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आत्महत्या के लिए किया मजबूर: अशोकनगर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर केस, अप्रैल 2021 में पीड़िता ने किया था सुसाइड
Sat, 12 Feb 2022 01:12 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sat, 12 Feb 2022 01:12 PM IST
सार
अशोकनगर के चंदेरी में एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि न मिलने के चलते नाबालिग पीड़िता ने 2021 में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
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अशोकनगर: नाबालिग ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अशोकनगर जिले में एक नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर केस दर्ज किया गया है। पीड़िता ने 25 अप्रैल 2021 को लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि न मिलने के चलते फांसी लगाकर जान दे दी थी।
जानकारी के अनुसार नाबालिग तहसीम बानो उर्फ महक (14 साल) ने बीते साल अप्रैल में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल से पुलिस को मृतका द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की। जांच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आरोपी पाई गई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आयशा खां के खिलाफ धारा 305 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला
चंदेरी की रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिक ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाड़ली लक्ष्मी योजना की किश्त देने में आनाकानी कर रही थी, साथ ही पीड़िता को यह कह कर टालती थी कि तुम्हारी उम्र ज्यादा है। पीड़िता ने सुसाइड नोट में अपने माता-पिता पर बोझ न बनने की मंशा से आत्महत्या का कदम उठाया था।
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जानकारी के अनुसार नाबालिग तहसीम बानो उर्फ महक (14 साल) ने बीते साल अप्रैल में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल से पुलिस को मृतका द्वारा लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की। जांच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आरोपी पाई गई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आयशा खां के खिलाफ धारा 305 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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क्या था पूरा मामला
चंदेरी की रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिक ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाड़ली लक्ष्मी योजना की किश्त देने में आनाकानी कर रही थी, साथ ही पीड़िता को यह कह कर टालती थी कि तुम्हारी उम्र ज्यादा है। पीड़िता ने सुसाइड नोट में अपने माता-पिता पर बोझ न बनने की मंशा से आत्महत्या का कदम उठाया था।
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