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अमृत फार्मेसी की दादागीरी: एक्सपायरी लैंस लगाने की शिकायत का एक साल बाद जवाब, केंद्रीय मंत्री के नाम से धमकाया

Mon, 16 Dec 2024 07:35 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 16 Dec 2024 07:35 PM IST
सार

एम्स भोपाल में मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान एक युवक को को एक्सपायरी लैंस लगाने के मामले में अमृत फार्मेसी ने शिकायत के एक साल बाद एम्स प्रशासन को जवाब दिया। हालांकि उसमें भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएं।  वहीं, अब इस मामले में नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। इसको लेकर सभी कागज एम्स और अमृत फार्मेसी से मांगे हैं। 

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Amrit Pharmacy Responds After One Year to Expired Lenses Complaint, Issues Threats Using Union Minister's Name
अमृत फार्मेसी ने एक्सपायर लेंस लगाने की शिकायत पर एक साल बाद दिया जवाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल एम्स प्रशासन ने सूचना के अधिकार के तहत अमृत फार्मेसी की शिकायत पर और उस पर कार्रवाई को लेकर 10 दिसंबर को जानकारी उपलब्ध कराई। इसमें 15 दिसंबर 2023 को एक 29 वर्षीय युवक रामजीवन यादव ने अपने पिता को एक्सपायरी लैंस लगाने को लेकर की गई शिकायत और उस पर कार्रवाई को लेकर जनकारी दी गई। इस मामले में खुलासा हुआ है कि एम्स प्रशासन पीड़ित की शिकायत दबाए बैठा था। 7 नवंबर को 2024 को अमर उजाला के   आरटीआई में जानकारी मांगने के बाद एम्स प्रशासन ने एक्सपायरी लैंस लगाने की शिकायत पर अमृत फार्मेसी से जवाब मांगा है। 
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एम्स के अधीक्षक शशांक पोरवाल ने एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड अमृत फार्मेसी के अधिकारी को 19 नवंबर 2024 को मेल लिखकर गंभीर शिकायत पर जवाब मांगा। इसके बाद उनको एक दिसंबर 2024 को एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड अमृत फार्मेसी की तरफ से जवाब दिया गया और उसमें पीड़ित के आरोपों को सिरे से नकार दिया गया। हालांकि, अपने जवाब के साथ में प्रमाण के तौर पर कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इस पर एम्स प्रशासन की तरफ से छह दिसंबर को उनके अपने स्टेटमेंट के साथ दस्तावेज जमा नहीं करने पर आपत्ति जताई और बयान की सत्यता के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। 
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अमृत फार्मेसी ने दिया यह जवाब 
अमृत फार्मेसी की तरफ से एक दिसंबर को जवाब दिया कि मरीज को लैंस फार्मेसी ने कंसाइनमेंट आधार पर मंगाया गया है। मानक प्रक्रिया के अनुसार उत्पाद उपयोग में आने के बाद ही इनवॉयस जारी किया जाता है। उत्पाद के उपयोग के बाद मरीज अगले दिन चालान के साथ वापस आए। चालान के आधार पर जीएसटी इनवॉइस जारी कर दिया गया। उन्होंने जवाब में बताया कि लैंस की एक्सपायरी फरवरी 2024 थी। वहीं, फार्मेसी स्टाफ द्वारा पीड़ित को केंद्रीय मंत्री के नाम से धमकाने के आरोप को निराधार और असत्य बताया। वहीं, इस मामले में अमृत फार्मेसी भोपाल की डिप्टी मैनेजर चंचल देशवाल से मामले में पक्ष लेने संपर्क किया, लेकिन उन्होंने मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया। 
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नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने शुरू की जांच
इस मामले के संज्ञान में आने के बाद रविवार को नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के भोपाल के ड्रग इंस्पेक्टर सर्वेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने मामले में जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में सभी दस्तावेज अमृत फार्मेसी और एम्स प्रशासन से मांगे जा रहे हैं। 

 
यह है मामला 
एम्स भोपाल को 30 दिसंबर 2023 को छतरपुर के 29 वर्षीय  रामजीवन यादव ने शिकायत की थी। अपनी शिकायत में बताया कि 15 दिसंबर 2023 को मोतियाबिंद सर्जरी के दौरान उसको एक्सपायरी लैंस लगा दिया गया। यह लैंस अमृत फार्मेसी से खरीदा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनको पक्का बिल नहीं दिया गया था। इस पर पीड़ित ने जब फार्मेसी वाले से बात की तो उसने उनकी बात को अनसुना कर दिया। साथ ही अमृत फार्मेसी केंद्रीय मंत्री की होने की धमकी दी। साथ ही शिकायत के अनुसार फर्जी तारीख डालकर बिल दे दिया। शिकायत में पीड़ित ने एम्स प्रशासन ने जांच कर न्याय देने की मांगी और अमृत फार्मेसी को ब्लैक लिस्ट करने की बात कही।
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