फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   bhojshala-dispute-hindu-side-files-caveat-in-supreme-court-after-mp-high-court-verdict

भोजशाला को हाईकोर्ट ने माना मंदिर: फैसले के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट, रखी ये मांग

Fri, 15 May 2026 05:58 PM IST
Tarunendra Kumar Chaturvedi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: Tarunendra Kumar Chaturvedi Updated Fri, 15 May 2026 05:58 PM IST
सार

भोजशाला विवाद मामले में हिंदू पक्ष ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि मामले में किसी भी अपील पर हिंदू पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। हाईकोर्ट ने भोजशाला को देवी सरस्वती का मंदिर मानते हुए एएसआई को इसके प्रबंधन का अधिकार दिया है।

विज्ञापन
bhojshala-dispute-hindu-side-files-caveat-in-supreme-court-after-mp-high-court-verdict
सु्प्रीम कोर्ट और भोजशाला मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धार स्थित भोजशाला परिसर विवाद मामले में हिंदू पक्ष ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की। याचिका में मांग की गई है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर होने वाली किसी भी अपील पर हिंदू पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। यह कैविएट जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ की ओर से अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से दाखिल की गई। याचिका में कहा गया है कि उपरोक्त मामले में हस्ताक्षरकर्ता को नोटिस दिए बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

विज्ञापन


जितेंद्र सिंह विशेन इस मामले में छठे याचिकाकर्ता थे, जिस पर इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माने जा रहे इस फैसले में हाईकोर्ट ने धार जिले स्थित विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर घोषित किया। साथ ही कहा कि इसके प्रशासन और प्रबंधन का निर्णय केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ले सकते हैं।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- Live Bhojshala Case Live: हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार;फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन

एएसआई के आदेश को कोर्ट ने किया रद्द
हाईकोर्ट ने एएसआई के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। खंडपीठ ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय, जो 11वीं शताब्दी के एएसआई संरक्षित स्मारक को ‘कमाल मौला मस्जिद’ कहता है, वह मस्जिद निर्माण के लिए धार जिले में अलग भूमि आवंटन हेतु मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क कर सकता है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed