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Bhopal News: फर्जी फैकल्टी के सहारे चल रहा अस्पताल, विभाग ने दिए एफआईआर और मान्यता रद्द करने के निर्देश

Thu, 07 May 2026 06:38 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 07 May 2026 06:38 PM IST
सार

भोपाल के मल्टीकेयर हॉस्पिटल में फर्जी फैकल्टी और अनियमितताओं के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। विभाग ने अस्पताल की मान्यता निरस्त करने, संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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Bhopal News: Hospital Operating with Fake Faculty; Health Department Orders FIR and Cancellation
मल्टीकेयर हॉस्पिटल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मल्टीकेयर हॉस्पिटल को लेकर सामने आई गंभीर शिकायतों के बाद लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभाग की अवर सचिव ने स्वास्थ्य आयुक्त को अस्पताल की जांच कर मान्यता निरस्त करने, संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने को कहा है। मामला एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अस्पताल को फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संचालन की अनुमति दी गई और कागजों में डॉक्टरों व स्टाफ की फर्जी जानकारी दिखाकर अस्पताल चलाया जा रहा था।
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फर्जी रिपोर्ट बनाकर दी गई अनुमति 
शिकायत के मुताबिक सीएमएचओ कार्यालय के जिला क्षय अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भारती चौकसे की मिलीभगत से अस्पताल के पक्ष में निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई। आरोप है कि वास्तविक व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं होने के बावजूद अस्पताल को संचालन की मंजूरी दे दी गई। यह भी दावा किया गया कि अस्पताल में कई डॉक्टरों और स्टाफ के नाम सिर्फ दस्तावेजों में दर्ज थे, जबकि मौके पर जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
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मरीजों की जान से खिलवाड़ का आरोप
शिकायत में अस्पताल प्रबंधन पर मरीजों की सुरक्षा के साथ लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। साथ ही आयुष्मान योजना में भी बड़े स्तर पर अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका जताई गई है। आरोप है कि अस्पताल फर्जी दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा था।
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स्वास्थ्य विभाग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय स्तर पर अस्पताल की मान्यता, दस्तावेज, निरीक्षण प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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निजी अस्पतालों पर फिर उठे सवाल
इस मामले के बाद राजधानी में संचालित कई निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कई अस्पताल नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी समय पर कार्रवाई नहीं कर रहे। एनएसयूआई नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।


 
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