सांसदों के बाद मुख्यमंत्री योगी ने मंत्रियों की ली क्लास, ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर दिए निर्देश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवनिर्वाचित सांसदों के बाद स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों व राज्यमंत्रियों की क्लास ली। उन्हें ट्रांसफर-पोस्टिंग पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि संचार क्रांति का युग है, इसमें अपनी व सरकार की छवि के प्रति लगातार सचेत रहें।
योगी ने बुधवार शाम कालिदास मार्ग स्थित आवास पर सभी राज्यमंत्रियों व स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्रियों के साथ बैठक कर उन्हें राजनीति के साथ लोकनीति के टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि तबादलों का सीजन शुरू हो रहा है। सरकार ने स्थानांतरण नीति बनाई है। इसी के अनुसार तबादले किए जाएं। ट्रांसफर-पोस्टिंग में पारदर्शिता रहनी चाहिए। सभी मंत्री आरोप-प्रत्यारोप व विवादों से दूर रहें।
उन्होंने चेताया कि टेलीफोन या मौखिक वार्तालाप में मर्यादित व्यवहार करें। किसी भी हाल में हल्की बातचीत नहीं होनी चाहिए। तकनीकी युग है। कोई भी बात मिनटों में दूर तक चली जाती है।
प्रभार वाले जिलों का दौरा कर योजनाओं की समीक्षा करें।
योगी ने राज्यमंत्रियों से लगातार अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रभार वाले जिलों का दौरा कर सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत मिली है। जनता के विश्वास और उम्मीद पर खरा उतरना सभी मंत्रियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से सीधे तौर पर जुड़ी योजनाओं से संबंधित विभागों की नियमित समीक्षा करने, फील्ड में जाकर लाभार्थियों से संपर्क करने और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जीत की बधाई, मेहनत रंग लाई
मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में जीत के लिए सभी मंत्रियों को बधाई दी। कहा कि सरकार व संगठन के समन्वय से प्रदेश में सकारात्मक जनादेश आया है। जाति और वंशवाद की राजनीति को लोगों ने नकार दिया है। विकास की राजनीति का दौर शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ-सबका विकास नारे पर जनता की मुहर लगी है।
15 जून तक बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी करें अधिकारी
आगामी बरसात में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सरकार के स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को 15 जून तक बाढ़ से सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाढ़ के लिहाज से अतिसंवेदनशील 24 और संवेदनशील 16 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा है।
दौरा कर डीएम को तैयारियां सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
मुख्यमंत्री बुधवार को अपने आवास पर बाढ़ नियंत्रण एवं सुरक्षा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। संवेदनशील जिलों में डीएम को दौरा कर तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत के मुताबिक नदियों की ड्रेजिंग करके धारा को मोड़ने और चैनलाइजेशन करने की कार्यवाही बरसात शुरू होने से पहले ही पूरी करा ली जाए।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए जिलों में स्थापित गो आश्रय स्थलों पर पर्याप्त चारे व भूसे आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई टी. वेंकटेश व संबंधित अभियंताओं ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों से संबंधित प्रजेंटेशन दिया।
बैठक में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह, मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व सभी प्रभावित जिलों के डीएम मौजूद थे।