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Bhopal:हमीदिया अस्पताल में 15 नवंबर से कैथलैब की होगी शिफ्टिंग, तीन माह तक हार्ट के मरीजों को नहीं मिलेगा इलाज
Thu, 17 Oct 2024 05:29 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 17 Oct 2024 05:29 PM IST
सार
हमीदिया अस्पताल के कैथलैब को शिफ्ट करने का काम 15 नवंबर से शुरू किया जाएगा इस दौरान हार्ट से संबंधित अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शिफ्टिंग का काम तीन महीने तक चलेगा।
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हमीदिया अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में कैथलैब को शिफ्ट करने का काम 15 नवंबर से शुरू किया जाएगा इस दौरान हार्ट से संबंधित अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। खास बात यह है कि ठंड के महीने में ही सबसे ज्यादा दिल की बीमारी से संबंधित मरीज अस्पतालों में पहुंचते हैं। ऐसे में हमीदिया अस्पताल में हार्ट मरीजों का इलाज बंद होने से न केवल राजधानी भोपाल बल्कि प्रदेश भर से आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ सकता है।
शिफ्टिंग में देरी से उप मुख्य मंत्री हुए थे नाराज
गौरतलब है कि हमीदिया अस्पताल में कैथलैब को शिफ्ट करने में अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगातार देरी की जा रही थी। पिछले दिनों समीक्षा बैठक में इसे लेकर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने अधिकारियों पर नाराजगी दिखाई थी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द कैथ लैब को शिफ्ट किया जाए। इसके बाद से अस्पताल प्रबंधन ने शिफ्टिंग के काम में तेजी दिखाई है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस बार समय से लैब को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
ए ब्लॉक के तीसरी मंजिल पर शिफ्ट होगा कैथ लैब
हमीदिया अस्पताल ए ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर कैथ लैब शिफ्टिंग की जाएगी। जानकारी के अनुसार इसका काम 15 नवंबर से शुरू किया जाएगा अभी कैथलैब के लिए नए भवन की तीसरी मंजिल पर सिविल का काम चल रहा है। शिफ्टिंग के लिए संबंधित एजेंसी ने 120 से 150 दिन का समय मांगा है। इस काम के लिए 50 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत हाे चुका है। जानकारी के अनुसार सिविल वर्क 15 नवंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद एजेंसी शिफ्टिंग शुरू कर सकती
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मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
जानकारी के लिए बता दें की हमीदिया अस्पताल में सामान्य दिनों में भी इस विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 35 हार्ट से संबंधित मरीज पहुंचते हैं। दरअसल कैथलैब की सुविधा वाले हमीदिया अस्पताल में हर दिन दिल से जुड़े प्रोसीजर होते हैं। कैथलैब बंद होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में ही निर्भर होना होगा, जहां उन्हें इलाज करवाने के लिए मोटी रकम देनी होगी। ऐसे में गरीब मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बतादें कि 15 नवंबर से कैथलैब की शिफ्टिंग का काम शुरू होगा। और इसके लिए कंपनी ने तीन माह का समय मांगा है।
ये रहेगा बंद
1- एंजियोग्राफी
2- एंजियोप्लास्टी
3- पेसमेकर
4- डिवाइस क्लोजर
5- बैलून डायलेटेशन
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शिफ्टिंग में देरी से उप मुख्य मंत्री हुए थे नाराज
गौरतलब है कि हमीदिया अस्पताल में कैथलैब को शिफ्ट करने में अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगातार देरी की जा रही थी। पिछले दिनों समीक्षा बैठक में इसे लेकर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने अधिकारियों पर नाराजगी दिखाई थी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द कैथ लैब को शिफ्ट किया जाए। इसके बाद से अस्पताल प्रबंधन ने शिफ्टिंग के काम में तेजी दिखाई है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस बार समय से लैब को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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ए ब्लॉक के तीसरी मंजिल पर शिफ्ट होगा कैथ लैब
हमीदिया अस्पताल ए ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर कैथ लैब शिफ्टिंग की जाएगी। जानकारी के अनुसार इसका काम 15 नवंबर से शुरू किया जाएगा अभी कैथलैब के लिए नए भवन की तीसरी मंजिल पर सिविल का काम चल रहा है। शिफ्टिंग के लिए संबंधित एजेंसी ने 120 से 150 दिन का समय मांगा है। इस काम के लिए 50 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत हाे चुका है। जानकारी के अनुसार सिविल वर्क 15 नवंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद एजेंसी शिफ्टिंग शुरू कर सकती
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मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
जानकारी के लिए बता दें की हमीदिया अस्पताल में सामान्य दिनों में भी इस विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 35 हार्ट से संबंधित मरीज पहुंचते हैं। दरअसल कैथलैब की सुविधा वाले हमीदिया अस्पताल में हर दिन दिल से जुड़े प्रोसीजर होते हैं। कैथलैब बंद होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में ही निर्भर होना होगा, जहां उन्हें इलाज करवाने के लिए मोटी रकम देनी होगी। ऐसे में गरीब मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बतादें कि 15 नवंबर से कैथलैब की शिफ्टिंग का काम शुरू होगा। और इसके लिए कंपनी ने तीन माह का समय मांगा है।
ये रहेगा बंद
1- एंजियोग्राफी
2- एंजियोप्लास्टी
3- पेसमेकर
4- डिवाइस क्लोजर
5- बैलून डायलेटेशन
