चिकित्सकीय उपयोगों की जानकारी दी गई।
अलग-अलग विभागों के सर्जनों ने समझी तकनीक
कार्यक्रम में यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, उदर शल्य चिकित्सा, हृदय एवं वक्ष शल्य चिकित्सा और कैंसर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शारिक उल हसन, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप सोरते, उदर शल्य चिकित्सा के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद वर्मा, कार्डियक एवं थोरोसिक सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गिरिराज गर्ग और कैंसर सर्जरी के सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम समेत अन्य सर्जनों ने रोबोटिक सर्जरी की तकनीक और उपकरणों को करीब से समझा।
यह भी पढ़ें-भोपाल का 90 डिग्री वाला विवादित ब्रिज: शुरू हुआ तो डेढ़ लाख लोगों का चक्कर बचेगा, रोज 3 लाख आवाजाही को राहत
विज्ञापन
दा विंची प्रणाली की खूबियों से कराया परिचित
चिकित्सकों को इंट्यूटिव की दा विंची सर्जिकल प्रणाली की तकनीकी क्षमताओं के बारे में बताया गया। इसमें बहु-दिशात्मक पहुंच, वास्तविक समय में दृश्यांकन और उन्नत उपकरणों जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई। सर्जनों को यह भी समझाया गया कि जटिल कोमल ऊतक संबंधी शल्य प्रक्रियाओं में रोबोटिक तकनीक का किस तरह संभावित उपयोग किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें-शिक्षक भर्ती पदवृद्धि पर अड़े अभ्यर्थीः 4 दिन से अन्य-जल छोड़ कर बैठे नरेंद्र की हालत बिगड़ी, बोले तड़प रहे
नई तकनीक को समझना जरूरी
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे कार्यक्रम चिकित्सकों को नई तकनीकों की क्षमताओं, सीमाओं और संभावित उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
विज्ञापन
अलग-अलग विभागों के सर्जनों ने समझी तकनीक
कार्यक्रम में यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, उदर शल्य चिकित्सा, हृदय एवं वक्ष शल्य चिकित्सा और कैंसर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शारिक उल हसन, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप सोरते, उदर शल्य चिकित्सा के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद वर्मा, कार्डियक एवं थोरोसिक सर्जरी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गिरिराज गर्ग और कैंसर सर्जरी के सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम समेत अन्य सर्जनों ने रोबोटिक सर्जरी की तकनीक और उपकरणों को करीब से समझा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-भोपाल का 90 डिग्री वाला विवादित ब्रिज: शुरू हुआ तो डेढ़ लाख लोगों का चक्कर बचेगा, रोज 3 लाख आवाजाही को राहत
विज्ञापन
दा विंची प्रणाली की खूबियों से कराया परिचित
चिकित्सकों को इंट्यूटिव की दा विंची सर्जिकल प्रणाली की तकनीकी क्षमताओं के बारे में बताया गया। इसमें बहु-दिशात्मक पहुंच, वास्तविक समय में दृश्यांकन और उन्नत उपकरणों जैसी सुविधाओं की जानकारी दी गई। सर्जनों को यह भी समझाया गया कि जटिल कोमल ऊतक संबंधी शल्य प्रक्रियाओं में रोबोटिक तकनीक का किस तरह संभावित उपयोग किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें-शिक्षक भर्ती पदवृद्धि पर अड़े अभ्यर्थीः 4 दिन से अन्य-जल छोड़ कर बैठे नरेंद्र की हालत बिगड़ी, बोले तड़प रहे
नई तकनीक को समझना जरूरी
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे कार्यक्रम चिकित्सकों को नई तकनीकों की क्षमताओं, सीमाओं और संभावित उपयोग को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि बीएमएचआरसी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
