{"_id":"6ad145957eff63ecf40c8838","slug":"years-of-pleas-a-dose-of-empty-assurances-lucknow-news-c-13-lko1096-1967904-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: वर्षों की फरियाद... आश्वासनों की घुट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: वर्षों की फरियाद... आश्वासनों की घुट्टी
विज्ञापन
गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी
लखनऊ। अपना घर होने का सपना लेकर राजेश सिंह ने 24 साल पहले प्लॉट के लिए पूरी रकम जमा की थी। सोचा था, अपने घर में परिवार के साथ जिंदगी गुजरेगी लेकिन आज तक रजिस्ट्री नहीं हुई। उधर, शैलेंद्र शर्मा 12 साल से अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए भटक रहे हैं। बृहस्पतिवार को दोनों एलडीए की जनता अदालत पहुंचे पर एक बार फिर हाथ लगा तो सिर्फ आश्वासन। जनता अदालत में कुल 28 मामले आए, जिनमें सात का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
जनता अदालत में आए चारबाग निवासी राजेश सिंह ने बताया कि सरकारी नौकरी के दौरान बसंतकुंज योजना में लॉटरी के जरिये उन्हें 112.50 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित हुआ था। उन्होंने पूरी रकम जमा कर दी लेकिन 24 साल बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई। लॉटरी में प्लॉट निकलने पर उन्हें उम्मीद थी कि अब अपना घर होगा। पत्नी भी खुश थीं लेकिन न रजिस्ट्री हुई और न घर बन सका। इस दौरान पत्नी का भी निधन हो गया। अब तक किराये के मकान में रह रहे हैं। राजेश के मुताबिक, एलडीए ने रजिस्ट्री के लिए शिविर भी लगाया लेकिन उनकी फाइल नहीं मिल रही है। कर्मचारी प्लॉट नंबर तक नहीं बता रहे। बृहस्पतिवार को फिर दो सप्ताह बाद आने के लिए कहा गया। उन्हें यह भी पता नहीं कि मौके पर प्लॉट है या नहीं। इतने साल बाद भी उनका मामला कागजों में ही अटका है।
12 साल से अवैध कब्जा हटवाने की लड़ाई
चौक निवासी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि बालागंज में उनकी करीब एक हजार वर्गफीट जमीन पर एक बिल्डर ने कब्जा कर भवन बना लिया है। अवैध निर्माण गिरवाने के लिए वह 12 साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2022 में एलडीए, 2024 में मंडलायुक्त और 2025 में शासन की ओर से ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण नहीं गिराया गया। जनता अदालत में भी उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
तीन साल से बसंतकुंज के आवंटी परेशान
एलडीए ने करीब तीन साल पहले बसंतकुंज योजना के सेक्टर-ए में 272 प्लॉट आवंटित किए थे। आवंटियों से रकम भी जमा करा ली गई थी। रजिस्ट्री का समय आया तो जमीन पर कब्जा न मिलने, किसानों के विरोध और विकास कार्य शुरू न होने का हवाला देकर करीब डेढ़ साल पहले आवंटन निरस्त कर दिए गए। आवंटियों के विरोध के बाद एलडीए ने निरस्तीकरण का आदेश स्थगित कर दिया लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई। बृहस्पतिवार को कई आवंटी फिर जनता अदालत पहुंचे। उन्हें एक बार फिर आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
ये भी आए मामले
गोमतीनगर के विनम्र खंड-एक निवासी अनंत कुमार ने बताया कि उनके घर के सामने सड़क पर लोगों ने अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है और रैंप भी बना दिए हैं। इससे सड़क इतनी संकरी हो गई है कि एक गाड़ी का निकलना भी मुश्किल है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकती। अनंत के मुताबिक, उन्होंने एलडीए में शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम में शिकायत करने पर उन्हें बताया गया कि अवैध निर्माण हटाने की जिम्मेदारी एलडीए की है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
जनता अदालत में आए चारबाग निवासी राजेश सिंह ने बताया कि सरकारी नौकरी के दौरान बसंतकुंज योजना में लॉटरी के जरिये उन्हें 112.50 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित हुआ था। उन्होंने पूरी रकम जमा कर दी लेकिन 24 साल बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई। लॉटरी में प्लॉट निकलने पर उन्हें उम्मीद थी कि अब अपना घर होगा। पत्नी भी खुश थीं लेकिन न रजिस्ट्री हुई और न घर बन सका। इस दौरान पत्नी का भी निधन हो गया। अब तक किराये के मकान में रह रहे हैं। राजेश के मुताबिक, एलडीए ने रजिस्ट्री के लिए शिविर भी लगाया लेकिन उनकी फाइल नहीं मिल रही है। कर्मचारी प्लॉट नंबर तक नहीं बता रहे। बृहस्पतिवार को फिर दो सप्ताह बाद आने के लिए कहा गया। उन्हें यह भी पता नहीं कि मौके पर प्लॉट है या नहीं। इतने साल बाद भी उनका मामला कागजों में ही अटका है।
विज्ञापन
12 साल से अवैध कब्जा हटवाने की लड़ाई
चौक निवासी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि बालागंज में उनकी करीब एक हजार वर्गफीट जमीन पर एक बिल्डर ने कब्जा कर भवन बना लिया है। अवैध निर्माण गिरवाने के लिए वह 12 साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2022 में एलडीए, 2024 में मंडलायुक्त और 2025 में शासन की ओर से ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण नहीं गिराया गया। जनता अदालत में भी उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
तीन साल से बसंतकुंज के आवंटी परेशान
एलडीए ने करीब तीन साल पहले बसंतकुंज योजना के सेक्टर-ए में 272 प्लॉट आवंटित किए थे। आवंटियों से रकम भी जमा करा ली गई थी। रजिस्ट्री का समय आया तो जमीन पर कब्जा न मिलने, किसानों के विरोध और विकास कार्य शुरू न होने का हवाला देकर करीब डेढ़ साल पहले आवंटन निरस्त कर दिए गए। आवंटियों के विरोध के बाद एलडीए ने निरस्तीकरण का आदेश स्थगित कर दिया लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई। बृहस्पतिवार को कई आवंटी फिर जनता अदालत पहुंचे। उन्हें एक बार फिर आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
ये भी आए मामले
गोमतीनगर के विनम्र खंड-एक निवासी अनंत कुमार ने बताया कि उनके घर के सामने सड़क पर लोगों ने अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया है और रैंप भी बना दिए हैं। इससे सड़क इतनी संकरी हो गई है कि एक गाड़ी का निकलना भी मुश्किल है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकती। अनंत के मुताबिक, उन्होंने एलडीए में शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम में शिकायत करने पर उन्हें बताया गया कि अवैध निर्माण हटाने की जिम्मेदारी एलडीए की है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी

गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी

गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी

गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी

गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी

गोमतीनगर स्थित एलडीए कार्यालय में आयोजित जनता अदालत में लोगों की समस्या सुनते जॉइंट सेक्रेटरी