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भोपाल: सरकारी विभागों में गाड़ी लगाने के नाम पर ठगी करने वाला 20 हजार रुपये का इनामी बदमाश गिरफ्तार
Thu, 18 Nov 2021 05:19 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 18 Nov 2021 05:19 PM IST
सार
निशातपुरा पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों से 1.15 करोड़ रुपये मूल्य के 13 वाहन बरामद किए हैं। इनमें 5 बोलेरो, 2 टाटा जेस्ट, इनोवा, टीयूवी 300, हुंडई एक्सेस, टाटा एस्पायर, स्विफ्ट डिजायर और अल्टो शामिल है।
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भोपाल में ठग गिरोह से बरामद कारें।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के भोपाल में कम समय में तेजी से और अधिक पैसा कमाने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया है। इस गिरोह के सदस्य दूरदराज से आकर किराये पर रह रहे लोगों को झांसा देते थे। निशातपुरा पुलिस ने आरोपियों से 1.15 करोड़ रुपये मूल्य के 13 वाहन बरामद किए हैं। इनमें 5 बोलेरो, 2 टाटा जेस्ट, इनोवा, टीयूवी 300, हुंडई एक्सेस, टाटा एस्पायर, स्विफ्ट डिजायर और अल्टो शामिल है। गिरोह के सरगना पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
दरअसल, यह गिरोह ऐसे युवाओं की तलाश में रहता जो जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं। उन्हें सरकारी दफ्तरों से गाड़ी अटैच करने का भरोसा दिया जाता और वे वाहन खरीद भी लेते। बाद में इन्हीं वाहनों को दूसरे लोगों के पास गिरवी रखकर और बेचकर पैसा कमाते थे। निशातपुरा थाने में छह से अधिक शिकायतें आई थी। हर बार राजपाल राजपूत और विनोद मीना का नाम सामने आया। उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
निशातपुरा थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। इस टीम ने आरोपियों के घर और रिश्तेदारों के यहां छापे मारे। आरोपी भी बार-बार ठिकाना बदल रहे थे। मुखबिर से पता चला कि राजपाल राजपूत रायसेन जा रहा है। निशातपुरा पुलिस की टीम ने डोबरा-गांधीनगर बायपास रोड जोड़ पर सफेद टीयूवी 300 खड़ी देखी। उसमें से राजपाल राजपूत नीचे उतरा, जिसे तत्काल पकड़ा गया। राजपाल के खिलाफ 406, 420, 411 और 34 धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। पूछताछ में 6 नाम और सामने आए। फिर 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनसे 13 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं।
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इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है, उनमें राजपाल सिंह राजपूत, उम्र 26 साल, कृष्णा यादव, उम्र 31 साल, रामस्वरूप मीना, उम्र 32 साल, मोहम्मद सोहेल, उम्र 26 साल, जितेंद्र नाथ, उम्र 24 साल, और रोहित मीना, उम्र 27 साल शामिल हैं। विनोद मीना फरार चल रहा है।
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दरअसल, यह गिरोह ऐसे युवाओं की तलाश में रहता जो जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं। उन्हें सरकारी दफ्तरों से गाड़ी अटैच करने का भरोसा दिया जाता और वे वाहन खरीद भी लेते। बाद में इन्हीं वाहनों को दूसरे लोगों के पास गिरवी रखकर और बेचकर पैसा कमाते थे। निशातपुरा थाने में छह से अधिक शिकायतें आई थी। हर बार राजपाल राजपूत और विनोद मीना का नाम सामने आया। उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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निशातपुरा थाना प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। इस टीम ने आरोपियों के घर और रिश्तेदारों के यहां छापे मारे। आरोपी भी बार-बार ठिकाना बदल रहे थे। मुखबिर से पता चला कि राजपाल राजपूत रायसेन जा रहा है। निशातपुरा पुलिस की टीम ने डोबरा-गांधीनगर बायपास रोड जोड़ पर सफेद टीयूवी 300 खड़ी देखी। उसमें से राजपाल राजपूत नीचे उतरा, जिसे तत्काल पकड़ा गया। राजपाल के खिलाफ 406, 420, 411 और 34 धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। पूछताछ में 6 नाम और सामने आए। फिर 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनसे 13 चार पहिया वाहन जब्त किए गए हैं।
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इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है, उनमें राजपाल सिंह राजपूत, उम्र 26 साल, कृष्णा यादव, उम्र 31 साल, रामस्वरूप मीना, उम्र 32 साल, मोहम्मद सोहेल, उम्र 26 साल, जितेंद्र नाथ, उम्र 24 साल, और रोहित मीना, उम्र 27 साल शामिल हैं। विनोद मीना फरार चल रहा है।
