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Anuppur News: घने जंगल के बीच अपना आकार बढ़ा रही है गणेश जी की प्रतिमा, जानिए क्या है धरहर गणेश मंदिर की कहानी
Sun, 08 Sep 2024 08:29 PM IST
अनूपपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
Published by: अनूपपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2024 08:29 PM IST
सार
अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धरहर कला में श्री गणेश की प्राचीन प्रतिमा स्थित है। स्थानीय श्रद्धालुओं का दावा है कि यह प्रतिमा हर वर्ष बढ़ती ही जा रही है। अमरकंटक मां नर्मदा के दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु सबसे पहले धरहर गणेश मंदिर पहुंचकर प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
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धरहर के गणपति बप्पा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गणेश उत्सव का पर्व प्रारंभ होते ही अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम धरहरकला में स्थित धरहर श्री गणेश मंदिर में लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी है। वैसे तो यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगे रहता है, लेकिन गणेश उत्सव के दौरान दूर-दूर से यहां भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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चमत्कारी है प्रतिमा, हर वर्ष बढ़ता जा रहा है आकार
मंदिर के पुजारी राधिका प्रसाद पाठक बताते हैं कि कलचुरी कालीन श्री गणेश की यह मूर्ति दक्षिण मुखी है, जो प्रतिवर्ष अपना आकार बदलती जा रही है। पूर्व में यह मूर्ति खुले स्थान में थी। फिर यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर में नियमित रूप से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि जब उन्होंने यहां पूजा अर्चना करने के लिए आना शुरू किया था, तब मंदिर में रखी श्री गणेश की मूर्ति का आकार कम था, लेकिन धीरे-धीरे यह हमारी आंखों के सामने ही बढ़ता ही जा रही है।
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समीप ही स्थित है ब्रह्मा, विष्णु, महेश की प्राचीन मूर्तियां
मंदिर के आस-पास कलचुरी कालीन शंकर, ब्रम्हा, विष्णु जी की प्रचीन मूर्तियां भी स्थापित हैं। गणेश मंदिर के पूर्व तरफ गौरी कुंड है, जहां 12 महीने शीतल जल मौजूद रहता है। गौरी कुंड के समीप ही शिव-पार्वती की प्रतिमा स्थापित है। पुरातत्व विभाग अब इस मंदिर की धरोहर को बचाने में जुटा है। मंदिर को भव्य बनाने का प्रयास किए जा रहे हैं।
बप्पा के दर्शन के बाद अमरकंटक जाते हैं भक्त
ग्राम धरहर कला में घने जंगलों के बीच एकांत में यह मंदिर स्थित है] जोकि प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। वर्ष भर यहां भक्तों का आना-जाना लगे रहता है। अमरकंटक मां नर्मदा के दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु सबसे पहले धरहर गणेश मंदिर पहुंचकर प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद ही यहां से अमरकंटक के लिए रवाना होते हैं।
