फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Ambedkar Bridge: Another negligence of PWD, water diverted on railway track without permission, railways raise

अंबेडकर ब्रिज: पीडब्ल्यूडी की एक और लापरवाही,बगैर परमिशन रेलवे ट्रैक पर डायवर्ट किया पानी,रेलवे ने जताई आपत्ति

Thu, 10 Jul 2025 06:39 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 10 Jul 2025 06:39 PM IST
सार

भोपाल में इसी वर्ष शुरू हुए अंबेडकर ब्रिज में पानी निकासी की व्यवस्था करना पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भूल गए। अब पानी भराव से जाम लगने लगा तो, बिना परमिशन लिए पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ डायवर्ट कर दिया। रेलवे ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

विज्ञापन
Ambedkar Bridge: Another negligence of PWD, water diverted on railway track without permission, railways raise
पानी निकासी की व्यवस्था - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के कारनामे लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। हर दिन नए-नए मामले सामने आ रहे है। अब इसी वर्ष राजधानी भोपाल में शुरू हुए अंबेडकर ब्रिज में पानी निकासी की व्यवस्था करना भूल गए। तेज बारिश से सड़कों में पानी भरने से जाम लगने लगा। परेशानी का निवारण करने आए नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने दूसरी मुसीबत खड़ी कर दी। बिना सोचे समझे और बगैर रेलवे से परमिशन लिए पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ डायवर्ट कर दिया। सड़क का पानी तो निकल गया लेकिन अब रेलवे ट्रैक में पानी भरने का खतरा मंडराने लगा। रेलवे के अधिकारियों को जैसे ही इस बात की भनक लगी उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह से की। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि बिना परमिशन लिए पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ ड्राइवर किया गया है। उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को कहा गया है। 
विज्ञापन





यह है पूरा मामला
दरअसल भोपाल के गणेश मंदिर के पास अंबेडकर फ्लाईओवर (जीजी फ्लाईओवर) और सावरकर सेतु के कट पॉइंट पर भारी बारिश के कारण जमा हुआ पानी को लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम द्वारा बनाए गए एक अस्थाई नाले के माध्यम से रेलवे लाइनों की ओर छोड़ा गया है। दो दिन पहले हुए भारी जलभराव के बाद अंबेडकर ब्रिज पर 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण गणेश मंदिर के सामने 2-3 फीट तक बारिश का पानी जमा हो गया था। इसके बाद कई विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रुके हुए पानी की निकासी के लिए एक अस्थाई निकास खोजा। हालांकि, उपयुक्त निकास निर्धारित करने के बजाय, पानी को सीधे रेलवे पटरियों पर मोड़ दिया गया जिस पर रेलवे ने आपत्ति जताई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाएंगे नई टीम, प्रदेश के समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगा मौका
विज्ञापन
विज्ञापन


 
पुराने नाले को पुनर्जीवित करने की गई थी कोशिश 
दरअसल सड़क में पानी का भराव होने के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों नें अस्थाई नाला बनने से पहले गणेश मंदिर के पास एक पुराने, नाले को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया था, जो कभी अरेरा कॉलोनी से जुड़ा था और रानी कमलापति स्टेशन की ओर जाता था। हालाकि, जल जमाव को कम करने में यह प्रयास अप्रभावी साबित हुआ। इसके बाद पानी को रेलवे ट्रैक की तरफ छोड़ दिया गया। हलांकि बीएमसी का दावा है कि अस्थाई व्यवस्था से कोई खतरा नहीं है। जबकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह बड़ी समस्या बन सकता है। 

यह भी पढ़ें-सीएम ने प्रदेशव्यापी नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना का किया शुभारंभ, बोले-हम भी सरकारी स्कूल में पढ़ते थे


वरिष्ठ अधिकारी ने जताई चिंता 
रेलवे के वरिष्ठ मंडल अभियंता कृष्ण कुमार निगम ने बताया कि शायद सड़क में पानी भर गया था इसलिए, उन्होंने रेलवे ट्रैक की तरफ पानी को डायवर्ट कर दिया था। इसे लेकर रेलवे से उन्होंने किसी प्रकार की परमिशन नहीं ली थी। इसलिए हमने कलेक्टर को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि हमारे ऑफिसर फील्ड पर गए थे और संबंधित को पानी डाइवर्ट करने की दूसरी जगह बता दिया है। उन्होने बताया कि अगर रोड का पूरा पानी रेलवे ट्रैक पर आता है तो  परेशानी हो सकती है, ट्रेन के संचालन को भी बाधित कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed