फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Mourning over the death of Iran's Supreme Leader Khamenei in Bhopal, tribute meeting held at Shia mosq

Bhopal: भोपाल में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के निधन पर मातम, शिया मस्जिद में श्रद्धांजलि सभा, गूंजे नारे

Sun, 01 Mar 2026 04:12 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 01 Mar 2026 04:12 PM IST
सार

भोपाल के करौंद स्थित शिया मस्जिद में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जोहर की नमाज के बाद हुई इस मजलिस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्हें याद कर ताजियत पेश की गई। सभा के दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए गए।

विज्ञापन
Bhopal: Mourning over the death of Iran's Supreme Leader Khamenei in Bhopal, tribute meeting held at Shia mosq
श्रद्धांजलि सभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद देश के कई हिस्सों की तरह भोपाल में भी शोक सभा आयोजित की गई। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।रविवार को करौंद स्थित शिया मस्जिद में जोहर की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभा रखी गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दिवंगत नेता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा के दौरान अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारेबाजी भी की गई। मस्जिद परिसर अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद, खामेनेई जिंदाबाद, अल्लाह हू अकबर और या हुसैन के नारों से गूंजता रहा।
विज्ञापन


इमामों ने बताया जुल्म के खिलाफ आवाज
सभा को संबोधित करते हुए इमाम बाकर हुसैन ने कहा कि खामेनेई ने जीवनभर अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद की और मजलूमों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन या विचारधारा को किसी एक व्यक्ति के निधन से खत्म नहीं किया जा सकता। इमाम ने लोगों से एकजुटता बनाए रखने और सब्र से काम लेने की अपील की।
विज्ञापन




यह भी पढ़ें-ईरान पर हमले के विरोध में भोपाल में प्रदर्शन, SUCI ने अमेरिका को घेरा, सरकार से संबंध तोड़ने की मांग
विज्ञापन
विज्ञापन


मस्जिद मोहम्मदी के इमाम जुमा
 सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने खामेनेई को उम्मते मुस्लिमा का निडर मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अन्याय के विरुद्ध और पीड़ितों के समर्थन में आवाज उठाई। उनके अनुसार, मजलूम का साथ देना इंसानियत की असली पहचान है। भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विचारधारा और संघर्ष की राह किसी एक व्यक्ति के जाने से थमती नहीं, बल्कि समर्थकों के संकल्प से आगे बढ़ती रहती है।

यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश के पूर्व IAS का बयान-‘अरब सुन्नी देश अमेरिका के करीब रहे, इसलिए ईरान कर रहा है हमला’
 
तीन दशक से अधिक समय तक रहे सर्वोच्च नेता
अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर बने थे। इससे पहले वे 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति भी रहे। 1979 की इस्लामी क्रांति, जिसमें मोहम्मद रज़ा पहलवी का शासन समाप्त हुआ, उस दौर में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। ईरान के इस्लामी कानून के अनुसार, सर्वोच्च नेता बनने के लिए अयातुल्ला की धार्मिक उपाधि होना आवश्यक है। सुप्रीम लीडर देश का सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक पद माना जाता है, जो शासन व्यवस्था और 
नीतियों पर व्यापक प्रभाव रखता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed