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Bharat jodo yatra: पेसा जागरूकता यात्रा से राहुल की यात्रा की हवा निकालने की तैयारी, BJP ने बनाया बड़ा प्लान
Fri, 18 Nov 2022 06:36 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 18 Nov 2022 06:36 PM IST
सार
कांग्रेस नेताओं को यात्रा से 2023 के चुनाव में जबदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। इस बीच बीजेपी ने भी यात्रा के प्रभाव को कम करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है। अब बीजेपी पेसा जागरूकता यात्रा से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की हवा निकालने की तैयारी में है।
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा
- फोटो : Twitter@ inc
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विस्तार
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अब मध्य प्रदेश में 23 नवंबर को दाखिल होगी। यात्रा के एमपी में आने से पहले ही सियासत भी तेज हो गई है। राहुल गांधी को बम से उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने से हड़कंप मच गया। कांग्रेस इसे बीजेपी की साजिश बता रही है तो बीजेपी ने पत्र को कांग्रेस का स्टंट करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी राहुल की यात्रा से डर गई है। कांग्रेस नेताओं को यात्रा से 2023 के चुनाव में जबदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। इस बीच बीजेपी ने भी यात्रा के प्रभाव को कम करने के लिए बड़ा प्लान बनाया है। अब बीजेपी पेसा जागरूकता यात्रा से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की हवा निकालने की तैयारी में है।
बीजेपी भारत जोड़ो यात्रा से पहले प्रदेश में 20 नवंबर को यात्रा निकालेगी। बीजेपी एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भाबर ने बताया प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र से एक यात्रा निकलेगी, जो 3 दिसंबर तक जारी रहेगी। प्रत्येक विधानसभा में जाएगी। इसमें पेसा एक्ट और केंद्र और राज्य सरकार की विशेष आदिवासियों के लिए चल रही योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। अब बीजेपी ने यात्रा का आदिवासी क्षेत्रों में खास फोकस कर दिया है। इसके लिए खास तौर से मालवा निमाड़ के नेताओं को निर्देश दिए गए है। आदिवासी वर्ग के बीच बीजेपी के नेताओं को पेसा नियम के फायदें, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा गया है। इसे राहुल की यात्रा के काट के रूप में देखा जा रहा बीजेपी की 4 दिसंबर को पातालपानी में टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर भी बड़ा आयोजन करने की तैयारी है।
बीजेपी एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भाबर 20 नवंबर को प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र से एक यात्रा निकलेगी, जो 3 दिसंबर तक जारी रहेगी। प्रत्येक विधानसभा और कस्बों में जाएगी। सरकार विशेष आदिवासियों के लिए चल रही योजनाएं और पेसा एक्ट के फायदें बताएंगे।
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विधानसभा चुनाव 2023 से पहले आदिवासी वर्ग को साधने के लिए दोनों ही राजनीति पार्टी जोर लगा रही है। सरकार पिछड़े डेढ़ साल से बढ़े आयोजन कर रही है। बीजेपी के साथ अब सरकार की तरफ से अधिकारियों को भी आदिवासियों को पेसा नियम को जमीन पर उतारने सक्रिय किया जा रहा है। इसके लिए भोपाल में 22 नवंबर को बड़ी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 7 संभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा से भाजपा भयभीत है। उसे भारत जोड़ो शब्द से ही नफरत है, वह यात्रा को नीचा दिखाने के लिए कुछ भी निर्णय ले सकती है।
बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केशवानी ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कांग्रेस का मूल चरित्र छल, कपट और धोखा देना है। इन्होंने 60 साल में कभी आदिवासी की चिंता नहीं की। पेसा एक्ट आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाएगा। यह उनको अधिकार देने वाला है एक्ट है। भ्रम फैला कर राजनीति करने वाले को जनता करारा जवाब देगी।
बता दें प्रदेश में 230 में से 47 सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। 2003 से बीजेपी के साथ रहने वाला आदिवासी वर्ग 2018 में कांग्रेस के साथ चला गया। जिससे बीजेपी के हाथ से सत्ता चली गई। आदिवासी वर्ग की सबसे ज्यादा सीटें मालवा निमाड़ क्षेत्र में ही है। इसी क्षेत्र से यात्रा निकल रही है। इस क्षेत्र की 66 सीटों पर यात्रा का ज्यादा प्रभाव पड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में बीजेपी आदिवासियों को साधने में जुट गई है। वह 2018 की गलती सुधारने में लग गई है।
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बीजेपी भारत जोड़ो यात्रा से पहले प्रदेश में 20 नवंबर को यात्रा निकालेगी। बीजेपी एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भाबर ने बताया प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र से एक यात्रा निकलेगी, जो 3 दिसंबर तक जारी रहेगी। प्रत्येक विधानसभा में जाएगी। इसमें पेसा एक्ट और केंद्र और राज्य सरकार की विशेष आदिवासियों के लिए चल रही योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। अब बीजेपी ने यात्रा का आदिवासी क्षेत्रों में खास फोकस कर दिया है। इसके लिए खास तौर से मालवा निमाड़ के नेताओं को निर्देश दिए गए है। आदिवासी वर्ग के बीच बीजेपी के नेताओं को पेसा नियम के फायदें, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा गया है। इसे राहुल की यात्रा के काट के रूप में देखा जा रहा बीजेपी की 4 दिसंबर को पातालपानी में टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर भी बड़ा आयोजन करने की तैयारी है।
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बीजेपी एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भाबर 20 नवंबर को प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र से एक यात्रा निकलेगी, जो 3 दिसंबर तक जारी रहेगी। प्रत्येक विधानसभा और कस्बों में जाएगी। सरकार विशेष आदिवासियों के लिए चल रही योजनाएं और पेसा एक्ट के फायदें बताएंगे।
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विधानसभा चुनाव 2023 से पहले आदिवासी वर्ग को साधने के लिए दोनों ही राजनीति पार्टी जोर लगा रही है। सरकार पिछड़े डेढ़ साल से बढ़े आयोजन कर रही है। बीजेपी के साथ अब सरकार की तरफ से अधिकारियों को भी आदिवासियों को पेसा नियम को जमीन पर उतारने सक्रिय किया जा रहा है। इसके लिए भोपाल में 22 नवंबर को बड़ी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 7 संभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा से भाजपा भयभीत है। उसे भारत जोड़ो शब्द से ही नफरत है, वह यात्रा को नीचा दिखाने के लिए कुछ भी निर्णय ले सकती है।
बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केशवानी ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कांग्रेस का मूल चरित्र छल, कपट और धोखा देना है। इन्होंने 60 साल में कभी आदिवासी की चिंता नहीं की। पेसा एक्ट आदिवासियों के जीवन में बदलाव लाएगा। यह उनको अधिकार देने वाला है एक्ट है। भ्रम फैला कर राजनीति करने वाले को जनता करारा जवाब देगी।
बता दें प्रदेश में 230 में से 47 सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। 2003 से बीजेपी के साथ रहने वाला आदिवासी वर्ग 2018 में कांग्रेस के साथ चला गया। जिससे बीजेपी के हाथ से सत्ता चली गई। आदिवासी वर्ग की सबसे ज्यादा सीटें मालवा निमाड़ क्षेत्र में ही है। इसी क्षेत्र से यात्रा निकल रही है। इस क्षेत्र की 66 सीटों पर यात्रा का ज्यादा प्रभाव पड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में बीजेपी आदिवासियों को साधने में जुट गई है। वह 2018 की गलती सुधारने में लग गई है।
