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Bhopal News: दिवाली से पहले भोपाल में 80% बढ़ा कचरा उत्पादन, चार गुना दौड़ रहे वाहन, नहीं उठ पा रहा पूरा कचरा
Sun, 19 Oct 2025 01:51 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 19 Oct 2025 01:51 PM IST
सार
भोपाल में कचरे के ढेर नगर निगम की व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। बीएमसी के मुताबिक, शहर में कचरा उत्पादन सामान्य से 80% तक बढ़ चुका है, जिससे सफाई व्यवस्था पर दबाव पड़ा है। कचरा संग्रहण वाहन अब प्रति वार्ड चार-चार चक्कर लगा रहे हैं यह सामान्य संख्या से दोगुना है। फिर भी, निगम केवल 40-50% अतिरिक्त कचरा ही इकट्ठा कर पा रहा है।
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कचरा वाहन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिवाली की तैयारी में जुटी भोपाल की गालियां और बाजार एक ओर जहां रौशनी और सजावट से चमक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कचरे के ढेर नगर निगम की व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। नगर निगम (बीएमसी) के मुताबिक, शहर में कचरा उत्पादन सामान्य से 80% तक बढ़ चुका है, जिससे सफाई व्यवस्था पर अभूतपूर्व दबाव पड़ा है। बीएमसी के अनुसार, सामान्य दिनों में शहर के 85 वार्डों से 800 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, लेकिन अक्टूबर में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। कई वार्डों से अब 200 टन तक कचरा निकल रहा है। हालात ऐसे हैं कि कचरा संग्रहण वाहन अब प्रति वार्ड चार-चार चक्कर लगा रहे हैं यह सामान्य संख्या से दोगुना है। फिर भी, निगम केवल 40-50% अतिरिक्त कचरा ही इकट्ठा कर पा रहा है, जिसके कारण 300 टन कचरा सड़कों पर जमा हो चुका है।
प्रसंस्करण संयंत्र की सीमा और जीटीएस की जाम स्थिति
आदमपुर छावनी स्थित कचरा प्रसंस्करण संयंत्र प्रतिदिन अधिकतम 500 टन कचरा ही संसाधित कर पाता है, जबकि शहर में इस समय कुल कचरा 1,400 टन प्रतिदिन के करीब पहुंच गया है। शहर की 15 जीटीएस (Garbage Transfer Station) इकाइयां क्षमता से अधिक भार से जूझ रही हैं। हर वाहन को कचरा उतारने से पहले तौला और जांचा जाता है, और मिश्रित कचरा लेकर आए वाहनों को लौटाया भी जाता है, जिससे देरी और बढ़ जाती है।
यह भी पढ़ें-दिवाली से पहले बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में होगी बारिश, इसके बाद शुरू होगा ठंड का दौर
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बाजारों में कचरे की बाढ़
बाजार पहले अब
न्यू मार्केट 15 टन 30 टन
पुराना शहर 25 टन 52 टन
नंबर 10 बाजार 12 टन 30 टन
बैरागढ़ 15 टन 28 टन
यह भी पढ़ें-सीएम के निर्देश- सभी जिलों के सार्वजनिक स्थलों और गौशालाओं में गोवर्धन पूजा का आयोजन हो धूमधाम से
प्रशासन ने मानी स्थिति की गंभीरता
बीएमसी कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि हमने कचरा एकत्र करने वाले वाहनों की आवाजाही बढ़ा दी है और पूरे शहर में व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। हम हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा व्यावस्था और प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं। यदि कचरे की स्थिति पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो दिवाली पर शहर के सौंदर्य और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग करें, समय पर बाहर रखें, और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।
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प्रसंस्करण संयंत्र की सीमा और जीटीएस की जाम स्थिति
आदमपुर छावनी स्थित कचरा प्रसंस्करण संयंत्र प्रतिदिन अधिकतम 500 टन कचरा ही संसाधित कर पाता है, जबकि शहर में इस समय कुल कचरा 1,400 टन प्रतिदिन के करीब पहुंच गया है। शहर की 15 जीटीएस (Garbage Transfer Station) इकाइयां क्षमता से अधिक भार से जूझ रही हैं। हर वाहन को कचरा उतारने से पहले तौला और जांचा जाता है, और मिश्रित कचरा लेकर आए वाहनों को लौटाया भी जाता है, जिससे देरी और बढ़ जाती है।
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प्रशासन ने मानी स्थिति की गंभीरता
बीएमसी कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा कि हमने कचरा एकत्र करने वाले वाहनों की आवाजाही बढ़ा दी है और पूरे शहर में व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। हम हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा व्यावस्था और प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं। यदि कचरे की स्थिति पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो दिवाली पर शहर के सौंदर्य और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ सकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे गीले और सूखे कचरे को अलग करें, समय पर बाहर रखें, और सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।
