{"_id":"6262ecc67a68ae2cc646ef79","slug":"bhopal-amit-shah-said-that-the-congress-was-founded-by-the-british-in-the-form-of-a-club-bjp-has-come-out-in-the-heat-of-the-agitation","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल: अमित शाह बोले- कांग्रेस की स्थापना अंग्रेजों ने क्लब के रूप में की थी, बीजेपी आंदोलन की आंच में तप कर निकली है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल: अमित शाह बोले- कांग्रेस की स्थापना अंग्रेजों ने क्लब के रूप में की थी, बीजेपी आंदोलन की आंच में तप कर निकली है
Sat, 23 Apr 2022 10:57 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 23 Apr 2022 10:57 AM IST
सार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय पर केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों एवं प्रदेश के मंत्रियों की बैठक ली।
विज्ञापन
बीजेपी मुख्यालय में अमित शाह ने ली पदाधिकारियों की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों एवं प्रदेश के मंत्रियों की बैठक ली। शाह ने कहा कि कांग्रेस की स्थापना किसी विचारधारा के आधार पर नहीं बल्कि एक अंग्रेज अफसर ने एक क्लब के रूप में की थी।
अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 50 के दशक से ही एक विचारधारा पर काम कर रही है। इतने साल बीतने के बाद भी हमारे मूल सिद्धांत, हमारी कार्यपद्धति और संस्कृति वही है, जिन्हें डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे नेताओं ने रेखांकित किया है। हमारी केन्द्र और राज्य सरकारें गरीब कल्याण के विचार को जमीन पर उतारने का काम कर रही हैं और हमारा नेतृत्व बेदाग है, जिस पर हमें गर्व है। पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा और अन्य दलों के बीच के इस फर्क को समझना जरूरी है।
हम आंदोलनों की आंच में तपकर निखरे हैं
शाह ने कहा कि देश के स्वतंत्र होते ही कांग्रेस सत्ता में बैठ गई थी। इस वजह से कांग्रेस का आंदोलनों से नाता नहीं रहा। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र और राष्ट्रवादी विचारधारा को लेकर किए गए आंदोलनों की आंच से तपकर निखरी है। सबसे पहले गोवा की स्वतंत्रता, गौहत्या पर प्रतिबंध के लिए आंदोलन किया। 1975 में हम आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन में शामिल हुए। इसके बाद राम जन्मभूमि आंदोलन, तिरंगा यात्रा और ऐसे ही अनेक आंदोलन पार्टी ने किए हैं, जो हमारी विचारधारा से प्रेरित और उसी पर आधारित है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन आंदोलनों का उद्देश्य पार्टी का विस्तार नहीं था बल्कि इन मुद्दों के प्रति जनता में चेतना लाना और कार्यकर्ताओं को इनसे जोड़ना ही पार्टी का लक्ष्य रहा है।
विज्ञापन
हम एक अलग तरह की पार्टी हैं
शाह ने कहा कि प्रत्येक पार्टी का चरित्र उसकी विचारधारा, कार्यक्रम और नेतृत्व से तय होता है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण हमारी विचारधारा के मूल हैं। हमारे जैसे नेता किसी पार्टी में नहीं है। यह बात हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हमारे नेतृत्व पर कभी आरोप नहीं लगे और इसलिए हम एक अलग तरह की पार्टी है।
बूथ सशक्तिकरण के लिए विचारपूर्वक काम करें
शाह ने कहा कि हमारे नेता स्व. कुशाभाऊ ठाकरे ने संगठन की नींव रखी थी। उन्होंने मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन द्वारा चलायी जा रही बूथ विस्तारक योजना की तारीफ करते हुए कहा कि स्व. ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष पर मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन ने बूथ सशक्तिकरण का जो काम हाथ में लिया है वह पूरी तरह सफल रहा है। प्रदेश नेतृत्व ने कार्यक्रमों की जो रूपरेखा बनायी है वह भी बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि बूथ सशक्तिकरण के लिए यह जरूरी है कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ पर विचारपूर्वक काम करें। किस बूथ पर हम अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में है और वहां मजबूती के लिए क्या किया जाना चाहिए, कौन-से समीकरण उस बूथ को प्रभावित करते हैं, किस नेता या कार्यकर्ता को वहां भेजा जाना उचित होगा, इन सभी बातों पर विचार करते हुए योजना बनाएं। शाह ने कहा कि पार्टी को बूथ पर मजबूत बनाने के लिए हमें मजदूरी नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से परिश्रम करना है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं से आह्वान किया कि सभी 10-10 बूथों की जिम्मेदारी अपने उपर लें।
विज्ञापन
अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 50 के दशक से ही एक विचारधारा पर काम कर रही है। इतने साल बीतने के बाद भी हमारे मूल सिद्धांत, हमारी कार्यपद्धति और संस्कृति वही है, जिन्हें डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे नेताओं ने रेखांकित किया है। हमारी केन्द्र और राज्य सरकारें गरीब कल्याण के विचार को जमीन पर उतारने का काम कर रही हैं और हमारा नेतृत्व बेदाग है, जिस पर हमें गर्व है। पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा और अन्य दलों के बीच के इस फर्क को समझना जरूरी है।
विज्ञापन
हम आंदोलनों की आंच में तपकर निखरे हैं
शाह ने कहा कि देश के स्वतंत्र होते ही कांग्रेस सत्ता में बैठ गई थी। इस वजह से कांग्रेस का आंदोलनों से नाता नहीं रहा। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र और राष्ट्रवादी विचारधारा को लेकर किए गए आंदोलनों की आंच से तपकर निखरी है। सबसे पहले गोवा की स्वतंत्रता, गौहत्या पर प्रतिबंध के लिए आंदोलन किया। 1975 में हम आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन में शामिल हुए। इसके बाद राम जन्मभूमि आंदोलन, तिरंगा यात्रा और ऐसे ही अनेक आंदोलन पार्टी ने किए हैं, जो हमारी विचारधारा से प्रेरित और उसी पर आधारित है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन आंदोलनों का उद्देश्य पार्टी का विस्तार नहीं था बल्कि इन मुद्दों के प्रति जनता में चेतना लाना और कार्यकर्ताओं को इनसे जोड़ना ही पार्टी का लक्ष्य रहा है।
विज्ञापन
हम एक अलग तरह की पार्टी हैं
शाह ने कहा कि प्रत्येक पार्टी का चरित्र उसकी विचारधारा, कार्यक्रम और नेतृत्व से तय होता है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण हमारी विचारधारा के मूल हैं। हमारे जैसे नेता किसी पार्टी में नहीं है। यह बात हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हमारे नेतृत्व पर कभी आरोप नहीं लगे और इसलिए हम एक अलग तरह की पार्टी है।
बूथ सशक्तिकरण के लिए विचारपूर्वक काम करें
शाह ने कहा कि हमारे नेता स्व. कुशाभाऊ ठाकरे ने संगठन की नींव रखी थी। उन्होंने मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन द्वारा चलायी जा रही बूथ विस्तारक योजना की तारीफ करते हुए कहा कि स्व. ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष पर मध्यप्रदेश में पार्टी संगठन ने बूथ सशक्तिकरण का जो काम हाथ में लिया है वह पूरी तरह सफल रहा है। प्रदेश नेतृत्व ने कार्यक्रमों की जो रूपरेखा बनायी है वह भी बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि बूथ सशक्तिकरण के लिए यह जरूरी है कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ पर विचारपूर्वक काम करें। किस बूथ पर हम अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में है और वहां मजबूती के लिए क्या किया जाना चाहिए, कौन-से समीकरण उस बूथ को प्रभावित करते हैं, किस नेता या कार्यकर्ता को वहां भेजा जाना उचित होगा, इन सभी बातों पर विचार करते हुए योजना बनाएं। शाह ने कहा कि पार्टी को बूथ पर मजबूत बनाने के लिए हमें मजदूरी नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से परिश्रम करना है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं से आह्वान किया कि सभी 10-10 बूथों की जिम्मेदारी अपने उपर लें।
