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ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 07 Aug 2018 04:54 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को सांविधानिक दर्जा प्रदान किए जाने के संबंध में संसद द्वारा संविधान संशोधन विधेयक को पारित किए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि समाज के पिछड़े व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर आयोग को सांविधानिक दर्जा दिए जाने का यह कदम इन वर्गों के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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72 करोड़ की आबादी पर सीधा असर
सत्ता में आने के बाद से ही भाजपा देश की 52 फीसदी (72 करोड़) आबादी वाले ओबीसी को साधने में जुट गई थी। भाजपा खुद को सिर्फ ब्राह्मण-बनिया की जगह हर वर्ग की पार्टी के तौर पर स्थापित करना चाहती थी। लिहाजा, मोदी सरकार ने ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया।
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आयोग को मिलेंगे ज्यादा अधिकार
ओबीसी आयोग को सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ा वर्गों से जुड़े मामलों की जांच व निगरानी का अधिकार होगा। आयोग पिछड़े वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास के संबंध में सरकार को सलाह दे सकेगा। आयोग ओबीसी में जातियों को शामिल करने या हटाने के लिए राज्यपाल के जरिये राज्य सरकार से विमर्श कर सकेगा।