बड़ी खबर: सीएम ने 'सरकारी दामाद' को किया सस्पेंड
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यूपी सरकार के रसूखदार 'भ्रष्ट' अफसर नोएडा अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर को आखिरकार सस्पेंड कर दिया गया है। 27 नवंबर को यादव सिंह की 20 बेनामी कंपनियों और उसके घर पर इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ने के बाद से ही यूपी सरकार की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी लगातार यादव सिंह के कारनामों का जवाब देना पड़ रहा था। अब जानकारी मिल रही है कि इनकम टैक्स मिलने के बाद सीएम ने सोमवार सुबह यादव सिंह को सस्पेंड कर दिया।
बताया जा रहा है कि यादव सिंह के 12 साल का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि यादव ने करीब 4200 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में घोटाला किया है।
इतना ही नहीं, यादव सिंह के घर से मिले हीरे-जवाहरात की कीमत भी करीब 100 करोड़ आंकी गई थी। इसके अलावा, उसके घर से मिली डायरी में कई नेताओं और अधिकारियों के नाम भी मिले हैं। इन लोगों के यादव से कनेक्शन पर भी ईडी, एसआईटी और इनकम टैक्स की पैनी नजर है।
विदेश में घूमने के नाम पर बेचता था हीरे
नोएडा अथॉरिटी का चीफ इंजीनियर रहा यादव सिंह हीरे की चमक को बखूबी समझ चुका था। कानून को ताक पर रखते हुए वह विदेशों में बेशकीमती हीरे बेचने का काम करता था।
सूत्रों के मुताबिक यादव सिंह विदेश में घूमने के नाम पर हीरे बेचने ही जाता था। वह जब भी विदेश जाता, 25 से 50 करोड़ रुपये की हीरे की अंगूठियां पहनकर जाता था। वहीं एक इंटरनेशनल बैंक में खाता खुल जाता था।
हीरे को बिकने के बाद रुपये वहां जमा कराकर कहीं से भी निकाल लिए जाते थे। कभी खुद के नाम तो कभी किसी और के नाम से यह धंधा होता था।
अंगूठी एकदम सामान्य सी लगती थी, लेकिन उसमें कम से कम दो हीरे जड़े होते थे। इसकी एयरपोर्ट पर भी पकड़ा नहीं जा सकता है।
काम करवाने के बदले लेता था हीरा
यादव सिंह टेंडर, प्लॉट या अन्य काम से जो भी पैसा कमाता था, उससे हीरा खरीद लेता था। इतना ही नहीं वह किसी का काम कराने के बदले हीरा भी लेता था। वह इसलिए क्योंकि इतने पैसे का लेनदेन होने पर वह पकड़ा जा सकता था।
विदेशों में प्रॉपर्टी या कारोबार की भी आईटी विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक, यादव सिंह के जब्त किए गए पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आईटी, ईडी और एसआईटी की जांच अब ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ की तरफ मुड़ गई है। फिलहाल आईटी ने यादव सिंह के सभी बैंक खाते सील कर दिए हैं।