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नोटबंदी : मासूम की जान बचाने के लिए खुद अस्पताल पहुंचा बैंक
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:34 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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नोटबंदी के बाद बैंक में लाइन लगे लोगों के बीच हो रहे झगड़े और मौतों जैसे कई मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने टेंशन के इस माहौल के बीच मानवता की मिसाल पेश की है। दरअसल, ये मामला एमपी के खरगोन जिले का है, जहां मासूम की जान बचाने के खातिर बैंक खुद अस्पताल जा पहुंचा।
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दरअसल, आठ साल के यश दीक्षित को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चे को भर्ती कराने के बाद उसके पिता पैसों के लिए बैंक पहुंचे तो वहां लंबी लाइनें लगी थी। लंबी लाइन देख वे परेशान हो गए। हालांकि, बैंक ने उनकी मुश्किल अनोखे तरीके से दूर कर दी।
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कतार में खड़े लोगों ने इस बात की जानकारी बैंक मैनेजर को दी। इसके बाद खुद बैंक मैनेजर राजेश भोजवानी पैसे निकालने का फार्म लेकर अस्पताल पहुंचे और बीमार बच्चे के परिजन को 5 हजार रुपये सौंप दिए। मैनेजर की इस दरियादली की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है। क्योंकि यूपी बीकेटी के कठवारा का रहने वाला अमरपाल गर्भवती पत्नी के इलाज के लिए बैंक से पैसे निकालने के लिए लाइन में लगा था, उधर अस्पताल में पत्नी मीरा देवी (22) की मौत हो गई।
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