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भोपाल इज्तिमा में इस बार क्या बदलेगा?: तीस फीसदी पानी बचाने का लक्ष्य, मोबाइल नेटवर्क होगा दुरुस्त और बहुत कुछ
Sun, 01 Nov 2026 12:01 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:01 PM IST
सार
4 से 7 दिसंबर तक भोपाल के ईंटखेड़ी में होने वाले 79वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार पानी की खपत 30 प्रतिशत घटाने का लक्ष्य है। मोबाइल नेटवर्क सुधारेगा, रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क बनेंगे और मेट्रो निर्माण के बीच ट्रैफिक प्रबंधन, सीसीटीवी, 24 घंटे चिकित्सा तथा खानपान की गुणवत्ता जांच पर जोर रहेगा।
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निरीक्षण करने पहुंचे भोपाल कलेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल के ईंटखेड़ी में होने वाले 79वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार व्यवस्थाओं के साथ जल संरक्षण पर भी विशेष जोर रहेगा। आयोजन में पानी की कुल खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वुजू स्थलों पर पानी की बर्बादी रोकने से लेकर पाइपलाइनों में लीकेज नियंत्रित करने तक की तैयारी है। चार से सात दिसंबर तक होने वाले इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाली जमातों की सुविधा के लिए मोबाइल नेटवर्क, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इस बार की तैयारियों में खास बात यह है कि प्रशासन केवल आयोजन स्थल पर सुविधाएं जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भोपाल पहुंचने वाले जायरीन को रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से ही सहायता देने की योजना पर काम कर रहा है। पिछले आयोजनों में मोबाइल नेटवर्क पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए बीएसएनएल को अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर नेटवर्क व्यवस्था बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस बार की तैयारियों में
क्या-क्या रहेगा खास?
पानी की खपत 30 प्रतिशत घटाने की पहल
इज्तिमा इंतजामिया कमेटी ने इस बार जल संरक्षण को मुख्य संदेश बनाया है। लक्ष्य पिछले तुलनीय आयोजन के मुकाबले पानी की खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाने का है। वुज़ू के दौरान अनावश्यक पानी बहने से रोकने, नलों और पाइपलाइनों में लीकेज नियंत्रित करने तथा पेयजल वितरण व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया जाएगा। वालंटियर्स जायरीन को पानी बचाने के लिए जागरूक करेंगे। आयोजन स्थल पर भी जल संरक्षण के संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने की तैयारी
पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर मोबाइल नेटवर्क पर दबाव की समस्या सामने आई थी। इसे देखते हुए इस बार बीएसएनएल को अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर नेटवर्क व्यवस्था बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उद्देश्य है कि आयोजन के दौरान लोगों को मोबाइल से संपर्क करने में परेशानी न हो।
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रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क
दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाली जमातों की मदद के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे। यहां से जायरीन को इज्तिमागाह तक पहुंचने, रास्तों और जरूरी सुविधाओं की जानकारी मिलेगी।
मेट्रो निर्माण के कारण ट्रैफिक पर विशेष नजर
इज्तिमा के दौरान शहर में वाहनों का दबाव बढ़ेगा। दूसरी ओर मेट्रो निर्माण कार्य के कारण कुछ मार्ग पहले से प्रभावित हैं। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को विशेष यातायात योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल तक आने-जाने वाले रास्तों, वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। विस्तृत डायवर्जन प्लान अलग से जारी किया जाना है।
सीसीटीवी से निगरानी और भीड़ प्रबंधन
आयोजन स्थल पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन और इज्तिमा कमेटी के बीच समन्वय बनाकर सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
खाने और पेयजल की गुणवत्ता की जांच
बड़ी संख्या में लोगों के खानपान को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल के नमूनों का परीक्षण भी कराया जाएगा। साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर नगर निगम सहित संबंधित विभाग काम कर रहे हैं।
बिजली के काम की दो चरणों में जांच
आयोजन स्थल पर बिजली के इंस्टॉलेशन की स्थापना से पहले और काम पूरा होने के बाद तकनीकी जांच की जाएगी। सभी विद्युत व्यवस्थाएं सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा
आयोजन के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत रखने की तैयारी है। कलेक्टर ने 24 घंटे चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके। अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग को भी जरूरी इंतजाम रखने को कहा गया है।
वालंटियर्स की जिम्मेदारियां होंगी तय
आयोजन में सहयोग के लिए बड़ी संख्या में वालंटियर्स पहुंच रहे हैं। उनकी सूची तैयार कर अलग-अलग व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी दी जाएगी। बाहर से आने वाले लोगों को रास्ता बताने, सुविधाओं की जानकारी देने और जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने में उनकी भूमिका रहेगी।
बारिश से प्रभावित निर्माण कार्यों को मिली गति
इज्तिमागाह और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के निर्माण कार्य बारिश के कारण प्रभावित हुए थे। अब इन कामों को दोबारा गति दी जा रही है। पंडाल लगाने का काम शुरू हो चुका है। पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा रही है। शौचालय, स्नानगृह और पानी के नल लगाने का काम भी जारी है।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण, तय समय में काम पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पंकज पांडे ने अधिकारियों के साथ ईंटखेड़ी स्थित इज्तिमागाह का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, पहुंच मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों को सभी काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए। इससे पहले 15 अक्टूबर को संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने संबंधित विभागों और इज्तिमा समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की थी। संभागायुक्त ने सभी विभागों को मिनट-टू-मिनट एक्शन प्लान बनाने और आयोजन स्थल पर जाकर कामों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।
यह भी पढ़ें-एनएलआईयू की रिसर्च: कठोर कानून के बाद भी क्यों नहीं थम रहे दुष्कर्म?,एमपी के जेलों में बंद दोषियों ने खोले राज
धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आलमी तब्लीगी इज्तिमा इंतजामिया कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. उमर हफीज खान के मुताबिक, इस बार जल संरक्षण को मुख्य विषय बनाने का निर्णय लिया गया है। कमेटी का प्रयास है कि पानी की खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाई जाए। उनका कहना है कि पानी की हिफाजत सभी की जिम्मेदारी है और इज्तिमा के माध्यम से देशभर से आने वाले लोगों तक इसका संदेश पहुंचाया जाएगा। इस तरह 79वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार पानी बचाने की मुहिम के साथ सुरक्षा, नेटवर्क, यातायात और बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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इस बार की तैयारियों में
क्या-क्या रहेगा खास?
