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गन्ना मूल्य की घोषणा जल्द, पिछले साल का 92 फीसदी भुगतान: राणा
Thu, 24 Dec 2020 10:20 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 24 Dec 2020 10:20 PM IST
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गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा
- फोटो : अमर उजाला
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चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार गन्ना मूल्य की घोषणा जल्द करेगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के गन्ना मूल्य का 92 फीसदी भुगतान कर दिया गया है। बकाया भुगतान शीघ्र कराया जाएगा। सरकार ने पिछले साढे़ तीन वर्ष की अवधि मे किसानों को कुल 1,12,829 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान कराया है।
सुरेश राणा ने लोकभवन के मीडिया सेंटर में अपने विभाग की साढे़ तीन साल की उपलब्धियों की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 45.44 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसान है। 67 लाख किसान, गन्ना समितियों व चीनी मिल समितियों मे पंजीकृत हैं। गन्ना इनसे जुड़े 3.35 करोड़ लोगों की जीविका का मुख्य आधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ है। प्रदेश की जीडीपी में गन्ने का योगदान 8.45 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र की जीडीपी में गन्ने की हिस्सेदारी 20.18 प्रतिशत है। देश के कुल चीनी उत्पादन का 47 प्रतिशत एवं गन्ना क्षेत्रफल का 59 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश का है। गन्ना एवं चीनी उत्पादन में प्रदेश लगातार तीन वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर है। एथनॉल की आपूर्ति में भी यूपी, देश का अग्रणी राज्य है। वर्ष 2019-20 में 70 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई है।
गन्ना मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि में चीनी मिलों का संचालन जारी रहा। चीनी बिक्री अत्यंत कम हो जाने के बावजूद इस अवधि में भी गन्ना किसानों को 5,954 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सरकार ने पूर्वांचल की बंद पड़ी पिपराईच व मुंडेरवा चीनी का निर्माण किया है। पिपराइच मिल में गन्ने के जूस एवं शीरे से एथेनॉल उत्पादन किया जाएगा। यह प्रदेश में गन्ने के जूस पर आधारित एथेनॉल उत्पादित करने वाला प्रथम प्लांट होगा। सरकार ने रमाला (बागपत) चीनी मिल का क्षमता विस्तार किया। वर्षों से बंद पड़ी निजी क्षेत्र की वीनस (संभल) गागलहेड़ी (सहारनपुर) बुलंदशहर मिलों को फिर से चालू कराया।
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सुरेश राणा ने लोकभवन के मीडिया सेंटर में अपने विभाग की साढे़ तीन साल की उपलब्धियों की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 45.44 लाख गन्ना आपूर्तिकर्ता किसान है। 67 लाख किसान, गन्ना समितियों व चीनी मिल समितियों मे पंजीकृत हैं। गन्ना इनसे जुड़े 3.35 करोड़ लोगों की जीविका का मुख्य आधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ है। प्रदेश की जीडीपी में गन्ने का योगदान 8.45 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र की जीडीपी में गन्ने की हिस्सेदारी 20.18 प्रतिशत है। देश के कुल चीनी उत्पादन का 47 प्रतिशत एवं गन्ना क्षेत्रफल का 59 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश का है। गन्ना एवं चीनी उत्पादन में प्रदेश लगातार तीन वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर है। एथनॉल की आपूर्ति में भी यूपी, देश का अग्रणी राज्य है। वर्ष 2019-20 में 70 करोड़ लीटर एथनॉल की आपूर्ति की गई है।
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गन्ना मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि में चीनी मिलों का संचालन जारी रहा। चीनी बिक्री अत्यंत कम हो जाने के बावजूद इस अवधि में भी गन्ना किसानों को 5,954 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सरकार ने पूर्वांचल की बंद पड़ी पिपराईच व मुंडेरवा चीनी का निर्माण किया है। पिपराइच मिल में गन्ने के जूस एवं शीरे से एथेनॉल उत्पादन किया जाएगा। यह प्रदेश में गन्ने के जूस पर आधारित एथेनॉल उत्पादित करने वाला प्रथम प्लांट होगा। सरकार ने रमाला (बागपत) चीनी मिल का क्षमता विस्तार किया। वर्षों से बंद पड़ी निजी क्षेत्र की वीनस (संभल) गागलहेड़ी (सहारनपुर) बुलंदशहर मिलों को फिर से चालू कराया।
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100 घंटे में खांडसारी लाइसेंस
राणा ने कहा कि नई ऑनलाइन खांडसारी लाइसेसिंग नीति में 100 घंटे में अनिवार्यत: लाइसेंस जारी करने की सुविधा प्रदान की गई है। लाइसेंस के लिए चीनी मिल से न्यूनतम दूरी 15 किमी से घटाकर 7.50 किमी कर दी गई है। पिछले 25 सालों में पहली बार 243 नई खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। इनमें से 133 इकाइयां संचालित हो चुकी हैं।
1.80 करोड़ लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन
सुरेश राणा ने कहा कि कोविड काल में सैनिटाइजर का उत्पादन करके प्रदेश, देश ही नहीं विदेशों तक को उपलब्ध कराया है। अब तक एक करोड़ 80 लाख, 17 हजार 657 लाटर सैनिटाइजर का उत्पादन हो चुका है। प्रदेश में सैनिटाइजर उत्पादन की क्षमता 6.30 लाख लीटर प्रतिदिन है।
1.80 करोड़ लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन
सुरेश राणा ने कहा कि कोविड काल में सैनिटाइजर का उत्पादन करके प्रदेश, देश ही नहीं विदेशों तक को उपलब्ध कराया है। अब तक एक करोड़ 80 लाख, 17 हजार 657 लाटर सैनिटाइजर का उत्पादन हो चुका है। प्रदेश में सैनिटाइजर उत्पादन की क्षमता 6.30 लाख लीटर प्रतिदिन है।