{"_id":"6a3d376ad9833d0964098b8a","slug":"bhopal-metro-speed-set-to-increase-cmrs-inspects-signaling-system-two-metro-trains-come-face-to-face-on-the-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल मेट्रो की बढ़ेगी स्पीड: सीएमआरएस ने परखा सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो मेट्रो ट्रेनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल मेट्रो की बढ़ेगी स्पीड: सीएमआरएस ने परखा सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो मेट्रो ट्रेनें
Thu, 25 Jun 2026 07:45 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:45 PM IST
सार
भोपाल मेट्रो के सिग्नलिंग सिस्टम का सीएमआरएस ने व्यापक निरीक्षण किया। पहली बार दो ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाकर सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच की गई। दूसरी ओर मेट्रो कॉर्पोरेशन के चेयरमैन ने भोपाल और इंदौर परियोजनाओं की समीक्षा कर शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सिग्नलिंग सिस्टम को मंजूरी मिलते ही ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी और यात्रियों का इंतजार कम होगा।
विज्ञापन
नीरीक्षण करने पहुंची टीम सीएमआरएस की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल मेट्रो जल्द ही यात्रियों को तेज और अधिक नियमित सेवा देने की ओर बढ़ रही है। गुरुवार को मेट्रो परियोजना के लिए बेहद अहम दिन रहा। एक तरफ कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने नए सिग्नलिंग सिस्टम का विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के चेयरमैन जयदीप ने भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। सुभाष नगर से एम्स तक के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर हुए निरीक्षण के दौरान पहली बार दो मेट्रो ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाकर सिस्टम की कार्यक्षमता जांची गई। यह परीक्षण भोपाल मेट्रो के संचालन के सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक माना जा रहा है।
कंट्रोल सेंटर से लेकर ट्रैक तक हुई जांच
सीएमआरएस नीलाभ्र सेनगुप्ता ने सबसे पहले सुभाष नगर स्थित मेट्रो डिपो में बने ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) और डिपो कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां ट्रेनों की लाइव मॉनिटरिंग, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, सिग्नलिंग नेटवर्क और परिचालन सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, इंटरलॉकिंग सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क, पॉइंट मशीन, आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम और विभिन्न सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह भी प्रदर्शित किया कि किसी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में सिस्टम किस तरह सुरक्षित ढंग से काम करेगा।
विज्ञापन
ट्रेन में बैठकर किया कॉरिडोर का निरीक्षण
सीएमआरएस टीम ने सुभाष नगर स्टेशन से एम्स स्टेशन तक ट्रेन में सफर कर पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशनों पर उपलब्ध सिग्नलिंग सुविधाओं, परिचालन सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं को परखा गया। रानी कमलापति और एमपी नगर स्टेशन के बीच विशेष परीक्षण के दौरान दो मेट्रो ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाया गया। करीब आधे घंटे तक चले इस ट्रायल में यह देखा गया कि ऐसी स्थिति में सिग्नलिंग सिस्टम कैसे प्रतिक्रिया देता है, ट्रेन की गति कैसे नियंत्रित होती है और आवश्यकता पड़ने पर ब्रेकिंग सिस्टम कितनी तेजी से सक्रिय होता है।
दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो
फिलहाल भोपाल मेट्रो बिना पूर्ण सिग्नलिंग सिस्टम के संचालित हो रही है। इसी कारण ट्रेनें केवल एक ट्रैक का उपयोग कर रही हैं और उसी ट्रैक से वापस लौटती हैं। नई प्रणाली शुरू होने के बाद अप और डाउन दोनों ट्रैक पर एक साथ संचालन संभव होगा। इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, फेरे अधिक होंगे और यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में मेट्रो की फ्रीक्वेंसी लगभग 75 मिनट है, जिसे काफी कम किए जाने की तैयारी है।
800 करोड़ की सिग्नलिंग परियोजना
भोपाल और इंदौर मेट्रो नेटवर्क के लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सुभाष नगर से एम्स तक के हिस्से में इसका पहला चरण पूरा हो चुका है। सीएमआरएस का निरीक्षण इसी चरण की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है।
दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक मिलेगी
भोपाल मेट्रो में वही अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है जो दिल्ली मेट्रो में उपयोग होती है। यह तकनीक ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने, गति नियंत्रित करने, ऑटोमेटिक संचालन और आपातकालीन नियंत्रण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। इसके लागू होने के बाद मेट्रो अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगी।
