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अफसरों पर सीएम योगी हुए सख्त, कहा- कर्ज माफी पत्र के साथ किसानों को दें 10 पौधे

Tue, 06 Jun 2017 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 06 Jun 2017 01:56 AM IST
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Yogi adityanath speaks on environment conservation.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala

विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को खूब खरी-खरी सुनाई। कहा-जंगल के बाहरी क्षेत्र में ही पेड़ दिखते हैं, जबकि थोड़ा अंदर बढ़ने पर मैदान ही मैदान मिलता है। मौजूदा समय में बढ़ता तापमान हम सबके लिए चिंता की बात है।

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उन्होंने प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने के उपाय बताते हुए कहा कि 86 लाख किसानों को कर्जमाफी पत्र के साथ-साथ अपने खेतों में लगाने के लिए 10 पौधे भी दिए जाएं। वन विभाग के अधिकारी एक पेड़ काटने की अनुमति तभी दें, जब उसके एवज में 10 पेड़ लगाने की गारंटी ले लें। बीच-बीच में चेक भी करना चाहिए कि पेड़ काटने वाला व्यक्ति नए पेड़ों की सुरक्षा कर रहा है या नहीं।
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उन्होंने प्रदेश में वन क्षेत्र को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में वन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा, व्यक्ति जितना पर्यावरण के नजदीक रहेगा, उतना ही स्वस्थ रहेगा। अमेरिका ने हाल ही दुनिया में बढ़ते प्रदूषण के लिए भारत और चीन को जिम्मेदार ठहराया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे दो टूक जवाब दे दिया कि पर्यावरण की चिंता तो हम अनादि काल से करते आ रहे हैं। इसके लिए अमेरिका को हमें कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है।

वन क्षेत्रों को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य

Yogi adityanath speaks on environment conservation.

योगी ने कहा, ग्रहों की क्रूरता से बचने के लिए 27 नक्षत्रों से संबंधित पौधों के बारे में ऋषि-मुनियों ने हमें बहुत पहले बता दिया था, लेकिन यह भी सच है कि आज हमारे प्रदेश में वन क्षेत्र बहुत कम है। इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

अफसोस की बात तो यह है कि जल और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यों के लिए हम विदेशों का मुंह देखते हैं, पर ऋषि परंपरा से मिले उपायों को अपनाने पर विचार नहीं करते। उन्होंने पानी के संरक्षण के लिए वन क्षेत्रों में चेक डैम बनाने पर भी जोर दिया। वनों के बीच स्थित तालाबों के पटने पर अफसोस भी जताया।

निर्ममता से काटे जा रहे वन, बचाव की कार्ययोजना नहीं
योगी ने कहा, हमें पेड़ लगाने से ज्यादा पेड़ बचाने की चिंता करनी होगी। पहले से मौजूद वनों को निर्ममता से काटा जा रहा है लेकिन उसे बचाने के लिए हमारे पास कोई कार्ययोजना नहीं है। याद रखें, बिना जनसहभागिता के हम पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते।

आज हर नदी प्रदूषित है। पीलीभीत में गोमती का उद्गम स्थल गाद भरने के कारण सूख गया है, पर मनरेगा के बावजूद हमने उसकी सफाई की योजना नहीं बनाई। सिर्फ सरकार के भरोसे रहकर यह काम नहीं हो सकता। इसके लिए गैर सरकारी संस्थाओं को भी आगे आना होगा।

86 लाख किसानों को कर्जपत्र देगी योगी सरकार

Yogi adityanath speaks on environment conservation.

सीएम ने कहा, हर पौधे के साथ एक व्यक्ति को जोड़ें ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।  सरकार जल्द ही 86 लाख किसानों को कर्जमाफी पत्र देने वाली है। वन विभाग इसके साथ ही उन्हें अपने खेत में लगाने के लिए 10 पौधे दे तो वन क्षेत्र काफी बढ़ जाएगा।

योगी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी जनहित के कार्यों में सांसदों, विधायकों और ग्राम प्रधानों का सहयोग लेने से बचते हैं। इस प्रवृत्ति से अब मुक्ति पा लेनी चाहिए।

बरगद, पीपल, पाकड़ और नीम काटने पर लगे रोक
सीएम ने कहा कि बरगद, पीपल, पाकड़ और नीम के पेड़ काटने पर पूरी तरह प्रतिबंध होना चाहिए। मेरी समझ में यह नहीं आता कि वन विभाग ने बड़े पैमाने पर देसी आम के पेड़  काटने की अनुमति क्यों दी?

इस मौके पर वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा, मौजूदा सरकार वन क्षेत्र बढ़ाने और नदियों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रही है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा व केशव मौर्य, कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी समेत कई मंत्री भी मौजूद रहे।

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