मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले, गुरुनानक देव में ही था बाबर को जाबर कहने का साहस
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साढ़े पांच सौ साल पहले जब विदेशी आक्रांता बाबर के आंतक से पूरा देश थरथरा रहा था तो उस समय भी बाबर को जाबर करने का साहस गुरुनानक देव ने ही किया था। उन्होंने गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव को पूरे प्रदेश में पर्व की तरह मनाने की घोषणा की।
शुक्रवार को डीएवी कॉलेज मैदान में आयोजित गुरु पर्व को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साढ़े पांच सौ साल पहले विदेशी आक्रमणों के सामने भारतीय राजाओं की निष्क्रियता के समय गुरुनानक देव ने ही साहस दिखाया था।
गुरु नानक देव ने भक्ति की सादगी और सच्चाई से सिख परम्परा की यात्रा प्रारंभ की थी। वहीं, देश व धर्म की रक्षा के लिए शक्तिपुंज के रूप में अवतरित हुए गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ की स्थापना के पीछे जाति-धर्म, छुआछूत के भेदभाव को समाप्त करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिखों के त्याग और बलिदान की लंबी गाथा को कोई भुला नहीं कर सकता है। आजादी की लड़ाई में सिखों के शौर्य व पराक्रम का लोहा दुश्मन हमेशा मानता था। आजाद भारत में कृषि भी आत्मनिर्भरता का जरिया बन सकती है। पंजाब ने यह उदाहरण देश के सामने प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु नानक देव से जुड़े हुए ऐतिहासिक स्थलों को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का निर्णय कर युवा पीढ़ी को अतीत के साथ जोड़ने और साढ़े पांच सौ वर्ष बाद सिख इतिहास की परम्परा को सम्मान देने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 550वां प्रकाश उत्सव को प्रदेश में विशेष पर्व की तरह मनाने की आवश्यकता जताते हुए मुख्यमंत्री ने सिख समाज के सक्रिय पदाधिकारी, पंजाबी अकादमी और गुरुद्वारा प्रबंध समिति से योजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि समाज के पदाधिकारी जो भी जो प्रस्ताव शासन के समक्ष रखेंगे उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा।
राज्यपाल रामनाईक प्रकाश उत्सव में बोल रहे थे। आज प्रकाश उत्सव में शामिल होने के लिए राज्यपाल रामनाईक व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ गुरुद्वारा पहुंचे।
उत्सव में उनके साथ लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद रहीं।
'मुख्यमंत्री तो बहुत देखे पर योगी जैसा मुख्यमंत्री नहीं देखा'
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल रामनाईक ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश में जाति-धर्म, छुआ-छूत के भेद को समाप्त करने में सिख समुदाय का बड़ा योगदान है। देश की रक्षा के लिए भी सिख समुदाय के त्याग और बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 84 साल की उम्र में तीन तीन बार विधायक, पांच बार सांसद और केंद्रीय मंत्री रहते हुए मैनें कई मुख्यमंत्री देखे लेकिन योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि योगी 24 घंटे काम करते हैं। गांव-गांव घूमकर जन जुड़ाव में उनका मुकाबला नहीं है। अयोध्या में दीपोत्सव के बाद अब वाराणसी की देव दीपावली को भी योगी यादगार बनाने जा रहे है।