{"_id":"68d380c073645cfbd601ad57","slug":"bhopal-a-similar-incident-like-indore-could-happen-in-bhopal-too-over-1-200-dilapidated-houses-remain-unoccu-2025-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal: भोपाल में भी हो सकती है इंदौर जैसी घटना,1200 से ज्यादा मकान जर्जर, नोटिस के 4 माह बाद भी नहीं हुए खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal: भोपाल में भी हो सकती है इंदौर जैसी घटना,1200 से ज्यादा मकान जर्जर, नोटिस के 4 माह बाद भी नहीं हुए खाली
Wed, 24 Sep 2025 11:01 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 24 Sep 2025 11:01 AM IST
सार
भोपाल में जून माह में 1,200 से अधिक ऐसे मकानों की पहचान की थी, जो कभी भी ढह सकते हैं। इनमें से 800 जर्जर मकानों को तुरंत खाली करने की नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन चार माह बाद भी मकान खाली नहीं हुए। ऐसे में भोपाल में भी इंदौर जैसी घटना हो सकती है।
विज्ञापन
जर्जर मकान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल नगर निगम ने शहर भर में जून माह में 1,200 से अधिक ऐसे मकानों की पहचान की थी, जो कभी भी ढह सकते हैं। इनमें से 800 जर्जर मकानों को तुरंत खाली करने की नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन चार माह बाद भी मकान खाली नहीं हुए। ऐसे में भोपाल में भी इंदौर जैसी घटना हो सकती है। दरअसल टीटी नगर में एक जर्जर मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद नगर निगम ने इन मकानों को तोड़ने का आदेश जारी किया था। पुराने भोपाल में कई 100 साल से भी पुरानी बिल्डिंग हैं जो जर्जर हालत में हैं और कभी भी ढह सकती हैं। इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र के कोष्टी मोहल्ले में सोमवार की रात करीब 10 बजे एक 3 मंजिला इमारत अचानक से धराशाई हो गई थी। इस घटना में एक युवती सहित 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गये थे।
जर्जर मकानों की स्थिति
- भोपाल की कई इमारतें 50 से 100 साल पुरानी हैं और भीड़भाड़ वाले बाजारों में खड़ी इन बिल्डिंगों के ढहने का खतरा और भी ज्यादा है।
- इन मकानों में रह रहे लोगों को खतरा बना हुआ है, लेकिन नगर निगम की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
यह भी पढ़ें-बीयू ने जारी किए सख्त निर्देश, एक ही भवन में कई कोर्स संचालित करने वाले कॉलेजों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
समस्याएं और चुनौतियां
जर्जर मकानों को तोड़ने में कई समस्याएं और चुनौतियां हैं। इनमें से एक बड़ी समस्या है विस्थापन की प्रक्रिया। कई मकानों में किरायेदार और मालिक के बीच विवाद है, जो कार्रवाई में देरी का कारण बन रहा है। इसके अलावा, राजनीतिक हस्तक्षेप भी एक बड़ी समस्या है।
यह भी पढ़ें-भोपाल में गरबा पंडालों पर कलेक्टर की गाइडलाइन पर सियासी जंग, आरिफ मसूद बोले-जानबूझकर खड़ा कर रहे विवाद
जर्जर मकानों वाले क्षेत्र
- ऐशबाग क्षेत्र: यहां के जनता क्वार्टर में 600 जर्जर मकान हैं, जहां 3 हजार से अधिक लोग रहते हैं।
- टीटी नगर: जून में यहां एक जर्जर मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद नगर निगम ने इन मकानों को तोड़ने का आदेश जारी किया था।
- पीर गेट, हमीदिया रोड, चौक बाजार: इन क्षेत्रों में भी कई जर्जर मकान और इमारतें हैं जो खतरा बनी हुई हैं।
- पीएटटी चौराह, जवाहर चौक सेकेंड स्टॉप: इस क्षेत्र में भी जर्जर मकानों की समस्या है
-
विज्ञापन
विज्ञापन
जर्जर मकानों की स्थिति
- भोपाल की कई इमारतें 50 से 100 साल पुरानी हैं और भीड़भाड़ वाले बाजारों में खड़ी इन बिल्डिंगों के ढहने का खतरा और भी ज्यादा है।
- इन मकानों में रह रहे लोगों को खतरा बना हुआ है, लेकिन नगर निगम की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
यह भी पढ़ें-बीयू ने जारी किए सख्त निर्देश, एक ही भवन में कई कोर्स संचालित करने वाले कॉलेजों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
समस्याएं और चुनौतियां
जर्जर मकानों को तोड़ने में कई समस्याएं और चुनौतियां हैं। इनमें से एक बड़ी समस्या है विस्थापन की प्रक्रिया। कई मकानों में किरायेदार और मालिक के बीच विवाद है, जो कार्रवाई में देरी का कारण बन रहा है। इसके अलावा, राजनीतिक हस्तक्षेप भी एक बड़ी समस्या है।
यह भी पढ़ें-भोपाल में गरबा पंडालों पर कलेक्टर की गाइडलाइन पर सियासी जंग, आरिफ मसूद बोले-जानबूझकर खड़ा कर रहे विवाद
जर्जर मकानों वाले क्षेत्र
- ऐशबाग क्षेत्र: यहां के जनता क्वार्टर में 600 जर्जर मकान हैं, जहां 3 हजार से अधिक लोग रहते हैं।
- टीटी नगर: जून में यहां एक जर्जर मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद नगर निगम ने इन मकानों को तोड़ने का आदेश जारी किया था।
- पीर गेट, हमीदिया रोड, चौक बाजार: इन क्षेत्रों में भी कई जर्जर मकान और इमारतें हैं जो खतरा बनी हुई हैं।
- पीएटटी चौराह, जवाहर चौक सेकेंड स्टॉप: इस क्षेत्र में भी जर्जर मकानों की समस्या है
-
