Gen Z को नई दिशा देंगे बाबा बागेश्वर: धाम में शुरू हुआ तीन दिवसीय आत्मशुद्धि ध्यान शक्ति शिविर, इनपर होगी बात
छतरपुर के बागेश्वर धाम में Gen Z को सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और मानसिक मजबूती की दिशा देने के लिए तीन दिवसीय आत्मशुद्धि ध्यान शक्ति शिविर शुरू हुआ। करीब 750 युवा शामिल हुए। शिविर में योग, ध्यान, साधना और AI के प्रभाव पर चर्चा होगी।
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देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को नई सोच, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मचिंतन की दिशा देने के उद्देश्य से बागेश्वर धाम में मंगलवार से तीन दिवसीय ‘आत्मशुद्धि ध्यान शक्ति शिविर’ का शुभारंभ हुआ। शिविर में देशभर से करीब 750 सदस्य शामिल हुए हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस शिविर में युवाओं को योग, ध्यान, साधना और आत्मचिंतन के माध्यम से मानसिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शिविर के पहले दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में योग साधना से हुई। इसके बाद बागेश्वर सरकार ने शिविर में शामिल युवाओं को संबोधित किया और उन्हें शिविर के नियमों, उद्देश्य और आगामी तीन दिनों की गतिविधियों की जानकारी दी।
बागेश्वर सरकार ने युवाओं से कहा कि यह शिविर केवल तीन दिनों का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि अपने भीतर झांकने और जीवन को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर है। इन तीन दिनों में मन और बुद्धि को सकारात्मक विचारों से जोड़ने, अनावश्यक मानसिक बोझ को कम करने और स्वयं के लिए समय निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जीवन को जिस तरीके से हम अभी जी रहे हैं, जरूरी नहीं कि वही जीवन जीने का एकमात्र रास्ता हो। जीवन को देखने और समझने के कई नए पहलू हो सकते हैं, जिन्हें आत्मचिंतन और साधना के माध्यम से जाना जा सकता है।

युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश और दुनिया का नेतृत्व आज की युवा पीढ़ी ही करेगी। इसलिए युवाओं के भीतर केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि विवेक, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास भी जरूरी है।
बागेश्वर सरकार ने भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और आने वाले समय में AI मानव जीवन और काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव ला सकती है। AI को केवल रोजगार पर संकट के रूप में देखने के बजाय इसे मानव जीवन को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में भी समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि तकनीक इंसान के कई नियमित और दोहराव वाले काम अपने हाथ में लेती है, तो मनुष्य के पास अपने लिए समय निकालने, तनाव कम करने, रचनात्मक सोच विकसित करने और समाज के लिए कुछ नया करने के अवसर बढ़ सकते हैं।
बागेश्वर सरकार ने कहा कि जब मशीनें बहुत से काम संभालेंगी, तब मानव के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि वह अपने समय और बुद्धि का इस्तेमाल किस तरह करता है। यही समय मनुष्यता, आनंद, आत्मचिंतन और जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
इसी सोच के साथ बागेश्वर धाम में आयोजित यह तीन दिवसीय आत्मशुद्धि ध्यान शक्ति शिविर Gen Z को तकनीक के साथ संतुलन बनाते हुए मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और नेतृत्व की नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