चेयरमैन ने ली दोनों परियोजनाओं की समीक्षा
इसी दौरान एमपीएमआरसीएल के चेयरमैन जयदीप ने सुभाष नगर डिपो पहुंचकर भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों, तकनीकी तैयारियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने दोनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। चेयरमैन ने अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें-33.92 लाख हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 203 करोड़, CM बोले- बुजुर्ग-दिव्यांग खुद को बेसहारा न समझें
कल से सामान्य समय पर दौड़ेगी मेट्रो
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार निरीक्षण और परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 जून से मेट्रो सेवा फिर अपने निर्धारित समय पर शुरू हो जाएगी। वहीं जुलाई में सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद नया टाइम टेबल जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कंट्रोल सेंटर से लेकर ट्रैक तक हुई जांच
सीएमआरएस नीलाभ्र सेनगुप्ता ने सबसे पहले सुभाष नगर स्थित मेट्रो डिपो में बने ऑपरेशन्स कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) और डिपो कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। यहां ट्रेनों की लाइव मॉनिटरिंग, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, सिग्नलिंग नेटवर्क और परिचालन सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, इंटरलॉकिंग सिस्टम, कम्युनिकेशन नेटवर्क, पॉइंट मशीन, आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम और विभिन्न सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह भी प्रदर्शित किया कि किसी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में सिस्टम किस तरह सुरक्षित ढंग से काम करेगा।
विज्ञापन
ट्रेन में बैठकर किया कॉरिडोर का निरीक्षण
सीएमआरएस टीम ने सुभाष नगर स्टेशन से एम्स स्टेशन तक ट्रेन में सफर कर पूरे कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशनों पर उपलब्ध सिग्नलिंग सुविधाओं, परिचालन सुरक्षा मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं को परखा गया। रानी कमलापति और एमपी नगर स्टेशन के बीच विशेष परीक्षण के दौरान दो मेट्रो ट्रेनों को एक ही ट्रैक पर आमने-सामने लाया गया। करीब आधे घंटे तक चले इस ट्रायल में यह देखा गया कि ऐसी स्थिति में सिग्नलिंग सिस्टम कैसे प्रतिक्रिया देता है, ट्रेन की गति कैसे नियंत्रित होती है और आवश्यकता पड़ने पर ब्रेकिंग सिस्टम कितनी तेजी से सक्रिय होता है।
दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो
फिलहाल भोपाल मेट्रो बिना पूर्ण सिग्नलिंग सिस्टम के संचालित हो रही है। इसी कारण ट्रेनें केवल एक ट्रैक का उपयोग कर रही हैं और उसी ट्रैक से वापस लौटती हैं। नई प्रणाली शुरू होने के बाद अप और डाउन दोनों ट्रैक पर एक साथ संचालन संभव होगा। इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, फेरे अधिक होंगे और यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में मेट्रो की फ्रीक्वेंसी लगभग 75 मिनट है, जिसे काफी कम किए जाने की तैयारी है।
800 करोड़ की सिग्नलिंग परियोजना
भोपाल और इंदौर मेट्रो नेटवर्क के लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सुभाष नगर से एम्स तक के हिस्से में इसका पहला चरण पूरा हो चुका है। सीएमआरएस का निरीक्षण इसी चरण की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है।
दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक मिलेगी
भोपाल मेट्रो में वही अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है जो दिल्ली मेट्रो में उपयोग होती है। यह तकनीक ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने, गति नियंत्रित करने, ऑटोमेटिक संचालन और आपातकालीन नियंत्रण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। इसके लागू होने के बाद मेट्रो अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हो सकेगी।
चेयरमैन ने ली दोनों परियोजनाओं की समीक्षा
इसी दौरान एमपीएमआरसीएल के चेयरमैन जयदीप ने सुभाष नगर डिपो पहुंचकर भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों, तकनीकी तैयारियों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने दोनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। चेयरमैन ने अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
यह भी पढ़ें-33.92 लाख हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 203 करोड़, CM बोले- बुजुर्ग-दिव्यांग खुद को बेसहारा न समझें
कल से सामान्य समय पर दौड़ेगी मेट्रो
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार निरीक्षण और परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 जून से मेट्रो सेवा फिर अपने निर्धारित समय पर शुरू हो जाएगी। वहीं जुलाई में सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद नया टाइम टेबल जारी किया जाएगा।
