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Bhopal: वैष्णव मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक विवेक परिहार गिरफ्तार
Fri, 03 Jun 2022 03:58 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 03 Jun 2022 03:58 PM IST
सार
राजधानी भोपाल के वैष्ण मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक विवेक परिहार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। परिहार पर आयुष्मान योजना में बिना मरीज को भर्ती किए करोड़ों रुपए फर्जी दस्तावेजों से लेने का आरोप है।
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क्राइम ब्रांच ने विवेक परिवार को गिरफ्तार किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल के वैष्ण मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक विवेक परिहार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। परिहार पर आयुष्मान योजना में बिना मरीज को भर्ती किए करोड़ों रुपए फर्जी दस्तावेजों से लेने का आरोप है।
मध्य प्रदेश आयुष्मान की तरफ से क्राइम ब्रांच को वैष्ण मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के फर्जी दस्तावेजों पर बिना मरीज को भर्ती किए पैसा लेने की शिकायत आई थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वहीं प्रारंभिक रिपोर्ट में गड़बड़ी के बाद भोपाल सीएमएचओ की तरफ से अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का नोटिस जारी किया गया। इसके बाद शुक्रवार को अस्पताल के संचालक विवेक परिवार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। मध्य प्रदेश आयुष्मान के संचालक अनुराग चौधरी ने बताया कि अस्पताल में सरकार की दूसरी योजनाओं में मरीजों को मिली आर्थिक सहायता की भी जांच की जा रही है।
अस्पताल में एक साल में 62 फर्जी मरीज अस्पताल में भर्ती बताकर आयुष्मान योजना के तहत एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान ले लिया गया है। इसमें से 32 मरीज तो ऐसे हैं जो अस्पताल में भर्ती हुए ही नहीं हैं। उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अस्पताल ने योजना की राशि ली है। अस्पताल की तरफ से मरीजों का भुगतान के लिए भेजे डाटा पर संदेह होने पर जांच में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद अस्पताल के 50 लाख रुपए के भुगतान को रोक दिया गया।
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मध्य प्रदेश आयुष्मान की तरफ से क्राइम ब्रांच को वैष्ण मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के फर्जी दस्तावेजों पर बिना मरीज को भर्ती किए पैसा लेने की शिकायत आई थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वहीं प्रारंभिक रिपोर्ट में गड़बड़ी के बाद भोपाल सीएमएचओ की तरफ से अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का नोटिस जारी किया गया। इसके बाद शुक्रवार को अस्पताल के संचालक विवेक परिवार को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। मध्य प्रदेश आयुष्मान के संचालक अनुराग चौधरी ने बताया कि अस्पताल में सरकार की दूसरी योजनाओं में मरीजों को मिली आर्थिक सहायता की भी जांच की जा रही है।
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अस्पताल में एक साल में 62 फर्जी मरीज अस्पताल में भर्ती बताकर आयुष्मान योजना के तहत एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान ले लिया गया है। इसमें से 32 मरीज तो ऐसे हैं जो अस्पताल में भर्ती हुए ही नहीं हैं। उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अस्पताल ने योजना की राशि ली है। अस्पताल की तरफ से मरीजों का भुगतान के लिए भेजे डाटा पर संदेह होने पर जांच में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद अस्पताल के 50 लाख रुपए के भुगतान को रोक दिया गया।
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