पानी की खपत 30 प्रतिशत घटाने की पहल
इज्तिमा इंतजामिया कमेटी ने इस बार जल संरक्षण को मुख्य संदेश बनाया है। लक्ष्य पिछले तुलनीय आयोजन के मुकाबले पानी की खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाने का है। वुज़ू के दौरान अनावश्यक पानी बहने से रोकने, नलों और पाइपलाइनों में लीकेज नियंत्रित करने तथा पेयजल वितरण व्यवस्थित करने पर ध्यान दिया जाएगा। वालंटियर्स जायरीन को पानी बचाने के लिए जागरूक करेंगे। आयोजन स्थल पर भी जल संरक्षण के संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे।
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मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने की तैयारी
पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर मोबाइल नेटवर्क पर दबाव की समस्या सामने आई थी। इसे देखते हुए इस बार बीएसएनएल को अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर नेटवर्क व्यवस्था बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उद्देश्य है कि आयोजन के दौरान लोगों को मोबाइल से संपर्क करने में परेशानी न हो।
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रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क
दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाली जमातों की मदद के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे। यहां से जायरीन को इज्तिमागाह तक पहुंचने, रास्तों और जरूरी सुविधाओं की जानकारी मिलेगी।
मेट्रो निर्माण के कारण ट्रैफिक पर विशेष नजर
इज्तिमा के दौरान शहर में वाहनों का दबाव बढ़ेगा। दूसरी ओर मेट्रो निर्माण कार्य के कारण कुछ मार्ग पहले से प्रभावित हैं। इसे देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को विशेष यातायात योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन स्थल तक आने-जाने वाले रास्तों, वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। विस्तृत डायवर्जन प्लान अलग से जारी किया जाना है।
सीसीटीवी से निगरानी और भीड़ प्रबंधन
आयोजन स्थल पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन और इज्तिमा कमेटी के बीच समन्वय बनाकर सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
खाने और पेयजल की गुणवत्ता की जांच
बड़ी संख्या में लोगों के खानपान को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल के नमूनों का परीक्षण भी कराया जाएगा। साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर नगर निगम सहित संबंधित विभाग काम कर रहे हैं।
बिजली के काम की दो चरणों में जांच
आयोजन स्थल पर बिजली के इंस्टॉलेशन की स्थापना से पहले और काम पूरा होने के बाद तकनीकी जांच की जाएगी। सभी विद्युत व्यवस्थाएं सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा
आयोजन के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत रखने की तैयारी है। कलेक्टर ने 24 घंटे चिकित्सा और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिल सके। अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग को भी जरूरी इंतजाम रखने को कहा गया है।
वालंटियर्स की जिम्मेदारियां होंगी तय
आयोजन में सहयोग के लिए बड़ी संख्या में वालंटियर्स पहुंच रहे हैं। उनकी सूची तैयार कर अलग-अलग व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी दी जाएगी। बाहर से आने वाले लोगों को रास्ता बताने, सुविधाओं की जानकारी देने और जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने में उनकी भूमिका रहेगी।
बारिश से प्रभावित निर्माण कार्यों को मिली गति
इज्तिमागाह और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं के निर्माण कार्य बारिश के कारण प्रभावित हुए थे। अब इन कामों को दोबारा गति दी जा रही है। पंडाल लगाने का काम शुरू हो चुका है। पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई जा रही है। शौचालय, स्नानगृह और पानी के नल लगाने का काम भी जारी है।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण, तय समय में काम पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पंकज पांडे ने अधिकारियों के साथ ईंटखेड़ी स्थित इज्तिमागाह का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, बिजली, साफ-सफाई, पहुंच मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों को सभी काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए। इससे पहले 15 अक्टूबर को संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने संबंधित विभागों और इज्तिमा समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की थी। संभागायुक्त ने सभी विभागों को मिनट-टू-मिनट एक्शन प्लान बनाने और आयोजन स्थल पर जाकर कामों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।
यह भी पढ़ें-एनएलआईयू की रिसर्च: कठोर कानून के बाद भी क्यों नहीं थम रहे दुष्कर्म?,एमपी के जेलों में बंद दोषियों ने खोले राज
धार्मिक आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आलमी तब्लीगी इज्तिमा इंतजामिया कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. उमर हफीज खान के मुताबिक, इस बार जल संरक्षण को मुख्य विषय बनाने का निर्णय लिया गया है। कमेटी का प्रयास है कि पानी की खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाई जाए। उनका कहना है कि पानी की हिफाजत सभी की जिम्मेदारी है और इज्तिमा के माध्यम से देशभर से आने वाले लोगों तक इसका संदेश पहुंचाया जाएगा। इस तरह 79वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा में इस बार पानी बचाने की मुहिम के साथ सुरक्षा, नेटवर्क, यातायात और बुनियादी सुविधाओं के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
