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Bhopal News: तीसरी से लेकर LLB पास बदमाशों ने साइबर जालसाजों को 40 बैंक खाते बेचे, क्रिप्टो में बदलते थे रकम
Wed, 26 Mar 2025 11:15 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 26 Mar 2025 11:15 PM IST
सार
भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक गिरोह का खुलासा किया, जो ऑनलाइन जॉब के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर जालसाजों को बेचता था। आरोपी तीसरी पास से लेकर बीए, एलएलबी छात्र तक थे। करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जिसमें तीसरी कक्षा पास से लेकर आठवीं और बीए, एलएलबी के छात्र भी शामिल हैं। ये सभी ऑनलाइन जॉब के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाते और मोटी रकम लेकर साइबर जालसाजों को ये खाते बेच देते थे। क्राइम ब्रांच ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर साइबर जालसाजों को 40 बैंक खाते बेचने का खुलासा किया है। आरोपियों से पूछताछ में साइबर जालसजों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
एडीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ये बदमाश भोले-भाले ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर बैंक में खाते खुलवाते और साइबर जालसाजों को बेच देते थे। कुछ बदमाशों ने ऑनलाइन जॉब के नाम पर लोगों से खाते खुलवाए और साइबर जालसाजों को बेच दिए। तीसरी पास आरोपी ने पैसों के लिए खुद का एक बैंक खाता भी साइबर जालसाजों को किराए पर दे दिया है।
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करोड़ों का लेनदेन
उन्होंने बताया कि जांच के बाद रोहित जायसवाल निवासी देवास को पकड़ा और पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह ठगी गई रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलने का कार्य करता है। वह देशभर के ठगों को किराये पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिसके बदले में उसे पांच से सात हजार रुपये प्रति बैंक खाता साइबर फ्रॉड करने वाले बाहरी बदमाश उपलब्ध कराते थे। चौहान ने बताया कि आरोपियों को बेचे गए बैंक खातों से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका है। इन बैंक खातों की गहनता से जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि इन बैंक खातों से विदेशों में कितना ट्रांजेक्शन किया गया है।
ये भी पढ़ें- पांच साल में बजट दोगुना करेंगे, नया टैक्स नहीं लगाएंगे,CM ने कहा- हरसंभव तरीके से जनता की आय बढ़ाएंगे
ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगा
एडीसीपी चौहान ने बताया कि नेहरू नगर निवासी अरुण प्रकाश चौधरी ने अक्टूबर महीने में शिकायत की थी कि उनके बैंक खाते से 16.70 लाख रुपये की ठगी हो गई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगों ने मोबाइल में लिंक भेजकर एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा और घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बहाने डिटेल प्राप्त की और रकम ठग ली। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो रोहित जायसवाल निवासी देवास पकड़ा गया। रोहित की निशानदेही पर उज्जैन निवासी बीए पास नीतेश चौहान और मंदसौर निवासी आठवीं पास कुलदीप मेघवाल को पकड़ा। ये दोनों कमीशन लेकर लोगों के बैंक खाते खुलवाते और रोहित के जरिए जालसाजों को बेचते थे। इसी गिरोह में उज्जैन निवासी लाल सिंह भी शामिल है। वह कक्षा तीसरी तक पढ़ा है। उसने तो अपना बैंक खाता ही कमीशन लेकर ठगों को किराये पर दे रखा है। पुलिस गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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एडीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ये बदमाश भोले-भाले ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर बैंक में खाते खुलवाते और साइबर जालसाजों को बेच देते थे। कुछ बदमाशों ने ऑनलाइन जॉब के नाम पर लोगों से खाते खुलवाए और साइबर जालसाजों को बेच दिए। तीसरी पास आरोपी ने पैसों के लिए खुद का एक बैंक खाता भी साइबर जालसाजों को किराए पर दे दिया है।
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करोड़ों का लेनदेन
उन्होंने बताया कि जांच के बाद रोहित जायसवाल निवासी देवास को पकड़ा और पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह ठगी गई रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलने का कार्य करता है। वह देशभर के ठगों को किराये पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिसके बदले में उसे पांच से सात हजार रुपये प्रति बैंक खाता साइबर फ्रॉड करने वाले बाहरी बदमाश उपलब्ध कराते थे। चौहान ने बताया कि आरोपियों को बेचे गए बैंक खातों से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका है। इन बैंक खातों की गहनता से जांच की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि इन बैंक खातों से विदेशों में कितना ट्रांजेक्शन किया गया है।
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ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगा
एडीसीपी चौहान ने बताया कि नेहरू नगर निवासी अरुण प्रकाश चौधरी ने अक्टूबर महीने में शिकायत की थी कि उनके बैंक खाते से 16.70 लाख रुपये की ठगी हो गई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन जॉब के नाम पर ठगों ने मोबाइल में लिंक भेजकर एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा और घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बहाने डिटेल प्राप्त की और रकम ठग ली। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो रोहित जायसवाल निवासी देवास पकड़ा गया। रोहित की निशानदेही पर उज्जैन निवासी बीए पास नीतेश चौहान और मंदसौर निवासी आठवीं पास कुलदीप मेघवाल को पकड़ा। ये दोनों कमीशन लेकर लोगों के बैंक खाते खुलवाते और रोहित के जरिए जालसाजों को बेचते थे। इसी गिरोह में उज्जैन निवासी लाल सिंह भी शामिल है। वह कक्षा तीसरी तक पढ़ा है। उसने तो अपना बैंक खाता ही कमीशन लेकर ठगों को किराये पर दे रखा है। पुलिस गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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