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Madhya Pradesh: वैराग्य की राह पर सर्राफा कारोबारी,11 करोड़ रुपये की संपत्ति दान दी, 22 मई को सपरिवार लेंगे दीक्षा
Tue, 17 May 2022 06:34 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 17 May 2022 06:34 PM IST
सार
बालाघाट जिले के सर्राफा कारोबारी राकेश सुराना 22 मई को जयपुर में अपनी पत्नी और 11 साल के बेटे के साथ दीक्षा लेने जा रहे हैं। सराफा कारोबारी ने संयम की राह पर चलने से पहले अपनी 11 करोड़ रुपये की संपत्ति दान कर दी।
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पत्नी लीना और बेटे अमय के साथ राकेश सुराना।
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के सर्राफा कारोबारी अपनी करोड़ों की संपत्ति दान कर वैराग्य की राह में चल पड़े हैं। 22 मई को वह अपनी पत्नी और 11 साल के बेटे के साथ जयपुर में दीक्षा विधिवत दीक्षा लेंगे। परिवार ने गुरू महेंद्र सागर जी से प्रेरित होकर गृहस्थ जीवन को त्याग कर संयम और आध्यात्म के पथ पर जाने का फैसला लिया। राकेश सुराना ने दीक्षा लेने से पहले अपनी करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति गरीबों और गौशाला में दान कर दी है।
दीक्षा से पहले समाज के लोगों ने शोभा यात्रा निकालकर उन्हें विदाई दी।
- फोटो : सोशल मीडिया
22 मई को जयपुर में लेंगे दीक्षा
राकेश सुराना ने वैराग्य की राह पर चलने का निर्णय लेने पर बताया कि उनकी पत्नी लीना सुराना (36) ने बचपन में ही संयम पथ पर जाने की इच्छा जाहिर कर दी थी। लीना सुराना ने अमेरिका से प्रारंभिक शिक्षा ली है उसके बाद उन्होंने बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है। लीना और राकेश के बेटे अमय का मन भी चार साल की उम्र से संयम पथ पर था, लेकिन कम उम्र के चलते वे दीक्षा नहीं ले सके, सात साल के लंबे इंतजार के बाद अब माता-पिता के साथ अमय 22 मई को दीक्षा लेंगे और सदा के लिए सांसारिक मोह माया का त्याग कर देंगे।
राकेश सुराना ने वैराग्य की राह पर चलने का निर्णय लेने पर बताया कि उनकी पत्नी लीना सुराना (36) ने बचपन में ही संयम पथ पर जाने की इच्छा जाहिर कर दी थी। लीना सुराना ने अमेरिका से प्रारंभिक शिक्षा ली है उसके बाद उन्होंने बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है। लीना और राकेश के बेटे अमय का मन भी चार साल की उम्र से संयम पथ पर था, लेकिन कम उम्र के चलते वे दीक्षा नहीं ले सके, सात साल के लंबे इंतजार के बाद अब माता-पिता के साथ अमय 22 मई को दीक्षा लेंगे और सदा के लिए सांसारिक मोह माया का त्याग कर देंगे।
परिवार के साथ राकेश सुराना।
- फोटो : सोशल मीडिया
मां और बहन भी ले चुकी हैं दीक्षा
राकेश सुराना की मां 2017 गृहस्थ जीवन त्यागकर दीक्षा ली थी। वहीं, उनकी बहन ने 2008 में दीक्षा ली थी। मां और बहन से प्रेरित होकर राकेश सुराना भी अब संयम पथ पर चलते हुए दीक्षा लेने जा रहे हैं।
बालाघाट के नामी कारोबारी हैं राकेश सुराना
बालाघाट जिले में कभी राकेश सुराना की एक छोटी सी सोने-चांदी की दुकान हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में उनका करोड़ों का कारोबार था। सराफा क्षेत्र में उन्होंने नाम और शोहरत दोनों हासिल की है।
राकेश सुराना की मां 2017 गृहस्थ जीवन त्यागकर दीक्षा ली थी। वहीं, उनकी बहन ने 2008 में दीक्षा ली थी। मां और बहन से प्रेरित होकर राकेश सुराना भी अब संयम पथ पर चलते हुए दीक्षा लेने जा रहे हैं।
बालाघाट के नामी कारोबारी हैं राकेश सुराना
बालाघाट जिले में कभी राकेश सुराना की एक छोटी सी सोने-चांदी की दुकान हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में उनका करोड़ों का कारोबार था। सराफा क्षेत्र में उन्होंने नाम और शोहरत दोनों हासिल की है।
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रतलाम की दो जुड़वा बहनें 26 मई को दीक्षा लेंगी।
- फोटो : सोशल मीडिया
11 करोड़ रुपये की संपत्ति गौशाला और गरीबों को बांटी
जहां आज के दौर में लोग पैसों की अंधी रेस में दौड़ रहे हैं तो वहीं राकेश सुराना ने अपनी करोड़ों की संपत्ति को गरीबों और गौशाला को दान कर दिया है।
प्रदेश के तीन बच्चे लेंगे दीक्षा
बता दें, मध्य प्रदेश के चार बच्चे दीक्षा ले रहे हैं, जिनमें रतलाम जिले के ईशान कोठारी (10 साल), दो जुड़वां बहनें तनिष्का और पलक 26 मई को दीक्षा लेंगी। सभी बच्चों की दीक्षा दिलाने के लिए संतों का नगर में मंगल प्रवेश हो रहा है।
जहां आज के दौर में लोग पैसों की अंधी रेस में दौड़ रहे हैं तो वहीं राकेश सुराना ने अपनी करोड़ों की संपत्ति को गरीबों और गौशाला को दान कर दिया है।
प्रदेश के तीन बच्चे लेंगे दीक्षा
बता दें, मध्य प्रदेश के चार बच्चे दीक्षा ले रहे हैं, जिनमें रतलाम जिले के ईशान कोठारी (10 साल), दो जुड़वां बहनें तनिष्का और पलक 26 मई को दीक्षा लेंगी। सभी बच्चों की दीक्षा दिलाने के लिए संतों का नगर में मंगल प्रवेश हो रहा है।
