फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   aiims bhopal davinci robotic surgery facility 30 crore

भोपाल: हाईटेक रोबोटिक सर्जरी अब भोपाल में होगी उपलब्ध, मरीजों को मिलेगी राहत; अगले महीने आएगी मशीन

Sun, 01 Nov 2026 10:08 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 01 Nov 2026 10:08 AM IST
सार

एम्स भोपाल में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से द विंची रोबोट 4.0 के जरिए रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होगी। मशीन एक महीने में पहुंचने की उम्मीद है। पहले चरण में प्रोस्टेट कैंसर, किडनी ट्यूमर और मूत्राशय कैंसर के ऑपरेशन होंगे। इसके लिए 20 सर्जनों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विज्ञापन
aiims bhopal davinci robotic surgery facility 30 crore
एम्स भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एम्स भोपाल में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने जा रही है। संस्थान ने करीब 30 करोड़ रुपये की लागत वाले 'द विंची रोबोट 4.0' का ऑर्डर जारी कर दिया है। अगले एक महीने के भीतर यह मशीन अस्पताल में आ जाएगी। मशीन के आगमन के बाद इसका इंस्टॉलेशन, तकनीकी परीक्षण और डॉक्टरों का प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर ही मरीजों के जटिल ऑपरेशन के लिए इस रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल शुरू होगा।
विज्ञापन


शुरुआती चरण में इस मशीन की मदद से यूरोलॉजी विभाग में प्रोस्टेट कैंसर, किडनी ट्यूमर और मूत्राशय के कैंसर से पीड़ित मरीजों की जटिल शल्य चिकित्सा की जाएगी। आने वाले समय में कार्डियक, गैस्ट्रो, जनरल सर्जरी और स्त्री रोग जैसे विभागों में भी रोबोटिक सर्जरी का विस्तार करने की योजना तैयार की गई है।
विज्ञापन


य़े भी पढ़ें- सुविधा: जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आज से पहली बार शुरू होंगे विशेष चेस्ट क्लीनिक
विज्ञापन
विज्ञापन


अत्याधुनिक तकनीक से सटीक इलाज
द विंची रोबोटिक सिस्टम में चार रोबोटिक आर्म और मुख्य कंसोल होता है। शल्य चिकित्सक कंसोल पर बैठकर 3डी हाई डेफिनिशन कैमरे से मिलने वाले दृश्यों के आधार पर रोबोटिक आर्म को नियंत्रित करते हैं। इस तकनीक की सहायता से डॉक्टर शरीर के अत्यधिक संवेदनशील और छोटे हिस्सों में अधिक सटीकता से शल्य चिकित्सा कर पाते हैं। पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इस आधुनिक प्रणाली से बहुत छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन संभव होते हैं। इससे मरीज को शल्य चिकित्सा के दौरान कम दर्द होता है और रक्तस्राव भी कम रहता है। इसके साथ ही मरीज की अस्पताल में रुकने की अवधि घटने की संभावना बनी रहती है।


स्थानीय स्तर मिल सकेगा सस्ता इलाज
उन्नत रोबोटिक शल्य चिकित्सा कराने के लिए मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को दिल्ली, मुंबई तथा चेन्नई जैसे दूरदराज के महानगरों का रुख करना पड़ता है। निजी चिकित्सा संस्थानों में इस प्रकार के उच्चस्तरीय उपचार का खर्च बहुत अधिक रहता है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में यह सुविधा उपलब्ध होने से आम लोगों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, इलाज पर होने वाला वास्तविक व्यय संबंधित बीमारी की स्थिति, आवश्यक जांचों तथा भर्ती रहने के दिनों पर निर्भर करेगा।

प्रथम चरण में सर्जनों का प्रशिक्षण
एम्स प्रशासन ने इस प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए पहले चरण में 20 सर्जनों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रोबोटिक सिस्टम के सफल इंस्टॉलेशन के तुरंत बाद शुरू होगा। विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत डॉक्टर रोबोट के जरिये शल्य क्रिया करेंगे। इस व्यवस्था से भविष्य में अन्य विभागों को भी लाभ मिलेगा तथा मध्य प्रदेश समेत निकटवर्ती राज्यों के मरीजों को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed