मुलायम के इलाके में संघ को मिली बड़ी कामयाबी
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वजह केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हो या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रयासों का परिणाम। संघ के ट्रेनिंग कैंपों (संघ शिक्षा वर्ग) में युवाओं की बड़ी संख्या ने संघ के शीर्ष नेतृत्व को उत्साहित कर दिया है। उसे लग रहा है कि संगठन में युवा कार्यकर्ताओं की कमी जल्द ही दूर हो जाएगी।
संघ के लिए सबसे ज्यादा उत्साह की बात सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के इलाके में लगे शिविर में युवाओं की सबसे ज्यादा संख्या होना है।
पूरे प्रदेश में लगे प्रथम वर्ष के सात शिविरों में सबसे ज्यादा 680 युवा फीरोजाबाद के शिकोहाबाद में लगे शिविर में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें मैनपुरी व एटा जैसे मुलायम के प्रभाव क्षेत्र वाले इलाकों के भी युवा शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम प्रांत का शिविर मुरादाबाद और हरिद्वार में चल रहा है।
इनमें क्रमश: 560 और 300 लोग ट्रेनिंग ले रहे हैं। कानपुर प्रांत का शिविर कानपुर, काशी का सहसों और गोरखपुर का नौगढ़ में चल रहा है। कानपुर में 300, सहसों में 400 और नौगढ़ में 300 लोग ट्रेनिंग ले रहे हैं। अवध क्षेत्र का गोंडा में लगा शिविर संपन्न हो चुका है। इसमें 400 लोगों ने संघ के कामकाज की ट्रेनिंग ली।
की जा रही हिंदुत्व का भाव जगाने की कोशिश
इन शिविरों में शामिल प्रशिक्षणार्थियों में 70 प्रतिशत से अधिक 30 वर्ष से कम के हैं। प्रदेश में दो शिविर द्वितीय वर्ष के चल रहे हैं। इनमें पूर्वी क्षेत्र का कानपुर में और पश्चिम का मथुरा में चल रहा है। कानपुर के शिविर में 400 और मथुरा के शिविर में 300 लोग शामिल हैं।
ये सभी 16 से 40 आयु वर्ग के बीच के हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश जोशी भैयाजी खुद प्रदेश का दौरा करके इन युवाओं की ट्रेनिंग पर ध्यान देने के साथ ही इनकी जिज्ञासाओं को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह सिखाया जाता है ट्रेनिंग कैंपों में: संघ प्रतिवर्ष ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के समय इस तरह के शिविर लगाता है। इसके पीछे संघ की मंशा लोगों को अपने इतना नजदीक लाना है कि वे भविष्य में अपने-अपने इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पकड़-पहुंच बढ़ाने में मददगार बनें। साथ ही संघ पर होने वाले हमलों का जवाब दें।
कैंपों में जहां आसन, प्राणायाम, व्यायाम के साथ लाठी आदि चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है, वहीं बौद्धिक सत्रों में हिंदू समाज और संघ के इतिहास को सामने रखकर लोगों में हिंदुत्व के भाव भरने की कोशिश होती है।
जताई गई थी चिंता: पिछले वर्ष लखनऊ में हुई संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक में युवाओं की संघ से बढ़ती दूरी पर चिंता जताई गई थी। तभी योजना बनी थी कि इस वर्ष लगने वाले ट्रेनिंग कैंपों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।