फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Betul News ›   Betul faces drought-like conditions after 20 years reservoirs with 50% capacity to be reserved drinking water

एमपी: बैतूल में सूखे का संकट गहराया, 50% पानी वाले जलाशय सिर्फ पेयजल के लिए रिजर्व; क्या बोले हेमंत खंडेलवाल?

Wed, 07 Oct 2026 08:49 PM IST
बैतूल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Published by: बैतूल ब्यूरो Updated Wed, 07 Oct 2026 08:49 PM IST
सार

बैतूल में कम बारिश से जलाशयों में पानी की कमी के कारण सूखे का संकट गहरा गया है। 50 प्रतिशत पानी वाले जलाशय पेयजल के लिए रिजर्व रहेंगे, जबकि 75 प्रतिशत वाले जलाशयों से रबी में एक बार सिंचाई होगी।

विज्ञापन
Betul faces drought-like conditions after 20 years reservoirs with 50% capacity to be reserved drinking water
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बैतूल जिले में इस साल कम बारिश के कारण सूखे का संकट गहराने लगा है। जलाशयों में पानी का स्तर काफी कम है, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल और सिंचाई को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। हालात को देखते हुए बुधवार को जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की अहम बैठक हुई। बैठक में रबी सीजन में जलाशयों के पानी के उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

विज्ञापन

बैठक में तय किया गया कि जिन जलाशयों में 50 प्रतिशत ही पानी बचा है, उन्हें पूरी तरह पेयजल के लिए रिजर्व रखा जाएगा। इन जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जाएगा। वहीं, जिन जलाशयों में 75 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, वहां से किसानों को रबी सीजन में केवल एक बार सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जलाशयों के पानी में पहली प्राथमिकता पेयजल की होगी और इसके बाद ही सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

विज्ञापन


पढे़ं: अभिनेता राजपाल यादव की फिर बढ़ी मुश्किलें: सुप्रीम कोर्ट के बाद अब महू कोर्ट में पेशी, जानें क्या है मामला?

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके साथ ही किसानों से कम पानी में तैयार होने वाली फसलों का चयन करने की अपील की जा रही है। गेहूं और चना जैसी फसलों में पानी की अधिक जरूरत होती है। ऐसे में किसानों को दलहन और कम पानी वाली फसलों की ओर जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि सीमित जल संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन लिया जा सके।

इधर, बैतूल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी तेज हो गई है। इस संबंध में सरकार से चर्चा चल रही है। बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पिछले 20 साल में पहली बार जिले में पानी को लेकर इतनी भयावह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि इस बार जिले में मानसून कमजोर रहा, जिसके कारण जलाशय पूरी तरह नहीं भर पाए।

हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संकट की इस स्थिति में जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। किसानों को हरसंभव मदद दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पेयजल संकट से निपटने के लिए भी पहले से योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से पानी का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed