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Lucknow News: योग ने दूर कीं कब्ज, पेट दर्द और आंत की समस्याएं

Sat, 21 Jun 2025 02:05 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jun 2025 02:05 AM IST
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Yoga relieves constipation, stomach pain and intestinal problems
योग ने दूर कीं कब्ज, पेट दर्द और आंत की समस्याएं
लखनऊ। देश में हर तीसरा व्यक्ति कब्ज, पेट दर्द और आंत की समस्याओं की जूझ रहा है। नियमित उपचार के साथ योग का अभ्यास इन समस्याओं को कम कर सकता है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला है। इसे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योग में प्रकाशित किया गया है।
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चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (आईबीएस) एक दीर्घकालिक पेट संबंधी समस्या है। इसमें पेट दर्द, दस्त, कब्ज और सूजन जैसी समस्याएं होती हैं। ये लक्षण पाचन तंत्र में किसी क्षति या बीमारी के प्रत्यक्ष लक्षण के बिना नजर आते हैं। पेट की अन्य बीमारियों के विपरीत आईबीएस आंतों को नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन यह मस्तिष्क और पेट के बीच समन्वय से जुड़ा होता है। इसको देखते हुए केजीएमयू में इस अध्ययन की रूपरेखा तैयार की गई। इसमें आईबीएस के 165 रोगियों को शामिल किया गया। इन्हें दो समूह में बांटा गया। पहले समूह को सिर्फ दवाएं दी गईं वहीं दूसरे समूह को दवाओं के साथ ही नियमित योग करने को कहा गया। दूसरे समूह ने तीन महीने तक सप्ताह में पांच बार योग का अभ्यास किया।
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इसके बाद दोनों समूह में आईबीएस की गंभीरता, मनोवैज्ञानिक लक्षण, शरीर का वजन और तनाव को बढ़ाने वाले कोर्टिसोल हाॅर्मोन के स्तर की माप की गई। तीन महीने बाद, योग समूह के रोगियों ने बेहतर परिणाम दिखाए। योग का अभ्यास करने वाले रोगियों ने आईबीएस के लक्षणों की गंभीरता में महत्वपूर्ण कमी का अनुभव किया। साथ ही पेट दर्द में कमी, बेहतर पाचन और दैनिक कामकाज में समग्र सुधार भी हुआ। योग समूह में तनाव और चिंता का स्तर भी कम था। इस अध्ययन में प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर संदीप भट्टाचार्य और फिजियोलॉजी विभाग की प्रोफेसर सुनीता तिवारी, प्रोफेसर आदर्श त्रिपाठी और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट प्रोफेसर सुमित रूंगटा शामिल थे।
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दवाओं का स्थान नहीं ले सकता पर सहयोगी बन सकता है
केजीएमयू में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट विभाग के प्रमुख प्रोफेसर सुमित रूंगटा के मुताबिक योग दवाओं की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह एक शक्तिशाली साथी जरूर हो सकता है। उन्होंने रोगियों को योग शुरू करने से पहले डॉक्टरों से परामर्श करने और अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप दिनचर्या का पालन करने की भी सलाह दी।


कम होता है मानसिक तनाव

केजीएमयू में मनोचिकित्सा के प्रोफेसर आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि आईबीएस केवल पाचन तंत्र की समस्या नहीं है। मस्तिष्क और आंत के बीच एक मजबूत संबंध है। इसीलिए पेट संबंधी समस्याएं मानसिक स्तर को भी प्रभावित करती हैं।
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