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MP News: भोपाल में आरएसएस के अध्ययन में बड़ा खुलासा, मुस्लिम बाहुल्य इलाके से हिंदू परिवार कर रहे पलायन
Wed, 26 Mar 2025 08:44 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, भोपाल, मध्य प्रदेश
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 26 Mar 2025 08:44 PM IST
सार
राजधानी भोपाल के मुस्लिम बाहुल्य इलाके से हिंदूओं का पलायन हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अध्ययन रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। वहीं, इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि यह रिपोर्ट सही है तो यह प्रदेश की भाजपा सरकार की बड़ी नाकामी है।
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आरएसएस
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
राजधानी भोपाल के पुराने शहर यानी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से हिंदूओं का तेजी से पलायन हो रहा है। यह खुलासा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अध्ययन रिपोर्ट में हुआ है। संघ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। उसने मध्यभारत क्षेत्र में एक व्यापक सामाजिक अध्ययन किया है। इस अध्ययन के दौरान 103 प्रकार की समस्याओं की पहचान की गई है, जो प्रत्येक जिले के हिसाब से अलग-अलग हैं। संघ के अनुसार भोपाल के पुराने शहर में जनसंख्या संरचना में तेजी से बदलावा देखने को मिला है। पिछले तीन दशकों में करीब तीन हजार हिंदू परिवारों ने अपने मकानबेचे, जिन्हें दूसरे समुदायों के लोगों ने खरीदा है। इस बदलाव को लेकर संघ ने चिंता जताई है और इसे सामाजिक संतुलन में बदलाव का संकेत बताया है।
संघ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के शाहजहानाबाद, मंगलवारा, बुधवारा, कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, कबाड़खाना, टीलाजमालपुरा, चौकसेनगर और ग्रीन पार्क कॉलोनी में हिंदू परिवारों की संख्या में गिरावट आई है। जिसके अनुसार कोहेफिजा में 1990 में हिंदू-मुस्लिम अनुपात 80:20 था, यानी हर 100 परिवारों में 80 हिंदू और 20 अन्य धर्मों के लोग थे। लेकिन अब यह अनुपात 30:70 हो गया है। वहीं, शाहजहानाबाद, मंगलवारा और बुधवारा में भी 1990 में आबादी अनुपात 80:20 था, जो अब घटकर 30:70 रह गया है। किराए पर रहने वाले कई हिंदू परिवार भी पुराने भोपाल से नई बसाहटों की ओर जा रहे हैं।
हमने पयायल रोकने की कोशिश की
आरएसएस के मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे संघ का मानना है कि पुराने शहरों में जनसंख्या संतुलन में हो रहे बदलाव पर समाज को विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमने इसको रोकने की कोशिश की और सुरक्षा का भाव जगाने की कोशिश की। हमारी कोशिश लगातार जारी है। हिंदूओं में पलायन का भाव पैदा नहीं होना चाहिए।
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समाज के लोग ऐसे लोगों से संवाद बनाए
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संघ की रिपोर्ट जमीनी हकीकत है। समाज के लोगों को ऐसे व्यक्तियों से संवाद बनाना चाहिए, जिनके ऐसी आबादी के बीच घर हैं। यदि किसी को कोई समस्या या दिक्कत है, तो उसे सामने लाना चाहिए। किसी को भी दबाव डालकर मकान बेचने मजबूर करने नहीं दिया जाएगा। शासन और प्रशासन भी अपना काम करेगा। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, और हम सभी को इस पर ध्यान देना होगा।
आरएसएस ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया
कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफीज ने आरएसएस की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और अगर इस रिपोर्ट को मान लिया जाए तो यह भाजपा सरकार के लिए एक बड़ी नाकामी है। इसके अलावा, भोपालवासी होने के नाते उन्होंने कहा कि पुराने भोपाल से पलायन की समस्या धार्मिक नहीं है, बल्कि यह बेहतर जीवन की तलाश में नए भोपाल की तरफ शिफ्ट होने का एक परिणाम है। कई कार्यालयों और सुविधाओं का स्थानांतरण भी नए भोपाल की ओर हुआ है। हफीज ने यह भी चिंता जताई कि मुस्लिम समुदाय के लोग नए भोपाल की तरफ क्यों नहीं जा रहे हैं। उन्होंने इसे 1992 के दंगों के बाद बढ़ते विभाजन और सरकार द्वारा नफरत फैलाने के प्रयासों का परिणाम बताया। हफीज ने कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अगर कोई है, तो वह केवल प्रदेश की सरकार है।
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संघ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के शाहजहानाबाद, मंगलवारा, बुधवारा, कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, कबाड़खाना, टीलाजमालपुरा, चौकसेनगर और ग्रीन पार्क कॉलोनी में हिंदू परिवारों की संख्या में गिरावट आई है। जिसके अनुसार कोहेफिजा में 1990 में हिंदू-मुस्लिम अनुपात 80:20 था, यानी हर 100 परिवारों में 80 हिंदू और 20 अन्य धर्मों के लोग थे। लेकिन अब यह अनुपात 30:70 हो गया है। वहीं, शाहजहानाबाद, मंगलवारा और बुधवारा में भी 1990 में आबादी अनुपात 80:20 था, जो अब घटकर 30:70 रह गया है। किराए पर रहने वाले कई हिंदू परिवार भी पुराने भोपाल से नई बसाहटों की ओर जा रहे हैं।
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हमने पयायल रोकने की कोशिश की
आरएसएस के मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे संघ का मानना है कि पुराने शहरों में जनसंख्या संतुलन में हो रहे बदलाव पर समाज को विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमने इसको रोकने की कोशिश की और सुरक्षा का भाव जगाने की कोशिश की। हमारी कोशिश लगातार जारी है। हिंदूओं में पलायन का भाव पैदा नहीं होना चाहिए।
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समाज के लोग ऐसे लोगों से संवाद बनाए
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संघ की रिपोर्ट जमीनी हकीकत है। समाज के लोगों को ऐसे व्यक्तियों से संवाद बनाना चाहिए, जिनके ऐसी आबादी के बीच घर हैं। यदि किसी को कोई समस्या या दिक्कत है, तो उसे सामने लाना चाहिए। किसी को भी दबाव डालकर मकान बेचने मजबूर करने नहीं दिया जाएगा। शासन और प्रशासन भी अपना काम करेगा। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, और हम सभी को इस पर ध्यान देना होगा।
आरएसएस ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया
कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफीज ने आरएसएस की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और अगर इस रिपोर्ट को मान लिया जाए तो यह भाजपा सरकार के लिए एक बड़ी नाकामी है। इसके अलावा, भोपालवासी होने के नाते उन्होंने कहा कि पुराने भोपाल से पलायन की समस्या धार्मिक नहीं है, बल्कि यह बेहतर जीवन की तलाश में नए भोपाल की तरफ शिफ्ट होने का एक परिणाम है। कई कार्यालयों और सुविधाओं का स्थानांतरण भी नए भोपाल की ओर हुआ है। हफीज ने यह भी चिंता जताई कि मुस्लिम समुदाय के लोग नए भोपाल की तरफ क्यों नहीं जा रहे हैं। उन्होंने इसे 1992 के दंगों के बाद बढ़ते विभाजन और सरकार द्वारा नफरत फैलाने के प्रयासों का परिणाम बताया। हफीज ने कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार अगर कोई है, तो वह केवल प्रदेश की सरकार है।
