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परदेस लौट जाने वाले श्रमिकों को 1000 रुपये की सहायता नहीं, सूची से वापस जाने वालों के नाम निकालने के फरमान
Sat, 11 Jul 2020 10:54 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 11 Jul 2020 10:54 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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जो प्रवासी श्रमिक परदेस लौट गए हैं, उन्हें 1000 रुपये की सहायता नहीं मिल सकेगी। सरकार ने दूसरे चरण में आर्थिक सहायता देने के लिए चिह्नित श्रमिकों में से ऐसे श्रमिकों के नाम हटाने का आदेश दिया है। प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान रोजी-रोटी छोड़कर बाहर से लौटे प्रवासी श्रमिकों को 1000-1000 रुपये की सहायता का एलान किया था।
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पहले चरण में 10.48 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को 1000-1000 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। दूसरे चरण में श्रमिकों को चिह्नित करने का काम पूरा हो गया है। करीब आठ लाख से अधिक श्रमिक चिह्नित बताए जा रहे हैं। इस बीच सरकार को फीडबैक मिल रहा है कि माहौल समान्य होने के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने पुराने कार्यस्थल पर लौट गए हैं।
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इसके बाद जिलाधिकारियों को नए सिरे से निर्देश जारी किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे द्वितीय चरण में चयनित श्रमिकों व कामगारों के संबंध में सुनिश्चित कर लें कि सम्मिलित पात्र श्रमिक व कामगार वर्तमान में जिले में रह रहे हैं तथा लंबी अवधि तक यहां उनके रुकने की संभावना है। जो प्रवासी श्रमिक लॉकडाउन समाप्ति के बाद प्रदेश के बाहर चले गए हैं, उनके नाम सूची में शामिल न किए जाएं। जिलाधिकारियों को यह कार्यवाही 15 जुलाई तक पूरी करने को कहा गया है।
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