जहरीली हवा से वन्यजीवों को बचाने के लिए शिफ्ट होगा प्राणि उद्यान, कवायद शुरू
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राजधानी में प्रदूषण से बढ़ती दमघोंटू हवा के प्रकोप से वन्यजीवों को बचाने के लिए हजरतगंज इलाके में स्थित प्राणि उद्यान को शहरी सीमा से सटे दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराने की कवायद शुरू हुई है।
डीएम की पहल पर इसके लिए बुधवार को जिला पर्यावरण समिति की बैठक में पूरक एजेंडे के तहत विशेष प्रस्ताव पारित कर वन विभाग की ओर से मौजूद डीएफओ को निर्देश दिए गए।
कहा गया कि वह चिड़ियाघर के निदेशक व अन्य विशेषज्ञों से बातचीत कर प्रदूषण से प्राणी उद्यान के वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव और इसकी रोकथाम पर बातचीत करें।
साथ ही प्राणी उद्यान को शहरी सीमा से सटे हरे-भरे स्थल पर शिफ्ट कराने की संभावनाओं पर बातचीत कर स्टडी रिपोर्ट एक माह में प्रशासन को सौंपे। शिफ्टिंग को लेकर फैसला इस रिपोर्ट के आधार पर होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगेंगे प्रदूषण मापक मैनुअल सेंसर
बैठक की अध्यक्षता कर रहे सीडीओ मनीष बंसल ने बताया कि इसके साथ ही प्रदूषण की रोकथाम को ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रदूषण मापक तीन मैनुअल सेंसर लगवाने पर सहमति बनी।
इससे इन इलाकों की हवा में प्रदूषण के स्तर का पता लगाकर पराली जलाने से रोकने के साथ हवा साफ बनाने के उपाय कराए जा सकें। जिला पर्यावरण समिति ने पीडब्ल्यूडी को आदेश दिया कि एक माह में गोमती पर बने सभी पुलों के दोनों ओर ऊंची जालीदार बाड़ लगवाने का काम पूरा कराए।
साथ ही जल निगम को निर्देश दिया गया कि वह 15 दिनों में 33 नालों का परीक्षण कर सुनिश्चित कराए कि गोमती में गिरने से पहले इन पर ठोस अपशिष्ट रोकने के लिए सुरक्षा जाली लगी है या नहीं।
लगवाए जाएंगे प्रदूषण को शोषित करने वाले पौधे
समिति ने चेताया कि इसमें शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। बैठक में एलडीए को निर्देश दिया गया कि वह गहला कूड़ा डंपिंग स्थल के पास वन विभाग को ऐसे पौधे लगाने को पर्याप्त जगह दे, जो कूड़े से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम में सहायक बनें।
वहीं, अगले साल से सघन पौधरोपण अभियान में वन विभाग एनबीआरआई के साथ मिलकर ऐसे पौधे लगाएगा जो हवा में प्रदूषण को शोषित कर लें। बैठक में जिला प्रशासन, वन विभाग, एलडीए, नगर निगम पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।