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Bhopal News: पुस्तक लंडनच्या आजीबाई पर स्पर्धा आयोजित, भोपाल केंद्र पर बड़ी संख्या मराठी पाठकों ने लिया भाग
Sun, 22 Sep 2024 08:30 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 22 Sep 2024 08:30 PM IST
सार
प्रतियोगिता का आयोजन भोपाल सहित 25 केंद्रों पर किया गया, जिसमें इस वर्ष की चयनित पुस्तक "लंडनच्या आजीबाई" थी। मध्यप्रदेश मराठी अकादमी द्वारा आयोजित इस वाचक स्पर्धा का उद्देश्य मराठी भाषा के साहित्य को प्रोत्साहन देना और पाठकों के बीच इसे लोकप्रिय बनाना है।
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भोपाल केंद्र पर परीक्षा देते मराठी पाठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश मराठी अकादमी द्वारा मराठी भाषी साहित्यकार कल्पना शुद्ध वैशाख की स्मृति में आयोजित वार्षिक वाचक स्पर्धा में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में मराठी पाठकों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन भोपाल सहित प्रदेश के 25 केंद्रों पर किया गया, जिसमें इस वर्ष की चयनित पुस्तक "लंडनच्या आजीबाई" थी। मध्यप्रदेश मराठी अकादमी द्वारा आयोजित इस वाचक स्पर्धा का उद्देश्य मराठी भाषा के साहित्य को प्रोत्साहन देना और पाठकों के बीच इसे लोकप्रिय बनाना है। यह प्रतियोगिता पिछले 14 वर्षों से आयोजित की जा रही है। इस बार भी 22 सितंबर रविवार को भोपाल में राजीव गांधी स्कूल, ई-8 ओरा मॉल के पास परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में मराठी पाठक शामिल हुए। इसमें भोपाल के 85 वर्षीय अरुण वाघ ने भाग लिया।
अभिनव प्रयास से बढ़ी मराठी साहित्य में रुचि
इस वर्ष की प्रतियोगिता के लिए "लंडनच्या आजीबाई" पुस्तक को चुना गया था, जिसकी लेखिका सरोजिनी वैद्य पुना निवासी हैं। प्रतियोगिता में ऑब्जेक्टिव प्रश्नपत्र तैयार किए गए, जिसमें लगभग 75 से 100 प्रश्न शामिल थे। परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों को सही उत्तर पर निशान लगाना था। भोपाल केंद्र प्रमुख अरुण दंडवते ने बताया कि इस स्पर्धा के माध्यम से पिछले 15 वर्षों में करीब 12,000 मराठी किताबें पाठकों तक पहुंची हैं और लगभग 7,000 लोगों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से मराठी साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों को अपनी पढ़ाई को परखने और पुरस्कृत होने का अवसर मिलता है। इस अनूठे प्रयास के कारण मराठी साहित्य की पुस्तकों का प्रसार तेजी से बढ़ा है और यह प्रतियोगिता मराठी भाषा को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
यह है विजेता के लिए पुरस्कार
प्रथम पुरस्कार के रूप में 1500 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 1200 रुपये, और तृतीय पुरस्कार 1000 रुपये रखा गया है। प्रत्येक केंद्र पर भी प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है, जो क्रमशः 500, 300 और 200 रुपये है। इसके परिणाम नवंबर माह में आएंगे।
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अभिनव प्रयास से बढ़ी मराठी साहित्य में रुचि
इस वर्ष की प्रतियोगिता के लिए "लंडनच्या आजीबाई" पुस्तक को चुना गया था, जिसकी लेखिका सरोजिनी वैद्य पुना निवासी हैं। प्रतियोगिता में ऑब्जेक्टिव प्रश्नपत्र तैयार किए गए, जिसमें लगभग 75 से 100 प्रश्न शामिल थे। परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों को सही उत्तर पर निशान लगाना था। भोपाल केंद्र प्रमुख अरुण दंडवते ने बताया कि इस स्पर्धा के माध्यम से पिछले 15 वर्षों में करीब 12,000 मराठी किताबें पाठकों तक पहुंची हैं और लगभग 7,000 लोगों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से मराठी साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों को अपनी पढ़ाई को परखने और पुरस्कृत होने का अवसर मिलता है। इस अनूठे प्रयास के कारण मराठी साहित्य की पुस्तकों का प्रसार तेजी से बढ़ा है और यह प्रतियोगिता मराठी भाषा को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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यह है विजेता के लिए पुरस्कार
प्रथम पुरस्कार के रूप में 1500 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 1200 रुपये, और तृतीय पुरस्कार 1000 रुपये रखा गया है। प्रत्येक केंद्र पर भी प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कारों की व्यवस्था की गई है, जो क्रमशः 500, 300 और 200 रुपये है। इसके परिणाम नवंबर माह में आएंगे।
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