फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   yogi adityanath cabinet meeting in Lok Bhavan

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण का कानून बनाएगी योगी सरकार

Wed, 19 Feb 2020 02:17 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 19 Feb 2020 02:17 PM IST
विज्ञापन
yogi adityanath cabinet meeting in Lok Bhavan
सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला

योगी सरकार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण का कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को यूपी लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) विधेयक, 2020 को राज्य विधानमंडल के वर्तमान सत्र में पेश कर पारित कराने को मंजूरी दे दी है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार ने पिछले दिनों संविधान में 103वां संशोधन करते हुए सरकारी सेवाओं की सभी श्रेणियों में नियुक्ति व अल्पसंख्यक संस्थाओं को छोड़कर सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत का आरक्षण देने का फैसला किया था। प्रदेश सरकार ने 18 फरवरी को इसे लागू कर दिया था। इसे विधिक स्वरूप देने के लिए विधेयक लाया जा रहा है।

विज्ञापन

आयोगों के अध्यक्ष व सदस्यों को अब मिल सकेगा सरकारी आवास

 प्रदेश के विभिन्न निगमों, उपक्रमों, परिषदों, आयोगों और संस्थाओं में नियुक्त गैर सरकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और सलाहकारों को सरकारी आवास आवंटित किया जा सकेगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य संपत्ति विकास के नियंत्रणाधीन भवनों का आवंटन (संशोधन) विधेयक 2020 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई।

यह विधेयक अब विधानमंडल में पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक   संशोधन विधेयक पास होने के बाद सरकार के विभिन्न निगमों, उपक्रमों, परिषदों, आयोगों एवं संस्थाओं में नियुक्त गैर सरकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और सलाहकारों को आवास आवंटन किया जा सकेगा।

आवास आवंटन के संबंध में उच्चतम न्यायालय के 10 अक्तूबर, 2018 के निर्णय के पालन के लिए ‘न्यास’ को भवन आवंटन एवं उसके नवीनीकरण की अवधि को संशोधित किया जाएगा। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय के 7 मई, 2018 के आदेश के तहत भविष्य में उत्तर प्रदेश में किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को जीवनपर्यंत सरकारी आवास आवंटित नहीं किया जाएगा।

आय का चार प्रतिशत चैरिटेबल संस्थाओं को दे सकेगी मंडी परिषद

मंडी परिषद अपनी आय की 4 प्रतिशत राशि अब चैरिटेबल संस्थाओं को वित्तीय सहायता के तौर पर दे सकेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम, 1964 में संशोधन के निर्णय पर मंगलवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी। उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम, 1964 की धारा 17-क(1)(क) और धारा-19(3)(11-क) में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया था।

निराश्रित गोवंश को आश्रय प्रदान करने वाली संस्थाओं को सहायता प्रदान करने के लिए धारा-19 में संशोधन का प्रस्ताव लाया गया था। इस धारा के तहत चैरिटेबल संस्थाओं को मंडी समितियों की कुल आय में से दो प्रतिशत वित्तीय सहायता की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया है।

इसके अलावा मंडी अधिनियम की धारा-17 में यह भी व्यवस्था थी कि मंडी शुल्क (विकास सेस को छोड़कर) छूट प्रदान कर सकती है या उसकी दर में कमी कर सकती है। छूट के प्रकरणों में एकरूपता लाने के लिए ‘या उसकी दर में कमी कर सकती है’ को विलोपित किया गया है।

विज्ञापन

ओबीसी छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति को 175 करोड़

बाल रोग चिकित्सा संस्थान गोरखपुर की निर्माण लागत को मंजूरी
लखनऊ। कैबिनेट ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 500 बेड के बाल रोग चिकित्सा संस्थान की 284.60 करोड़ की मूल्यांकित लागत की निर्माण परियोजना को स्वीकृति दे दी। पूर्वांचल में संचारी रोगों का प्रकोप कम करने, जापानी इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण करने और इन बीमारियों से ग्रस्त बच्चों को सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस संस्थान की स्थापना की जा रही है।

कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए पुनर्विनियोग के माध्यम से 175.37 करोड़ रुपये देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से यह बचत की गई है। इस राशि से दशमोत्तर कक्षाओं के पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाएगी। 

ट्रैफिक पार्क में बनेगा गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त का कार्यकाल

नोएडा में विकास प्राधिकरण की ओर से सेक्टर 108 में बनवाए गए ट्रैफिक पार्क में गौतमबुद्धनगर पुलिस आयुक्त का कार्यालय बनेगा। कैबिनेट ने मंगलवार को ट्रैफिक पार्क की बिल्डिंग को अस्थायी रूप से पुलिस विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण को 76.96 लाख रुपये देने को भी मंजूरी दे दी है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह भवन पुलिस विभाग को अस्थायी रूप से हस्तांतरित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास विभाग की शर्तों के मुताबिक ट्रैफिक पार्क के मूल स्वरूप और उसके उद्देश्य में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस भवन को पुलिस विभाग को स्थाई रूप से हस्तांतरित करने के लिए प्राधिकरण ने 34 करोड़ रुपये की मांग रखी थी। लेकिन गृह विभाग ने इतनी रकम देना मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed