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Harsha Richhariya: 'देखना एक दिन मैं शाही स्नान करूंगी', जब पुलिस ने रोका था, तब मां से बोली थी हर्षा रिछारिया

Sat, 18 Jan 2025 07:59 PM IST
Anand Pawar आनंद पवार
Updated Sat, 18 Jan 2025 07:59 PM IST
सार

Harsha Richhariya Mother Interview: हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ में 'सुंदर साध्वी' के नाम से वायरल हुईं। उनकी मां किरण रिछारिया से अमर उजाला के संवाददाता ने खास बातचीत की, जिसमें किरण ने हर्षा को लेकर कई राज खोले।

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Bhopal Harsha Richhariya mother Kiran Richhariya Interview Simhastha kumbh Prayagraj MahaKumbh Sundar Sadhvi
हर्षा रिछारिया और उनकी मां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में पेशवाई के रथ पर बैठने के बाद चर्चा में आईं राजधानी भोपाल की हर्षा रिछारिया सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। हर्षा को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है। इससे आहत होकर उन्होंने अब महाकुंभ से जाने तक की बात भी कह दी है। इन मामलों पर अमर उजाला ने भोपाल में हर्षा रिछारिया की मां किरण रिछारिया से बातचीत की।

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मां किरण रिछारिया ने कहा कि उनकी बेटी शिव भक्त है, गलत नहीं है। उसने साल 2004 में कहा था कि एक दिन वह शाही स्नान करेगी और इस बार उसकी यह प्रतिज्ञा पूरी भी हुई। साथ ही उन्होंने उनके ट्रोलर को जवाब दिया। वहीं, हर्षा से कहा कि वह महाकुंभ से न आए और अपनी आराधना, पूजा और गुरुओं की सेवा करे। मां ने हर्षा से अपील किया कि जिस मकसद से कुंभ गई हो, वो मकसद पूरा करो। आराधना करो और शिव से जुड़े रहो। अब पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश...
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आप परिवार के साथ 2004 में सिंहस्थ कुंभ स्नान करने आए थे, उस समय हर्षा ने आपसे क्या बात कही थी?
साल 2004 में हम उज्जैन स्नान के लिए आए थे। उस समय बच्चे बहुत छोटे थे। स्नान के लिए जब जाते हैं तो आम जनता के साथ शाही स्नान नहीं कराया जाता है। आम जनता का समय अलग होता है या उनको जाने ही नहीं देते हैं। हम स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन हमको घेरे से बाहर कर दिया गया था। मेरी बच्चे उस समय छोटी थी। उसने कहा कि मां आप रो मत। यही कुंभ आएगा, जिस दिन हम यही शाही स्नान खुद गुरुओं के साथ करेंगे। उस समय मैंने उसकी बात हंसी से टाल दी थी। क्योंकि उस समय वह बच्ची थी। अब मुझे वह बात याद आई कि कुंभ के समय में मेरी बेटी ने शाही स्नान किया। यह उसकी प्रतिज्ञा थी या ऊपर वाले का आशीर्वाद उसके साथ रहा, जो पूरा हो गया।

हर्षा को लेकर कुंभ में कुछ विवाद जुड़ गए हैं? साधु-संत उनको लेकर सवाल कर रहे हैं?
देखिए, हम यही कहेंगे कि आप लोग बड़े हैं। वह एक मध्यम परिवार की बेटी है। कुछ गलत नहीं है। ऐसा भी कहा जा रहा है कि वह फॉलोवर बढ़ाने के लिए यह सब कर रही है। यह सब झूठ है। वह वाकई में शिव भक्त है। वह भगवान शिव की ही आराधना करने के लिए कुंभ में गई है। कोई गलत नियत और गलत सोच के साथ वह कुंभ नहीं गई है। मैं उनसे यही कहूंगी कि आप लोग उसे ऐसा न कहें। आप लोग आदरणीय और पूजनीय हैं। आप लोग उसे सही रास्ता दिखाएं, उसे गलत मत समझिए।

