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सीएम शिवराज का एलान: आशा-उषा पर्यवेक्षकों का मानदेय 6 हजार किया, हर साल 1 हजार बढ़ेंगे, 62 में रिटायरमेंट
Sat, 29 Jul 2023 07:22 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 29 Jul 2023 07:22 PM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कई आशा उषा बहनें अभी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित नहीं हैं। हर आशा और उषा बहन को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को लाल परेड ग्राउंड में आंगनवाड़ी सम्मेलन में आशा उषा कार्यकर्ताओं को सौगात दी। उन्होंने आशा उषा कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर छह हजार करने का एलान किया। इसके साथ ही हर साल मानदेय में एक हजार रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा भी की। सीएम ने आशा उषा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु में भी बढ़ोतरी और सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपए का लाभ देने के भी निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी। आशा, उषा और पर्यवेक्षक आशा बहनों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कई आशा उषा बहनें अभी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित नहीं हैं। हर आशा और उषा बहन को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि आकस्मिक अवकाश की बात आई, वैसे हमारा काम ऐसा है कब हमारी जरूरत पड़ जाए, लेकिन फिर भी मानवीयता के नाते हम ऐसी व्यवस्था बनाएं, इन्हें आकस्मिक अवकाश भी हर हालत में सुनिश्चित हो जाए।
जनता के स्वास्थ्य की चिंता में गुजरता है पूरा समय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा के वेतन भुगतान और सत्यापन आशा डायरी के आधार पर सहयोगियों के सत्यापन के बाद तत्काल ब्लॉक के स्तर पर ही कर दिया जाए। इसकी कोई न कोई समय सीमा निश्चित की जाए। सीएम ने कहा कि मैं जानता हूं कि जिस स्तर का आपका काम है। अब लगभग पूरा समय हमारा जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गुजरता है इसलिए 2 हजार रुपए का मानदेय काफी कम है। इसको बढ़ाकर मैं 6 हजार करने का निर्देश देता हूं।
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पांच लाख रुपए का चिकित्सा और दुर्घटना बीमा
शिवराज ने कहा कि जो रूटीन के काम हैं कई बार उनमें भी कोई कमी ना होने पर भी कई आशा बहनें सेवा से पृथक कर दी जाती हैं। मैं ये निर्देश दे रहा हूं कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी। आशा बहनें और पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति 60 साल से बढाकर 62 साल में की जाएगी ताकि वे स्वस्थ रहकर और बेहतर काम कर सकें। आशा, उषा और आशा पर्यवेक्षक बहनों को पांच लाख रुपए का चिकित्सा और दुर्घटना बीमा कराया जाएगा।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कई आशा उषा बहनें अभी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित नहीं हैं। हर आशा और उषा बहन को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि आकस्मिक अवकाश की बात आई, वैसे हमारा काम ऐसा है कब हमारी जरूरत पड़ जाए, लेकिन फिर भी मानवीयता के नाते हम ऐसी व्यवस्था बनाएं, इन्हें आकस्मिक अवकाश भी हर हालत में सुनिश्चित हो जाए।
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जनता के स्वास्थ्य की चिंता में गुजरता है पूरा समय
मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा के वेतन भुगतान और सत्यापन आशा डायरी के आधार पर सहयोगियों के सत्यापन के बाद तत्काल ब्लॉक के स्तर पर ही कर दिया जाए। इसकी कोई न कोई समय सीमा निश्चित की जाए। सीएम ने कहा कि मैं जानता हूं कि जिस स्तर का आपका काम है। अब लगभग पूरा समय हमारा जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गुजरता है इसलिए 2 हजार रुपए का मानदेय काफी कम है। इसको बढ़ाकर मैं 6 हजार करने का निर्देश देता हूं।
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पांच लाख रुपए का चिकित्सा और दुर्घटना बीमा
शिवराज ने कहा कि जो रूटीन के काम हैं कई बार उनमें भी कोई कमी ना होने पर भी कई आशा बहनें सेवा से पृथक कर दी जाती हैं। मैं ये निर्देश दे रहा हूं कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी। आशा बहनें और पर्यवेक्षकों की सेवानिवृत्ति 60 साल से बढाकर 62 साल में की जाएगी ताकि वे स्वस्थ रहकर और बेहतर काम कर सकें। आशा, उषा और आशा पर्यवेक्षक बहनों को पांच लाख रुपए का चिकित्सा और दुर्घटना बीमा कराया जाएगा।
