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Astronomical Phenomenon: आज और कल खगोलीय घटना के लिहाज से खास, बृहस्पति आकाश में दिखेगा सबसे बड़ा और चमकीला
Fri, 06 Dec 2024 03:59 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 06 Dec 2024 03:59 PM IST
सार
6-7 दिसंबर को बृहस्पति (जुपिटर) पृथ्वी के सबसे करीब होगा, जिसे जुपिटर एट पेरिजी और अपोजीशन कहा जाता है। यह खगोलीय घटना बृहस्पति को चमकीला और बड़ा दिखाएगी। इसे पूर्व दिशा में देखा जा सकता है, और टेलीस्कोप से इसकी डिस्क व उपग्रह स्पष्ट दिखेंगे।
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सारिका घारू खगोलीय घटना को समझाती हुईं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आज (शुक्रवार, 6 दिसंबर) और शनिवार (7 दिसंबर) की शाम आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (जुपिटर) इस साल के लिए पृथ्वी के सबसे नजदीक आकर अपनी सबसे तेज चमक और अपेक्षाकृत बड़े आकार के साथ नजर आएगा। यह अवसर खगोल प्रेमियों के लिए खास होगा।
जुपिटर एट पेरिजी
नेशनल अवार्ड विजेता विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, शुक्रवार को जुपिटर पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा, जिसे जुपिटर एट पेरिजी कहते हैं। इस दौरान इसकी दूरी पृथ्वी से लगभग 61 करोड़ 17 लाख 61 हजार किलोमीटर होगी। यह खगोलीय घटना बृहस्पति को देखने का सबसे उपयुक्त समय है, क्योंकि यह चमकीला और बड़ा दिखाई देगा।
जुपिटर एट अपोजीशन
शनिवार को जुपिटर एट अपोजीशन की घटना होगी। इसमें सूर्य, पृथ्वी और जुपिटर एक सीध में होंगे। यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए जुपिटर और सूर्य के बीच आ जाती है।
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कैसे देखें बृहस्पति?
सारिका ने बताया कि बृहस्पति को पूर्व दिशा में चमकते हुए देखा जा सकता है। टेलीस्कोप की मदद से आप इसकी डिस्क की पट्टियों और इसके उपग्रहों को भी देख सकते हैं। यह ग्रह माइनस 2.8 के मैग्नीट्यूड से चमक रहा होगा और वृषभ तारामंडल में स्थित रहेगा। यह शाम के समय उदित होगा, रातभर आसमान में रहेगा, और मध्यरात्रि में सिर के ठीक ऊपर होगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह शानदार मौका है।
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जुपिटर एट पेरिजी
नेशनल अवार्ड विजेता विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, शुक्रवार को जुपिटर पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा, जिसे जुपिटर एट पेरिजी कहते हैं। इस दौरान इसकी दूरी पृथ्वी से लगभग 61 करोड़ 17 लाख 61 हजार किलोमीटर होगी। यह खगोलीय घटना बृहस्पति को देखने का सबसे उपयुक्त समय है, क्योंकि यह चमकीला और बड़ा दिखाई देगा।
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जुपिटर एट अपोजीशन
शनिवार को जुपिटर एट अपोजीशन की घटना होगी। इसमें सूर्य, पृथ्वी और जुपिटर एक सीध में होंगे। यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करते हुए जुपिटर और सूर्य के बीच आ जाती है।
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कैसे देखें बृहस्पति?
सारिका ने बताया कि बृहस्पति को पूर्व दिशा में चमकते हुए देखा जा सकता है। टेलीस्कोप की मदद से आप इसकी डिस्क की पट्टियों और इसके उपग्रहों को भी देख सकते हैं। यह ग्रह माइनस 2.8 के मैग्नीट्यूड से चमक रहा होगा और वृषभ तारामंडल में स्थित रहेगा। यह शाम के समय उदित होगा, रातभर आसमान में रहेगा, और मध्यरात्रि में सिर के ठीक ऊपर होगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह शानदार मौका है।
