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‘समाजवादी’ तो हटा दिया पर कैसे हटेगा सपा की इन योजनाओं का नाम?

Mon, 10 Apr 2017 11:34 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 10 Apr 2017 11:34 AM IST
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yogi orders to remove word samajwadi from uttar pradesh schemes
डेमो प‌िक

योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही करीब डेढ़ दर्जन योजनाओं व परियोजनाओं के नाम से ‘समाजवादी’ शब्द हटाने का फरमान सुना दिया, लेकिन समाजवादी महापुरुषों और दिवंगत सपा नेताओं के नाम से जुड़ी योजनाओं पर कोई फैसला नहीं किया है। 

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सूबे में डॉ. राम मनोहर लोहिया से लेकर जनेश्वर मिश्र तक के  नाम से योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में अधिकारी ऊहापोह में हैं कि इन योजनाओं का क्या होगा?  
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ी संख्या में समाजवादी महापुरुषों और सपा नेताओं के नाम से योजनाएं शुरू की थीं। डॉ. राम मनोहर लोहिया समाजवाद के पुरोधा माने जाते हैं। सपा शासनकाल में डॉ. लोहिया के नाम से कई विभागों ने योजनाएं शुरू की गईं। 
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इनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना, लोहिया ग्रामीण आवास योजना, लोहिया बस सेवा, डॉ. राम मनोहर लोहिया राजकीय नलकूप निर्माण योजना, राजकीय नलकूप आधुनिकीकरण योजना, राजकीय नलकूप पुनर्निर्माण योजना तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया सामूहिक नलकूप योजना शामिल हैं। 

इसके अलावा छोटे लोहिया के नाम से मशहूर स्व. जनेश्वर मिश्र के नाम पर मंडी परिषद ने जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना शुरू की थी। इसके तहत चयनित गांवों में सीसी रोड, नाली निर्माण व बिजली के काम कराए जाते थे। इसी तरह संस्कृत संस्थान जनेश्वर मिश्र की जयंती पर उनके नाम पर एक प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वान को पुरस्कार देता है।

आई-स्पर्श पर भी चिंता के बादल

yogi orders to remove word samajwadi from uttar pradesh schemes
योगी आदित्यनाथ - फोटो : google

रामशरण दास अर्से तक सपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। लोक निर्माण विभाग ने उनके नाम पर रामशरण दास ग्राम सड़क योजना शुरू की थी। इसमें ग्रामीण बसावटों तक सड़कें पहुंचाई जाती थीं।

अधिकारी बताते हैं कि  कई योजनाओं से ‘समाजवादी’ शब्द हटाए जाने के बाद यह सवाल अहम हो गया है कि समाजवादी महापुरुषों और सपा नेताओं के नाम पर चल रही योजनाओं का क्या होगा? ये योजनाएं अपने मौजूदा स्वरूप में ही जारी रहेंगी या इनके नाम व स्वरूप में बदलाव आएगा या फिर खत्म कर दी जाएंगी?
 
कामधेनु योजना की समीक्षा का पहले ही आदेश
सपा सरकार ने कामधेनु योजना शुरू की थी, लेकिन इसका लाभ लाखों रुपये पूंजी निवेश करने में सक्षम लोग ही पाते थे। आम किसानों के दायरे में यह योजना थी ही नहीं। योगी सरकार ने इस योजना की समीक्षा के आदेश दे दिए हैं।
 
अखिलेश यादव ने चुनिंदा गांवों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए आई-स्पर्श योजना शुरू की थी। इसके लिए 300 करोड़ रुपये का बंदोबस्त किया गया था। पिछले वित्तीय वर्ष में ही यह योजना शुरू की गई थी। अधिकारी ऊहापोह में हैं कि इस योजना का क्या होगा? 

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