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बाबरी मामले के जजों, वकीलों को जान का खतरा
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sat, 07 Dec 2013 10:07 PM IST
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अयोध्या मामले में 30 सितंबर 2010 को फैसला सुनाने वाले तीनों न्यायाधीशों समेत मामले से जुड़े कई वकीलों को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश केंद्र व राज्य सरकार को दिए हैं।
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कोर्ट ने यह आदेश इंटेलीजेंस ब्यूरो आईबी तथा सूबे के एसीजी सुरक्षा की रिपोर्ट देखने के बाद दिए हैं।
रिपोर्ट में इन न्यायाधीशों समेत रामजन्म भूमि/बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े कई अधिवक्ताओं को सिमी कार्यकर्ताओं समेत इंडियन मुजाहिदीन जैसे संगठनों से गंभीर खतरे की बात कही गई है।
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न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने इन जजों व वकीलों की सुरक्षा मामले संबंधी लंबित पीआईएल का निपटारा कर फैसले में ये आदेश दिए हैं।
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गंभीर खतरे का पता चला
इस मामले की सुनवाई केदौरान पता चला कि फैसला सुनाने वाले तीनों न्यायाधीशों को खत्म करने की साजिश सिमी के कुछ कार्यकर्ताओं ने रची थी, जिसके तहत उन्होंने लखनऊ पीठ की रेकी भी की थी। साथ ही केस की पैरवी करने वाले वकीलों के लिए भी गंभीर खतरे का पता चला।
इस पर कोर्ट ने आईबी व सूबे के एडीजी (सुरक्षा) से मामले में रिपोर्ट तलब की थी, जिसे अदालत केसमक्ष पेश किया गया।
कोर्ट ने पेश की गई रिपोर्ट देखने व सुनवाई के बाद फैसला सुनाने वाली बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल को जेड प्लस तो न्यायमूर्ति एसयू खां व अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति धर्मवीर शर्मा को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने के निर्देश केंद्र व राज्य सरकार को दिए।
अदालत ने साफ किया कि सुरक्षा व्यवस्था न्यायाधीशों केरिटायर होने के बाद भी बनी रहेगी और बगैर उसकी इजाजत के इसे वापस नहीं लिया जाएगा।
सुरक्षा इंतजामात को लेकर राज्य सरकार जरूरी सहयोग देगी। केंद्र व राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सुरक्षा को लेकर प्रभावी सलाह-मशविरा किया जाएगा।
इन वकीलों को सुरक्षा देने को कहा
अदालत ने अधिवक्ता हरिशंकर जैन व रंजना अग्निहोत्री को सादे लिबास वाले दो सुरक्षा कर्मियों केअलावा उनकेआवासों पर चौबीस घंटे वांछित संख्या में सुरक्षागार्ड लगाने व अधिवक्ता द्विजेंद्र प्रसाद गुप्ता, राकेश पांडेय, उमेश पांडेय, मदन मोहन पांडेय, रणजीत लाल वर्मा, तरुणजीत वर्मा, त्रिलोकी पांडेय, शैलेंद्र शुक्ल, रविशंकर प्रसाद, केएन भट्ट, पीएन मिश्र, अमिताभ शुक्ल, व अजय पांडेय को कोर्ट ने दो-दो सादे लिबास वाले सुरक्षा कर्मी दिन-रात के लिए दिए जाने को कहा। वहीं दिल्ली व पश्चिम बंगाल से संबंधित कुछ वकीलों की सुरक्षा के लिए संबंधित सरकारों को निर्देश दिए हैं।
15 जनवरी को पेश करें रिपोर्ट
कोर्ट ने मामले की निगरानी व कार्रवाई की रिपोर्ट केंद्र व राज्य सरकार को 15 जनवरी को पेश करने केनिर्देश दिए हैं। साथ ही इस आदेश की कॉपी केंद्र सरकार केगृह सचिव प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह समेत पश्चिम बंगाल के प्रमुख सचिव को भेजने के निर्देश लखनऊ बेंच के रजिस्ट्रार को दिए।