{"_id":"946ccd91060e6d40b24c02ab79fa980d","slug":"yashpal-arya-crying","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी आपबीती सुना रो पड़े यशपाल आर्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपनी आपबीती सुना रो पड़े यशपाल आर्य
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 27 Nov 2013 11:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले यशपाल आर्य इसे सामान्य घटनाक्रम बता रहे हैं। लेकिन उनके भीतर कुछ असंतोष और दर्द भी है जिसे वह मीडिया के सामने छुपा नहीं सके।
विज्ञापन
लाल बत्ती न दिला पाने का मलाल
इस्तीफे को लेकर आर्य से मिलने पहुंचे मीडिया ने जब उन्हें कुरेदा तो इस्तीफे देने का कारण तो एक व्यक्ति एक पद ही था। लेकिन संगठन को महत्व न देने और कुछ कार्यकर्ताओं को सरकार में पद और लाल बत्ती न दिला पाने का मलाल भी सामने आया।
विज्ञापन
पढ़ें, दोनों सहेलियों में था इंतहा प्यार इसलिए छोड़ा ‘घरबार’
विज्ञापन
दलित परिवार में जन्मे और एक आम कार्यकर्ता से इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी सुनाते हुए उनकी आंखें भर आईं। उनका कहना है कि पार्टी से उन्हें बहुत कुछ मिला है। इसके लिए वह सोनिया-राहुल गांधी को धन्यवाद देते हैं।
पढ़ें, ‘वो रामदेव कौन थे, जिनका मंत्री अभिनंदन करते थे’
यशपाल का आर्य का इस्तीफा एक व्यक्ति एक पद के तहत है। किसी तरह का कोई विवाद या नाराजगी नहीं है। आलाकमान के निर्देश थे कि आपदा के दौरान किसी को लाल बत्ती बांटना ठीक नहीं होगा।
-विजय बहुगुणा, मुख्यमंत्री
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें---