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सपा राज में बने 28 नए विकासखंड खत्म कर सकती है योगी सरकार
Fri, 01 Nov 2019 12:47 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 01 Nov 2019 12:47 PM IST
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अखिलेश यादव व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पिछले विधानसभा आमचुनाव से पहले सपा सरकार में थोक के भाव बनाए गए 30 में से 28 नए विकासखंडों के सृजन प्रस्ताव को रद कर सकती है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग से होने वाली नियुक्तियों में धांधली पर अंकुश के लिए आउटसोर्सिंग नीति सहित कई अन्य प्रस्तावों के मंजूरी दे सकती है।
शुक्रवार शाम छह बजे मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। पहले यह बैठक भाईदूज के दिन मंगलवार शाम को प्रस्तावित थी, जिसे टाल दिया गया था। बताया जा रहा है कि दिसंबर-2016 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार द्वारा एक ही दिन में 30 नए विकास खंड की स्थापना का एलान किया गया था।
कई जिलों में एक साथ दो से तीन नए विकास खंड बना दिए गए थे। इससे प्रदेश में विकास खंडों की संख्या 821 से बढ़कर 851 हो गई थी। इसे उस समय चुनाव के पहले का लुभावना फैसला करार दिया गया था।
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सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार ने इन ब्लाकों के सृजन के औचित्य का परीक्षण कराया है और 30 में से 28 के सृजन प्रस्ताव को निरस्त करने की तैयारी है।
कैबिनेट के प्रस्तावित एजेंडे में इससे संबंधित प्रस्ताव शामिल कर लिया गया है। हालांकि किन-किन विकास खंड को समाप्त किया जा रहा है, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। योगी सरकार ने भी तीन नए विकास खंड बनाए हैं।
इनमें गोरखपुर में भरोहिया तथा प्रयागराज में सहसों व श्रृंगवेरपुर शामिल हैं। इस तरह वर्तमान में प्रदेश में 854 विकास खंड हैं। 28 को निरस्त करने पर सहमति बनी तो 826 विकास खंड रह जाएंगे।
इसके अलावा पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग से जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली व भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए प्रस्तावित आउटसोर्सिंग नीति के मसौदे पर सहमति दी थी। कैबिनेट की बैठक में इसे भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट बैठक शाम को है इसलिए इसमें गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सहित कई अन्य विभागों के प्रस्ताव जुड़ भी सकते हैं।
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शुक्रवार शाम छह बजे मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। पहले यह बैठक भाईदूज के दिन मंगलवार शाम को प्रस्तावित थी, जिसे टाल दिया गया था। बताया जा रहा है कि दिसंबर-2016 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार द्वारा एक ही दिन में 30 नए विकास खंड की स्थापना का एलान किया गया था।
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कई जिलों में एक साथ दो से तीन नए विकास खंड बना दिए गए थे। इससे प्रदेश में विकास खंडों की संख्या 821 से बढ़कर 851 हो गई थी। इसे उस समय चुनाव के पहले का लुभावना फैसला करार दिया गया था।
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सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार ने इन ब्लाकों के सृजन के औचित्य का परीक्षण कराया है और 30 में से 28 के सृजन प्रस्ताव को निरस्त करने की तैयारी है।
कैबिनेट के प्रस्तावित एजेंडे में इससे संबंधित प्रस्ताव शामिल कर लिया गया है। हालांकि किन-किन विकास खंड को समाप्त किया जा रहा है, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। योगी सरकार ने भी तीन नए विकास खंड बनाए हैं।
इनमें गोरखपुर में भरोहिया तथा प्रयागराज में सहसों व श्रृंगवेरपुर शामिल हैं। इस तरह वर्तमान में प्रदेश में 854 विकास खंड हैं। 28 को निरस्त करने पर सहमति बनी तो 826 विकास खंड रह जाएंगे।
इसके अलावा पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग से जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली व भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए प्रस्तावित आउटसोर्सिंग नीति के मसौदे पर सहमति दी थी। कैबिनेट की बैठक में इसे भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट बैठक शाम को है इसलिए इसमें गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सहित कई अन्य विभागों के प्रस्ताव जुड़ भी सकते हैं।
इन 30 विकास खंड का सपा सरकार में एक साथ हुआ था सृजन
जिले का नाम नए ब्लाक
बहराइच कारीकोट
श्रावस्ती लक्ष्मणपुर बाजार
बाराबंकी महादेवा व सुबेहा
रायबरेली खजूरगांव
अंबेडकरनगर बेवाना
बदायूं नाधा, दबतेरी व बिनावर
बस्ती में शुभम नगर चंगरेवा बाबू
सोनभद्र कोन व करमा
अलीगढ़ गभाना
उन्नाव माखी
रामपुर टांडा व पटवाई
कुशीनगर कुबेरनाथ
इलाहाबाद बरांव
बुलंदशहर ककोड़
कन्नौज ठठिया
पीलीभीत माधौटांडा
प्रतापगढ़ मंगापर उदयपुर व डेरवा
महोबा श्रीनगर
अमरोहा नौगावा सादात व उझारी
गाजीपुर नौली व देवढ़ी
बलिया भीमपुरा नंबर-1
बिजनौर बढ़ापुर
बहराइच कारीकोट
श्रावस्ती लक्ष्मणपुर बाजार
बाराबंकी महादेवा व सुबेहा
रायबरेली खजूरगांव
अंबेडकरनगर बेवाना
बदायूं नाधा, दबतेरी व बिनावर
बस्ती में शुभम नगर चंगरेवा बाबू
सोनभद्र कोन व करमा
अलीगढ़ गभाना
उन्नाव माखी
रामपुर टांडा व पटवाई
कुशीनगर कुबेरनाथ
इलाहाबाद बरांव
बुलंदशहर ककोड़
कन्नौज ठठिया
पीलीभीत माधौटांडा
प्रतापगढ़ मंगापर उदयपुर व डेरवा
महोबा श्रीनगर
अमरोहा नौगावा सादात व उझारी
गाजीपुर नौली व देवढ़ी
बलिया भीमपुरा नंबर-1
बिजनौर बढ़ापुर
वाराणसी को दो नए थाने मिलेंगे, एक पर्यटक पुलिस थाना होगा
प्रदेश कैबिनेट वाराणसी में दो नए थाने की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इनमें एक पर्यटक पुलिस थाना होगा। मुख्यमंत्री ने वाराणसी में पर्यटक पुलिस थाना की स्थापना की घोषणा की थी। इसके लिए गृह विभाग को नि:शुल्क भूमि व भवन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसी तरह वाराणसी के कैंट थाने को विभाजित कर लालपुर-पांडेयपुर के नाम से नया थाना बनाने और इसके लिए गृह विभाग को पटटे पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। कैबिनेट यूपी दंड विधि (अपराधों के शमन और विचारणों का उपशमन) संशोधन विधेयक, 2019 के मसौदे को भी मंजूरी दे सकती है।
500 मेगावाट सौर ऊर्जा प्लांट के लिए विकासकर्ता चयन पर भी मुहर
प्रदेश कैबिनेट 500 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना के लिए विकासकर्ता चयन प्रस्ताव पर भी मुहर लगा सकती है। प्रतिस्पर्धात्मक टैरिफ बेस्ड बिडिंग के आधार पर प्राप्त नियत कोटेड टैरिफ के अनुसार विकासकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया अपनाई गई है।
500 मेगावाट सौर ऊर्जा प्लांट के लिए विकासकर्ता चयन पर भी मुहर
प्रदेश कैबिनेट 500 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना के लिए विकासकर्ता चयन प्रस्ताव पर भी मुहर लगा सकती है। प्रतिस्पर्धात्मक टैरिफ बेस्ड बिडिंग के आधार पर प्राप्त नियत कोटेड टैरिफ के अनुसार विकासकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया अपनाई गई है।