हर्षा को कुंभ से जाने को कहा गया, कुंछ साधु-संतों का नाम लेकर उन्होंने कहा कि उनको पाप लगेगा? इस पर आपकी कोई बात हुई?
नहीं, अभी इस विषय में मेरी बात नहीं हुई। इन विषयों पर कोई ज्यादा बात भी नहीं करती है। वह सिर्फ यह कहती है कि मम्मी आप मुझ पर भरोसा रखना। मैं कभी गलत काम नहीं करुंगी और न कर रही हूं। मैं सिर्फ यहां आराधना के लिए आई थी। कभी आपका सिर नहीं झुकने दूंगी, जो लोग गलत कह रहे हैं, उनको नहीं देखना। आप बस किसी बात से परेशान मत होना।

हर्षा के सनातन धर्म की तरफ झुकाव को लेकर आपको कोई आश्चर्य हुआ?
इसमें हमारे लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हम लोग हिंदू और पंडित हैं। हमारे यहां कुलदेवी की पूजा करना, यह सब वह बचपन से देखती और करती आ रही है। यह हमारे लिए कोई नया नहीं है। वह केदारनाथ जाती है। कब पट बंद होंगे। इसको लेकर लोग उससे जानकारी लेते हैं। वहां जाने के रास्ते पूछते हैं। आध्यात्मिक पूजा पाठ करने में उसका शुरू से ही रूझान रहा है।

हर्षा के पुराने वीडियो और फोटो शेयर कर उन पर सवाल खड़े करने वालों के लिए आप क्या कहेंगी?
हम उन लोगों से यह कहेंगे कि यदि वह चाहती तो यह सब डिलीट कर सकती थी। उसने खुद कहा कि वह आर्टिस्ट थी और एकंर थी। वह देश-विदेश में काम करती थी। यदि विदेश जाएगी तो घूंघट तो नहीं डालेगी, वह शूट तो नहीं पहनेगी। उसने अपने काम के अनुसार वन पीस भी पहना। उसने कुछ गलत नहीं किया। मुझे तो कुछ बुरा नहीं लगा। हां, लोगों की सोच पर हंसी जरूर आती है। जब वह कह चुकी है कि मैं आर्टिस्ट थी। अब आप उस समय के वीडियो और फोटो निकाल कर शेयर करेंगे तो मेरे लिए उसमें कुछ नया नहीं है। वह अपने काम के साथ-साथ तीन-तीन घंटे पूजा करती थी। शिवपुराण पढ़ना, चालीसा पढ़ना और पूजा करती थी।

उन्होंने दीक्षा लेने से पहले आपको बताया था?
हां, बेटी सभी बातों को साझा करती थी। उसने दो साल पहले कैलाशानंद जी महाराज से दीक्षा ली थी। वह त्योहार पर घर भी आती थी। वह उत्तराखंड में रहती है। हरिद्वार में गोसेवा करना, गरीबों को कंबल बांटना और उसके पापा से भी कई बातें शेयर करती है।


आप बुटिक चलाती हैं, हर्षा की ड्रेस आपने डिजाइन की है?
हां, उसने कहा कि मुझे कुंभ जाना है, शूट नहीं पहनना है। मैंने उसके लिए धोती और कुर्ता बनाया। ऋषिकेश के मंदिरों में उसे बुलाया जाता है तो वह धाती कुर्ता ही पहनती है।

अब वह कुंभ से वापस लौट रही है तो कई लोग उनको ट्रोल कर रहे हैं, उनसे आप क्या कहेंगी?
ऐसे लोगों को मैं क्या कह सकती हूं, यदि ऐसा करने से उन लोगों को खुशी मिलती है तो वह खुश हो जाएं। इसके अलावा मैं क्या कह सकती हूं।

हर्षा को आप क्या बोलना चाहेंगी?
हर्षा यदि आपके माध्यम से मेरी बात सुन रही है तो उससे यही कहना चाहूंगी कि जिस मकसद से गई हो, सिर्फ आराधना और पूजा करना है। गुरुओं की सेवा करना है, वही करो। यदि आपके गुरु कुछ कहते हैं तो अलग रह लो। जैसे आम जनता रहती है, वैसे रहो। लेकिन वहां से आओ नहीं। पूरा सनातन से जुड़ो। हिंदूओं को बताओ, जो लोग आज तुमको गलत समझ रहे हैं, वही लोग एक दिन तुम्हें अच्छा समझेंगे। तुम्हारे काम को देखकर।

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