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Bhopal News: बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिक पर कार्रवाई, क्लीनिक सील, एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन और ड्रिप मिलीं
Tue, 30 Sep 2025 08:02 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 30 Sep 2025 08:02 PM IST
सार
भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में संचालित एक बिना लाइसेंस क्लीनिक पर कार्रवाई की। अलशिफा क्लीनिक नामक यह स्वास्थ्य केंद्र बिना किसी वैध पंजीयन और लाइसेंस के संचालन करते पाया गया। सीएमएचओ टीम द्वारा क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया गया। मामले की जानकारी पुलिस, ड्रग कंट्रोल विभाग और प्रशासन को भी दी गई है।
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क्लीनिक को सील करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय की निरीक्षण टीम ने मंगलवार को जहांगीराबाद क्षेत्र में संचालित एक बिना लाइसेंस क्लीनिक पर कार्रवाई की। अलशिफा क्लीनिक नामक यह स्वास्थ्य केंद्र बिना किसी वैध पंजीयन और लाइसेंस के संचालन करते पाया गया। क्लीनिक की जांच के दौरान वहां डॉ. आर. डब्ल्यू. बक्शी (एमडी मेडिसिन) के नाम का बोर्ड लगा हुआ मिला, लेकिन निरीक्षण के समय डॉक्टर स्वयं अनुपस्थित थे। क्लीनिक में मौजूद अकरम खान नामक युवक ने बताया कि डॉक्टर नियमित रूप से क्लीनिक नहीं आते हैं।
एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन और ड्रिप भी मिलीं
निरीक्षण दल को मौके से एलोपैथिक दवाएं, सिरिंज, ड्रिप सेट, इंजेक्शन वायल और अन्य चिकित्सा उपकरण बरामद हुए। जब पंजीयन और लाइसेंस की जानकारी मांगी गई तो क्लीनिक प्रबंधन कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर सीएमएचओ कार्यालय द्वारा क्लीनिक को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए। मामले की जानकारी पुलिस, ड्रग कंट्रोल विभाग और प्रशासन को भी दी गई है।
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जिलेभर में चल रहा है निरीक्षण अभियान
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि भोपाल जिले में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की नियमित जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक में कार्यरत चिकित्सकों की डिग्री, पंजीयन, चिकित्सा पद्धति, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, और गुमास्ता लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन कर संचालित होने वाले किसी भी क्लीनिक को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की टीमें सतत निगरानी में जुटी हैं।
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एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन और ड्रिप भी मिलीं
निरीक्षण दल को मौके से एलोपैथिक दवाएं, सिरिंज, ड्रिप सेट, इंजेक्शन वायल और अन्य चिकित्सा उपकरण बरामद हुए। जब पंजीयन और लाइसेंस की जानकारी मांगी गई तो क्लीनिक प्रबंधन कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर सीएमएचओ कार्यालय द्वारा क्लीनिक को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए। मामले की जानकारी पुलिस, ड्रग कंट्रोल विभाग और प्रशासन को भी दी गई है।
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जिलेभर में चल रहा है निरीक्षण अभियान
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि भोपाल जिले में निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की नियमित जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक में कार्यरत चिकित्सकों की डिग्री, पंजीयन, चिकित्सा पद्धति, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, और गुमास्ता लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस या नियमों का उल्लंघन कर संचालित होने वाले किसी भी क्लीनिक को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की टीमें सतत निगरानी में जुटी हैं।
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