फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Complaints of pressure in the name of books and uniforms in Bhopal, now schools will be monitored

MP News: भोपाल में किताब-यूनिफॉर्म के नाम पर दबाव की शिकायतें, अब स्कूलों की होगी निगरानी, बनाया जांच दल

Sat, 28 Feb 2026 09:15 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 28 Feb 2026 09:15 AM IST
सार

राजधानी में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर तय दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाए जाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों को विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने का अधिकार नहीं है।
 

विज्ञापन
Bhopal News: Complaints of pressure in the name of books and uniforms in Bhopal, now schools will be monitored
छात्रों के यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव होगा खत्म। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर तय दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाए जाने की शिकायतों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कई अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अप्रत्यक्ष रूप से संकेत देते हैं कि पाठ्य सामग्री निर्धारित स्थान से ही ली जाए, जिससे बाजार में विकल्प होने के बावजूद मजबूरी में महंगी खरीदारी करनी पड़ती है।
विज्ञापन


स्कूल संचालको पर होगी सख्त कार्रवाई
स्थिति को गंभीर मानते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि किसी भी अशासकीय विद्यालय को अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से पुस्तक, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने का अधिकार नहीं है। आदेश में कहा गया है कि यदि इस प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय के विरुद्ध मान्यता अधिनियम 2017 और नियम 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-फरवरी में चार बार पलटा एमपी का मौसम, मार्च में भी दिखेगा असर, पारा 34 डिग्री पार
विज्ञापन
विज्ञापन


एसडीएम के नेतृत्व में जांच दल गठित
आदेश के तहत आठ अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) के निर्देशन में जांच दल गठित किए गए हैं। हर दल में संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। ये टीमें स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं का आकस्मिक निरीक्षण करेंगी, पुस्तकों के आईएसबीएन नंबरों की पुष्टि करेंगी और निजी विद्यालय फीस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार फीस वसूली की जानकारी भी एकत्र करेंगी। प्रतिदिन की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।


यह भी पढ़ें-साइबर ठगों ने शिक्षक के खाते से लाखों निकाले, क्रिप्टो करेंसी का लालच देकर उड़ाए डेढ़ लाख

नियमों की अवहेलना पाए होगी दंडात्मक कार्रवाई
आदेश में यह भी उल्लेख है कि जांच तत्काल प्रभाव से लागू रहेगी और किसी भी स्तर पर नियमों की अवहेलना पाए जाने पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शहर में शिक्षा की बढ़ती लागत के बीच यह कदम अभिभावकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच दल की कार्रवाई से जमीनी स्तर पर स्कूलों की कार्यप्रणाली में कितनी पारदर्शिता आती है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed