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यूपी: लिस्ट में जुड़े 82 लाख नए वोटर
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लख्ननऊ
Updated Sun, 26 Jan 2014 09:33 AM IST
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर शनिवार को प्रदेश के 90 हजार मतदान केंद्रों पर मतदाता शपथ कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
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राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल बीएल जोशी ने नागरिकों को शपथ दिलाई।
जोशी ने लोगों का आह्वान किया कि वे केवल शपथ लेकर प्रतिबद्धता ही जाहिर न करें बल्कि इसे पूरा भी करें। राज्यपाल ने पहली बार मतदाता बने 82 लाख युवा मतदाताओं को बधाई दी।
उन्होंने बधाई देते हुए अपील की कि वे न केवल स्वयं वोट दें बल्कि वोट दिलाएं भी। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि मतदाताओं में मतदान के प्रति जिस तरह उत्साह बढ़ रहा है।
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शत-प्रतिशत वोटिंग का सपना भी आने वाले दिनों में साकार होगा। उन्होंने मतदाता जागरूकता के लिए से प्रदेश भर में आयोजित शपथ कार्यक्रमों की सराहना की।
उन्होंने पहली बार मतदाता बने 82 लाख युवा मतदाताओं को रंगीन वोटर आईडी देने के अभियान की भी शुरुआत और करीब एक दर्जन युवाओं को वोटर आईडी प्रदान किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने राज्यपाल व लोकायुक्त जस्टिस एनके मेहरोत्रा को रंगीन वोटर आईडी सौंपा।
सिन्हा ने बताया कि नए मतदाताओं को 15 फरवरी तक रंगीन वोटर आईडी दे दी जाएगी।
इसके बाद 16 फरवरी से लोकसभा चुनाव तक सभी इच्छुक लोगों की ब्लैक एंड व्हाइट आईडी को बदलकर रंगीन आईडी देने का अभियान चलाया जाएगा। कोई भी मतदाता 15 रुपये देकर अपना आईडी बदलवा सकेगा।
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राज्यपाल ने इस मौके पर लोकायुक्त, राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल व कमिश्नर लखनऊ संजीव सरन के साथ कैंपस अंबेसडरों के लिए तैयार की गई बुकलेट, जागरूकता गीतों की सीडी और ब्रोशर भी जारी किया।
‘घर में बैठे तू काहे अलसात हो...
चुनाव आयोग की ब्रांड एंबेसडर लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने इस मौके पर ‘अरे जागो..रे जागो, देश के मतदाता...’ और ‘हम हैं जागरूक मतदाता..जनमत के निर्माता..हम हैं भारत के भाग्य विधाता...’ व अन्य लोकगीतों के जरिये जागरूकता मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा की रचना ‘घर में बैठे तू काहे अलसात हो..वोट काहे डारे नाही जात हो...’ पेश किया तो पूरा पांडाल तालियों से गूंज उठा। ।
सुख-शांति का जो जीवन दे, उसे ही दें वोट: लोकायुक्त
लोकायुक्त जस्टिस एनके मेहरोत्रा ने चुनाव आयोग को ऑनलाइन वोटिंग और अनिवार्य वोटिंग पर गौर करने की सलाह दी है।
लोकायुक्त ने कहा, ‘स्कूलों-कॉलेजों में जाता हूं तो विद्यार्थी सवाल करते हैं कि भ्रष्टाचार कैसे रुक सकता है? ऐसे में मैं उन्हें यही कहता हूं कि यदि लोग अपने प्रतिनिधि की पांच साल पर इंट्री ठीक से लिख दें।
उनकी कॉपी ठीक से चेक कर दें, तो भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। चुनाव के मौके पर ऐसे नेताओं की कॉपी जांचें जिन्होंने सरकार चलाई और उनको भी परखें जो चलाने के लिए आगे आ रहे हैं।
देखें जो सुख-शांति का जीवन दे सकता है, उसे ही वोट दें’। उन्होंने अनिवार्य मतदान की वकालत करते हुए कहा टीवी सीरियलों में चहेते कलाकार को वोट देकर बचाने के लिए लाखों लोग कुछ ही देर में ऑनलाइन वोटिंग कर देते हैं।
तकनीक के जमाने में आयोग को इसका भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसी व्यवस्था हो कि लोगों को बूथ तक न जाना पड़े, वे घर बैठे वोट दे दें। इससे चुनाव और मतदान पर होने वाले करोड़ों रुपये का खर्च बचेगा।
पंचायतों की वोटर लिस्ट होगी ऑनलाइन: अग्रवाल
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरों के कम मतदान पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने पंचायत चुनाव के मतदाताओं की मतदाता सूची राज्य निर्वाचन आयुक्त की वेबसाइट पर डलवाने का ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव के सभी 82 हजार पोलिंग सेंटर की जीआईएस मैपिंग कराई जा रही है। इसके बाद कोई भी मतदाता अपने पोलिंग स्टेशन की लोकेशन ऑनलाइन हासिल कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव पर मौसम का बड़ा असर पड़ता है। फरवरी से मार्च और सितंबर से अक्तूबर के बीच होने वाले चुनाव में जहां 55-60 प्रतिशत तक मतदान होता है, वहीं मई-जून में घटकर 46 से 48 फीसदी पर अटक जाता है।
ऐसे में अधिकाधिक मतदान के लिए आयोग को चुनाव के समय पर गंभीरतापूर्वक गौर करना चाहिए। मतदान के अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि शहरों में गांवों की अपेक्षा 20-25 प्रतिशत तक कम मतदान हुआ।