{"_id":"5bb996f4867a556820101540","slug":"workers-union-blames-that-there-is-a-scam-in-new-pension-scheme","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नई पेंशन स्कीम में 5700 करोड़ का घोटाला, कर्मचारी नेता कल करेंगे खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई पेंशन स्कीम में 5700 करोड़ का घोटाला, कर्मचारी नेता कल करेंगे खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 07 Oct 2018 11:17 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्मचारी-शिक्षक-अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेताओं ने नई पेंशन स्कीम में 5700 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को इको गार्डन में होने वाली रैली में इस घोटाले का खुलासा किया जाएगा। बताया जाएगा कि देश के किस राज्य में नई पेंशन स्कीम के तहत एकत्र कितनी धनराशि शेयर बाजार में लगाई गई।
कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि लखनऊ की रैली में पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे और आरपार के संघर्ष का संकल्प लेंगे। इसके बाद अन्य राज्यों की राजधानियों में भी रैलियां होंगी। फिर भी सरकार न चेती तो राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारी एकजुट होकर दिल्ली कूच करेंगे।
पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी, अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द शर्मा, रेलवे के कर्मचारी नेता आरके. पांडेय, वीरेन्द्र तिवारी और जेपी. सिंह शनिवार को यहां रैली की तैयारी को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल 2005 के बाद देेश भर में 5700 करोड़ रुपये नई पेंशन स्कीम में एकत्र हुए। पर, यह रकम कहां जमा है इसका कोई लेखा-जोखा सरकार के पास नहीं है।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 2003 में ही दिल्ली तक साइकिल रैली निकाल कर विरोध दर्ज कराते हुए इस नई योजना की खामियां उजागर की थीं। उस समय राजनाथ सिंह और कल्याण सिंह सहित 52 सांसदों ने पुरानी पेंशन बहाली के पक्ष में सरकार को पत्र भी लिखा था।
विज्ञापन
कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि लखनऊ की रैली में पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे और आरपार के संघर्ष का संकल्प लेंगे। इसके बाद अन्य राज्यों की राजधानियों में भी रैलियां होंगी। फिर भी सरकार न चेती तो राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारी एकजुट होकर दिल्ली कूच करेंगे।
विज्ञापन
पुरानी पेंशन बहाली मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी, अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द शर्मा, रेलवे के कर्मचारी नेता आरके. पांडेय, वीरेन्द्र तिवारी और जेपी. सिंह शनिवार को यहां रैली की तैयारी को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल 2005 के बाद देेश भर में 5700 करोड़ रुपये नई पेंशन स्कीम में एकत्र हुए। पर, यह रकम कहां जमा है इसका कोई लेखा-जोखा सरकार के पास नहीं है।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 2003 में ही दिल्ली तक साइकिल रैली निकाल कर विरोध दर्ज कराते हुए इस नई योजना की खामियां उजागर की थीं। उस समय राजनाथ सिंह और कल्याण सिंह सहित 52 सांसदों ने पुरानी पेंशन बहाली के पक्ष में सरकार को पत्र भी लिखा था।
2005 से मिलने लगे थे घोटाले के संकेत
मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि उप्र में नई पेंशन स्कीम में घोटालेे के संकेत तभी मिलने लगे थे जब तत्कालीन राज्य सरकार ने इसे लागू तो कर दिया लेकिन 2005 से 2008 तक कोई धन जमा नहीं किया। देश भर में एकत्र 5700 करोड़ रुपये कहां खर्च हुए, इसका कोई हिसाब सरकार नहीं बता पाई। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी शम्भू दयाल ने आरटीआई के तहत दी गई सूचना में कहा, केंद्र की नई पेंशन स्कीम राज्यों के लिए अनिवार्य नहीं है।
योजना लागू करना या न करना राज्य सरकारों पर निर्भर है। प्रदेश सरकार ने 2017-18 में 700 करोड़ रुपये अंशदान जमा ही नहीं किया। एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। देश के 27 राज्यों में 26 अगस्त 2017 तक 75968 करोड़ रुपये नई पेंशन स्कीम में जमा हुए लेकिन इसमें सिर्फ 9777 करोड़ का ही हिसाब है। रैली के लिए इको गार्डन पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
योजना लागू करना या न करना राज्य सरकारों पर निर्भर है। प्रदेश सरकार ने 2017-18 में 700 करोड़ रुपये अंशदान जमा ही नहीं किया। एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। देश के 27 राज्यों में 26 अगस्त 2017 तक 75968 करोड़ रुपये नई पेंशन स्कीम में जमा हुए लेकिन इसमें सिर्फ 9777 करोड़ का ही हिसाब है। रैली के लिए इको गार्डन पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।