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Bhopal: भोपाल में कल से स्कूलों में नहीं चलेंगे ई-रिक्शा, विद्यार्थियों के आने-जाने पर लगी रोक, आदेश जारी
Sun, 20 Jul 2025 03:48 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 20 Jul 2025 03:48 PM IST
सार
भोपाल में सोमवार से स्कूली बच्चों के ई-रिक्शा से स्कूल आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ई-रिक्शा को बच्चों के लिए असुरक्षित मानते हुए प्रतिबंध का आदेश जारी कर दिया है।
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भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में जिन अभिभावकों के बच्चे ई-रिक्शा से स्कूल आते-जाते हैं कल से नहीं जा पाएंगे। सोमवार 21 जुलाई से स्कूली बच्चों के ई-रिक्शा से स्कूल आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने ई-रिक्शा को बच्चों के लिए असुरक्षित मानते हुए प्रतिबंध का आदेश जारी कर दिया है।
बच्चों के लिए असुरक्षित है ई-रिक्शा
आदेश में कहा गया है कि कई स्कूल के छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल लाने ले जाने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल होता है। यह बच्चों के लिए असुरक्षित है। इनके पलटने का डर ज्यादा रहता है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए डीईओ सभी स्कूल संचालकों को ई-रिक्शा बंद करने को कहा गया है। प्रशासन भी नजर रखेगा।
यह भी पढ़ें-'स्पेन में सीएम मोहन यादव बोले मध्य प्रदेश में बनेगा पार्क गेल जैसा आर्ट पार्क
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बैठक में भोपाल सांसद में रखी थी बात
दअरसल शुक्रवार को भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने ट्रैफिक सुधार के लिए बैठक रखी थी। इसमें भोपाल कलेक्टर ने ई-रिक्शा स्कूलों में प्रतिबंधित करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि छोटे बच्चों को ई-रिक्शा में बैठाकर स्कूल भेजना ठीक नहीं है। सांसद की बैठक के बाद कलेक्टर आदेश भी जारी कर दिए हैं।
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पुलिस और एक्सपर्ट की राय पर लिया गया फैसला
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि पुलिस और एक्सपर्ट की राय के बाद ई-रिक्शा में बच्चों को स्कूल लाने ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। भोपाल में ई-रिक्शा में स्कूली बच्चों को लेकर हादसे तो नहीं हुए, लेकिन अन्य शहरों में हादसे हो चुके हैं। इसलिए यह फैसला लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार भोपाल में इस समय साढ़े 12 हजार ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। हालांकि, स्कूलों से ये अटैच नहीं है, लेकिन कई पेरेंट्स अपनी सहूलियत के हिसाब से ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल भेजते हैं। सोमवार से टीमें स्कूलों में जाकर प्रबंधन से संपर्क करेंगी और ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगी, जो ई-रिक्शा से स्कूल आते-जाते हों। इसके बाद ई-रिक्शा बंद कराए जाएंगे। ई-रिक्शा से हादसे होने की संभावना ज्यादा रहती है।
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बच्चों के लिए असुरक्षित है ई-रिक्शा
आदेश में कहा गया है कि कई स्कूल के छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल लाने ले जाने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल होता है। यह बच्चों के लिए असुरक्षित है। इनके पलटने का डर ज्यादा रहता है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए डीईओ सभी स्कूल संचालकों को ई-रिक्शा बंद करने को कहा गया है। प्रशासन भी नजर रखेगा।
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बैठक में भोपाल सांसद में रखी थी बात
दअरसल शुक्रवार को भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने ट्रैफिक सुधार के लिए बैठक रखी थी। इसमें भोपाल कलेक्टर ने ई-रिक्शा स्कूलों में प्रतिबंधित करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि छोटे बच्चों को ई-रिक्शा में बैठाकर स्कूल भेजना ठीक नहीं है। सांसद की बैठक के बाद कलेक्टर आदेश भी जारी कर दिए हैं।
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पुलिस और एक्सपर्ट की राय पर लिया गया फैसला
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा है कि पुलिस और एक्सपर्ट की राय के बाद ई-रिक्शा में बच्चों को स्कूल लाने ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। भोपाल में ई-रिक्शा में स्कूली बच्चों को लेकर हादसे तो नहीं हुए, लेकिन अन्य शहरों में हादसे हो चुके हैं। इसलिए यह फैसला लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार भोपाल में इस समय साढ़े 12 हजार ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। हालांकि, स्कूलों से ये अटैच नहीं है, लेकिन कई पेरेंट्स अपनी सहूलियत के हिसाब से ई-रिक्शा से बच्चों को स्कूल भेजते हैं। सोमवार से टीमें स्कूलों में जाकर प्रबंधन से संपर्क करेंगी और ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगी, जो ई-रिक्शा से स्कूल आते-जाते हों। इसके बाद ई-रिक्शा बंद कराए जाएंगे। ई-रिक्शा से हादसे होने की संभावना ज्यादा रहती है।
